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कांटे की टक्कर: राष्ट्रपति चुनावी उत्सव में रंगा अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस में “व्हाइट हाउस” जीतने की जंग

USA Presidentital Election 2024 Donald Trump and Kamala Harris in a close fight to win the White House

दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के उत्सव में रंगा हुआ है। विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र की सबसे मजबूत इमारत “व्हाइट हाउस” नए प्रेसिडेंट के स्वागत के लिए तैयार है। इस चुनाव में जीतने वाला व्यक्ति व्हाइट हाउस से देश का नेतृत्व करेगा। अमेरिका में इस बार राष्ट्रपति चुनाव को हाल के इतिहास में सबसे कठिन चुनावों में से एक कहा जा रहा है। दो दिन बाद मंगलवार, 5 नवंबर को अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। इस बार अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान वह सब हो रहा है जो भारतीय राजनीति में भी देखने को मिलता है। प्रचार के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मौजूदा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बीच “जुबानी जंग” भी विश्व भर में सुर्खियों में बनी हुई है। दोनों राष्ट्रपति उम्मीदवार प्रचार के दौरान शब्दों की मर्यादा भी भूल चुके हैं। जहां डोनाल्ड ट्रंप आक्रामक अंदाज में व्हाइट हाउस में एक बार फिर अपना सिंहासन तलाश रहे हैं वहीं कमला हैरिस भी ट्रंप को हटाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस में कांटे की टक्कर जारी है। दोनों नेता जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

USA Presidentital Election 2024 Donald Trump and Kamala Harris in a close fight to win the White House
USA Presidentital Election 2024 Donald Trump and Kamala Harris in a close fight to win the White House

वहीं दूसरी ओर भारत भी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक्टिव है। इस चुनाव का असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे सकता है, ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रंप के जीतने पर अमेरिका की नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी ट्रंप का माइंडसेट अलग है। कमला हैरिस वर्तमान डेमोक्रेट्स की सरकार में उपराष्ट्रपति हैं। जबकि डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन की ओर से 2016 का चुनाव जीते थे और राष्ट्रपति पर रह चुके हैं। ऐसे में जब दोनों ही उम्मीदवारों और उनके विचारों से दुनिया काफी हद तक परिचित है तो यह भी तय है कि दुनिया के देशों की निगाह अमेरिकी चुनाव पर टिकी होगी। अगर हैरिस यह चुनाव जीत जाती हैं तो अमेरिका के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय मूल का उम्मीदवार दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के शीर्ष पद पर आसीन होगा। अगस्त में हैरिस को राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद, विभिन्न भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई अमेरिकी समूह उनके चुनाव प्रचार आदि के लिए धन जुटाने सहित उनके समर्थन में प्रयास कर रहे हैं। अमेरिका में लगभग 52 लाख भारतीय अमेरिकी निवास करते हैं और उनमें से करीब 23 लाख मतदाता हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती भी जग जाहिर है । पीएम मोदी और ट्रंप दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। जहां पीएम मोदी डोनाल्ड ट्रंप को ‘सच्चा दोस्त’ कहते हैं, वहीं ट्रंप मोदी के नेतृत्व और व्यक्तित्व की सराहना करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम के लिए भारत आए थे। इस कार्यक्रम में 1 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को ‘शानदार व्यक्ति’ बताया था और कहा था कि वह क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे, लेकिन यह मुलाकात नहीं हुई। पिछले दिनों चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने आगे कहा कि हम अमेरिका को फिर से मजबूत बनाएंगे और शांति वापस लाएंगे। हम कट्टरपंथी वामपंथ के धर्म विरोधी एजेंडे के खिलाफ हिंदू अमेरिकियों की भी रक्षा करेंगे। हम आपकी आजादी के लिए लड़ेंगे। पूर्व राष्ट्रपति ने भारत से रिश्ते पर कहा कि मेरे प्रशासन के तहत हम भारत और मेरे अच्छे दोस्त, प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी महान साझेदारी को भी मजबूत करेंगे।

USA Presidentital Election 2024 Donald Trump and Kamala Harris in a close fight to win the White House
USA Presidentital Election 2024 Donald Trump and Kamala Harris in a close fight to win the White House

ट्रंप ने सितंबर 2019 में टेक्सास में आयोजित प्रतिष्ठित ‘हाउडी, मोदी’ कार्यक्रम को याद किया, जब पीएम मोदी ने ह्यूस्टन शहर के एनआरजी स्टेडियम में भारतीय-अमेरिकियों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया था। अमेरिका के 50 राज्यों के मतदाता मतदान के जरिए अगले चार साल के लिए राष्ट्रपति चुनेंगे। 5 नवंबर को होने वाले चुनाव में मतदाता अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के सदस्यों के लिए भी मतदान करेंगे। कांग्रेस सदस्य कानूनों को पारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह मुकाबला मौजूदा उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के बीच होना है।राष्ट्रपति का कार्यकाल जनवरी 2025 से शुरू होकर चार साल चलेगा। राष्ट्रपति के पास कुछ कानून स्वयं पारित करने की शक्ति है, लेकिन अधिकांशतः उन्हें कानून पारित करने के लिए संसद (कांग्रेस) के साथ मिलकर काम करना पड़ता है।दोनों मुख्य पार्टियों रिपब्लिकन और डेमोक्रटिक पार्टी में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन राज्यों की प्राइमरी और कॉकस सभाओं में किया जाता है। प्राइमरी और कॉकस दो ऐसे तरीके हैं जिनसे लोग राज्यों और राजनीतिक दलों को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुनने में मदद करते हैं। मतदाता संसद यानी कांग्रेस के नए सदस्यों का भी चुनाव करेंगे।

दरअसल, कांग्रेस अमेरिकी सरकार की विधायी शाखा है जिसके दो भाग हैं – प्रतिनिधि सभा और सीनेट। प्रतिनिधि सभा और सीनेट को हम भारत में लोकसभा और राज्यसभा से समझ सकते हैं। हर राज्य में दो सीनेटर और कम से कम एक प्रतिनिधि होते हैं। प्रतिनिधि सभा यानी निचले सदन की सभी 435 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जबकि 33 सीनेट सीटों पर भी नवंबर में फैसला होगा।18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी अमेरिकी नागरिक चुनाव में मतदान कर सकते हैं।अमेरिकी लोग वास्तव में सीधे तौर पर वोट नहीं देते कि वे किसे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। इसके बजाय वे निर्वाचकों (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) के लिए वोट करते हैं, जो राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पदों के लिए उनके द्वारा चुने गए उम्मीदवार का समर्थन करते हैं। पूरे अमेरिका में कुल 538 निर्वाचक हैं। इनमें से कांग्रेस के हर सदस्य के लिए एक और कोलंबिया जिले से तीन अतिरिक्त निर्वाचक होते हैं।अमेरिका के 50 राज्यों में से सभी की जनसंख्या के आधार पर निर्वाचकों की संख्या तय होती है।जनवरी की शुरुआत में अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ का इलेक्ट्रोरल वोटों की गिनती के लिए एक संयुक्त सत्र होता है। उपराष्ट्रपति गिनती की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हैं और घोषणा करते हैं कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के रूप में किसे चुना गया है। इस मामले में कमला हैरिस गिनती की अध्यक्षता करेंगी। विजेताओं को जनवरी में उनके शपथग्रहण तक निर्वाचित राष्ट्रपति और निर्वाचित उप-राष्ट्रपति कहा जाता है। शपथ ग्रहण समारोह में ही दोनों पद की शपथ लेते हैं और अपना चार वर्षीय कार्यकाल शुरू करने के लिए व्हाइट हाउस में प्रवेश करते हैं।

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Author: AK

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