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Trump Warns 10% Tariff: ट्रंप की धमकी – BRICS समर्थक देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ

English: US to Impose 50% Tariff on India from August 27

ट्रंप ने BRICS नीति मानने वाले देशों को दी चेतावनी, 9 जुलाई तक समझौता नहीं हुआ तो 1 अगस्त से लगेगा 10% टैरिफ।

Trump Warns 10% Tariff on Pro-BRICS Nations


अमेरिका का व्यापारिक हमला: BRICS देशों पर ट्रंप की 10% टैरिफ नीति

विश्व व्यापार में हलचल मचाने वाली एक बड़ी खबर अमेरिका से सामने आई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और आगामी चुनाव के प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से अपने आक्रामक आर्थिक रुख को दोहराते हुए BRICS नीति का समर्थन करने वाले देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप की यह चेतावनी न केवल व्यापारिक साझेदारों को झकझोर रही है, बल्कि इससे वैश्विक आर्थिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है।


टैरिफ नीति का अल्टीमेटम: 9 जुलाई तक करें समझौता, वरना भुगतें परिणाम

अमेरिका का दो टूक संदेश

अमेरिका ने 12 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों को स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि वे 9 जुलाई तक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करते, तो उन्हें 1 अगस्त 2025 से 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

“यह कोई धमकी नहीं है, बल्कि एक पूर्व निर्धारित नीति है जिसे लागू किया जा रहा है।”

उन्होंने CNN को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि अब “समझौते का समय खत्म हो रहा है और टैरिफ एक बूमरैंग की तरह वापस लौटेगा।


ट्रंप की नीति: अधिकतम दबाव, कम समझौते

‘मैक्सिमम प्रेशर’ की रणनीति

ट्रंप प्रशासन की यह नीति ‘मैक्सिमम प्रेशर’ (अधिकतम दबाव) कहलाती है, जिसका उद्देश्य है दूसरे देशों को मजबूर करना कि वे अमेरिका के व्यापारिक हितों के आगे झुकें।

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह

“अब किसी भी देश को फ्री ट्रेड नहीं देगा जब तक वह अमेरिका के शर्तों को स्वीकार नहीं करता।”


किन देशों के साथ हो चुका है समझौता?

ब्रिटेन, वियतनाम और आंशिक रूप से चीन

अब तक जिन देशों के साथ अमेरिका ने व्यापारिक समझौते कर लिए हैं, उनमें प्रमुख हैं:

  • ब्रिटेन: समझौता पूर्ण रूप से हो चुका है।
  • वियतनाम: अमेरिका के शर्तों को मानकर टैरिफ में छूट पाई है।
  • चीन: टैरिफ में अस्थायी कमी की गई है, लेकिन पूरा समझौता अभी नहीं हुआ।

यूरोपीय संघ और फ्रांस जैसे देशों से बातचीत चल रही है, लेकिन जापान और BRICS देशों ने इस नीति का कड़ा विरोध किया है।


BRICS देशों का विरोध: वैश्विक तनाव का नया बिंदु

रियो डि जेनेरियो बैठक में विरोध

BRICS (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने हाल ही में रियो डि जेनेरियो में हुई बैठक में ट्रंप की टैरिफ नीति को

“अवैध, अन्यायपूर्ण और वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए खतरनाक”
कहा।

BRICS देशों का मानना है कि अमेरिका की यह नीति विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन करती है और इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो सकता है।


जापान की चेतावनी और एशियाई असहमति

“हम दबाव में नहीं आएंगे” – जापान

जापान के प्रधानमंत्री ने बयान दिया है कि

“हम इस तरह के एकतरफा दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं। हम अमेरिकी दबाव के बावजूद, अपनी शर्तों पर ही समझौता करेंगे।”

इसके अलावा दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया ने भी चिंता जाहिर की है कि अमेरिकी नीति से एशियाई बाजारों में अस्थिरता पैदा हो सकती है।


ट्रंप की पुरानी नीतियों का पुनरागमन

2017 की नीति की वापसी

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने टैरिफ नीति अपनाई हो।
2017-2020 के अपने कार्यकाल में उन्होंने

  • चीन पर भारी टैरिफ
  • यूरोपीय गाड़ियों पर कर
  • इस्पात और एल्यूमीनियम पर शुल्क
    जैसे फैसले लिए थे, जिनसे अमेरिका और दूसरे देशों के बीच व्यापार युद्ध छिड़ गया था।

अब ट्रंप एक बार फिर उसी राह पर लौटते नजर आ रहे हैं।


क्या होगा वैश्विक असर?

मंदी की आशंका और बाजारों में गिरावट

अगर अमेरिका की यह नीति 1 अगस्त से लागू होती है, तो इसका असर इन क्षेत्रों में देखा जा सकता है:

  1. उत्पादन लागत बढ़ेगी – खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, कृषि उत्पादों में।
  2. उपभोक्ता वस्तुएं महंगी होंगी – इससे अमेरिकी जनता पर भी असर होगा।
  3. वित्तीय बाजारों में अस्थिरता – निवेशकों में डर और अनिश्चितता बढ़ सकती है।
  4. डॉलर के मुकाबले अन्य करेंसी कमजोर होंगी
  5. BRICS और अन्य उभरते देश नए व्यापारिक गठबंधन तलाश सकते हैं

भारत की स्थिति क्या है?

संतुलन की रणनीति

भारत BRICS का हिस्सा है लेकिन अमेरिका का भी एक बड़ा व्यापारिक सहयोगी है। ऐसे में भारत के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत को

  • अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन बनाना होगा
  • WTO और BRICS मंच पर सक्रिय कूटनीति अपनानी होगी
  • स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर टैरिफ के प्रभाव से खुद को सुरक्षित रखना होगा

निष्कर्ष: व्यापारिक टकराव या वैश्विक पुनर्रचना?

डोनाल्ड ट्रंप की यह घोषणा एक बार फिर से साबित करती है कि व्यापार अब केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव का बड़ा हथियार बन चुका है।

1 अगस्त से अगर 10% टैरिफ लागू होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नया भूचाल ला सकता है। BRICS देश और जापान जैसे राष्ट्र इस नीति को चुनौती देंगे, वहीं अमेरिका अपनी बात पर अड़ा रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम से एक बात स्पष्ट है –

आने वाले महीनों में वैश्विक व्यापार जगत में बड़े बदलाव संभव हैं।


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Author: AK

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