
US to End Birthright Citizenship: Why Trump’s Order Faces Challenges and Its Impact on India
अमेरिका को 47 वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप मिल चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यभार को संभालते हीं देश में कई बड़े ओर नए बदलाव लाने की घोषणा कर दी है।।उनमें से एक और बदलाव यह होगा कि अब अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता की संवैधानिक गारंटी को समाप्त कर दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश पर देश में काफी विवाद खड़ा हो गया है। न्यू जर्सी समेत 22 से अधिक राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश को चुनौती देने का एलान किया है।
इस कार्यकारी आदेश के तहत न्यू जर्सी के डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल मैट प्लैटकिन ने मंगलवार को कहा कि वह ट्रंप के आदेश पर रोक के लिए मुकदमा दायर करने में 22 प्रांतों ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया’ और सैन फ्रांसिस्को शहर के एक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। प्लैटकिन ने कहा कि राष्ट्रपति के पास व्यापक शक्ति होती है, लेकिन वह शहंशाह नहीं हैं।
ट्रंप के आदेश से अमेरिका में जन्मे लोगों को खुद ब खुद नागरिकता प्रदान करने की नीति समाप्त हो जाएगी। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि वह राष्ट्रपति बनने के बाद ऐसा करेंगे। प्लैटकिन और प्रवासी अधिकार अधिवक्ताओं ने संविधान के 14वें संशोधन का हवाला दिया जिसके अनुसार अमेरिका में जन्मे और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन रहने वाले लोग देश के नागरिक हैं।
क्या है डोनाल्ड ट्रंप का नया आदेश?
आव्रजन नीति और शरणार्थियों को नागरिकता देने की नीतियों में बदलाव से जुड़े कार्यकारी आदेशों के अलावा ट्रंप का एक अहम आदेश जन्म से मिलने वाली नागरिकता खत्म करने से जुड़ा है। इसके तहत अब अवैध शरणार्थियों के बच्चों को अमेरिका में जन्म होने के बावजूद अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल पाएगी। बच्चों के माता-पिता में कम से कम एक का अमेरिकी नागरिक या रहवासी होना जरूरी है।
आदेश के पीछे ट्रंप ने क्या दिया तर्क?
ट्रंप के आदेश के मुताबिक, अगर किसी बच्चे के जन्म के वक्त उसकी मां अवैध तौर पर या अस्थायी तौर पर अमेरिका में थी और उसके पिता के पास अमेरिकी नागरिकता या स्थायी तौर पर रहने की इजाजत नहीं थी, तो ऐसे बच्चों को अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जाएगी।
पहले दिन हीं ट्रंप ने जारी किए कई आदेश
इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को शपथग्रहण के बाद अपने भाषण में रिपब्लिकन सरकार की योजना के बारे में जानकारी दे दी थी। इसी कड़ी में उन्होंने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें कुछ प्रमुख आदेश जन्म से नागरिकता का अधिकार खत्म करने, दक्षिणी सीमा पर आपातकाल लगाने, विश्व स्वास्थ्य संगठन और पेरिस जलवायु समझौते को छोड़ने का कदम, राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल लागू करने की पहल और अमेरिका में सिर्फ दो लिंगों की पहचान से जुड़े आदेश है।
यह भी पढ़े: TRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












