
उत्तराखंड में आखिरकार समान नागरिक संहिता यूसीसी लागू करने की तिथि का एलान हो गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार दिल्ली रवाना होने से पहले देहरादून के रायपुर में स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में प्रेस वार्ता के दौरान इस कानून को दो दिन बाद लागू करने की बात कही।
उसके बाद धामी सरकार की ओर से ऑफिशल लेटर भी जारी कर दिया गया। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 27 जनवरी को लागू होगी। सीएम के सचिव शैलेश बगोली ने सभी विभागों को पत्र भेजा है। वहीं, इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यूसीसी के पोर्टल की लॉन्चिंग भी करेंगे। 27 जनवरी से ही नए कानून की अधिसूचना जारी हो जाएगी।
इसके साथ ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून आगमन से ठीक एक दिन पहले राज्य में यूसीसी लागू हो जाएगा। नए कानून के तहत विवाह पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप, लिव-इन में जन्मे बच्चे और लिव-इन रिलेशन के नियमों में बदलाव होंगे। यह मातृ शक्ति का सशक्तीकरण, समाज की एकजुटता और सबके अधिकार को सुरक्षित करेगा। इसमें हिंदू विवाह अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और मुस्लिम पर्सनल ला एप्लीकेशन एक्ट जैसे कानूनों को प्रतिस्थापित कर नए नियम का सरलीकरण किया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण है कि बहुविवाह, बहुपति, हलाला, इद्दत और तीन तलाक जैसी परंपरा पूरी तरह से अमान्य होंगी। संहिता में विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसमें 27 मार्च 2010 के बाद हुए विवाहों का पंजीकरण पहले से किया गया हो, तो सिर्फ सूचना देना पर्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि से इस ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत हो रही है, यह हम सबके लिए गौरवशाली अवसर है।
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Author: AK
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