US-Based Hindenburg Research, Known for Financial Fraud Reports Including on India’s Adani Group, Shuts Down Operations
अरबपति गौतम अडानी के रिपोर्टे से दुनिया को हिला देने वाली और उनकी कंपनियों को अरबों डॉलर का नुकसान कराने वाली अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च बंद होने जा रही है। इस बात की जानकारी हिंडनबर्ग के संस्थापक नैट एंडरसन ने दी हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी बंद करने का फैसला काफी बातचीत और सोच कर लिया है। हालांकि एंडरसन ने कंपनी बंद करने का कोई विशेष कारण नहीं बताया है। एंडरसन ने कहा कि फर्म चलाना “जीवन भर का रोमांच रहा है”। हमारी यह योजना थी कि हम जिन विचारों पर काम कर रहे थे, उन्हें पूरा करने के बाद इसे समाप्त कर दिया जाए, और वह दिन आज है।”

2017 में हुई थी हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना
हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना 2017 में हुई थी। इसने उद्योगों में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन उजागर करने के लिए अपना नाम बनाया। इसके बारे में एंडरसन ने कहा, “हमने कुछ ऐसे साम्राज्यों को हिला दिया जिन्हें हिलाने की जरूरत थी।”
अडानी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च ने दिया था रिपोर्ट
25 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह के खिलाफ रिपोर्ट जारी किया था। रिपोर्ट में अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह पर वित्तीय धोखाधड़ी और स्टॉक की कीमत में हेर फेर करने का आरोप लगाया गया था। इस रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया था। रिपोर्ट के अनुसार अडानी एंटरप्राइजेज 20,000 करोड़ रुपए का FPO (follow-on public offer) लॉन्च करने वाला था। इससे कुछ दिन पहले ही यह रिपोर्ट जारी कर दिया गया। आरोप लगाया गया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अडानी समूह के लेन-देन की जांच शुरू की थी, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण यह जांच डेढ़ साल से अधिक समय से रुकी हुई है। इस रिपोर्ट ने बड़े राजनीतिक मुद्दा को जन्म दिया था। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था।
हालांकि अडानी समूह ने हिंडनबर्ग के सभी आरोपों का खंडन किया और उन्हें “निराधार” बताया था। अडानी ग्रुप ने कहा कि हिंडेनबर्ग पर उनके शेयर की कीमतें गिराने के लिए इस तरह के आरोप लगाए हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी समूह को बहुत नुकसान पहुंचाया और इसका असर यह हुआ कि 24 फरवरी 2023 तक अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 59% की गिरावट आ गई थी। इससे कंपनी के बाजार मूल्य से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ था।
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Author: AK
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