बिहार में 1 जून से बस यात्रा महंगी हो गई है। बीएसआरटीसी ने 5 से 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ाया है। जानिए पटना से अलग-अलग शहरों का नया बस किराया।
Bihar Bus Fare Hike from 1 June
बिहार में आज से बस यात्रा हुई महंगी, यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ
बिहार में रोजाना बस से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए जून की शुरुआत महंगी साबित हुई है। राज्य में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा किराया देना होगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी बीएसआरटीसी ने अपनी बस सेवाओं के किराए में बढ़ोतरी का फैसला लागू कर दिया है। नई दरें आज यानी 1 जून से प्रभावी हो गई हैं।
इस फैसले का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों और रोजाना एक जिले से दूसरे जिले जाने वाले यात्रियों पर पड़ने वाला है। खासकर पटना से मुजफ्फरपुर, दरभंगा, औरंगाबाद, सिवान और दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ेगा।
निगम का कहना है कि लंबे समय से किराया स्थिर था, लेकिन डीजल की कीमत, बसों के रखरखाव और ऑपरेशन कॉस्ट लगातार बढ़ रही थी। इसी वजह से किराया संशोधित करना जरूरी हो गया।

किन बसों पर बढ़ा किराया?
नई व्यवस्था के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की अलग-अलग श्रेणी की बसों पर किराया बढ़ा है।
इनमें शामिल हैं—
- साधारण बस सेवा
- एक्सप्रेस बस सेवा
- वातानुकूलित बस सेवा
- डीलक्स बस सेवा
- इंटर-डिस्ट्रिक्ट रूट बसें
यानी राज्य के कई प्रमुख रूटों पर अब नई दरें लागू होंगी।
हालांकि किराया हर रूट और बस की श्रेणी के हिसाब से अलग रहेगा।
कहीं बढ़ोतरी कम है तो कहीं ज्यादा।
कितनी बढ़ी कीमत?
निगम की तरफ से औसतन 5 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ाया गया है।
इसका मतलब यह है कि लंबी दूरी के यात्रियों को थोड़ा ज्यादा असर महसूस होगा।
उदाहरण के तौर पर—
अगर कोई यात्री रोजाना दो शहरों के बीच यात्रा करता है, तो महीने भर में खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ सकता है।
इसी वजह से यह फैसला आम यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
पटना से प्रमुख शहरों का नया किराया
राजधानी पटना से अलग-अलग शहरों तक नॉन-एसी बस सेवा के लिए संशोधित किराया इस प्रकार बताया गया है—
पटना से मुजफ्फरपुर
129 रुपये
पटना से दरभंगा
213 रुपये
पटना से औरंगाबाद
229 रुपये
पटना से सिवान
213 रुपये
ये किराए सामान्य बस सेवा के हिसाब से बताए गए हैं।
एसी और डीलक्स बसों में किराया इससे ज्यादा हो सकता है।
रूट और सेवा के हिसाब से दरें अलग-अलग रहेंगी।
सिटी बसों पर क्या असर?
फिलहाल बीएसआरटीसी की ओर से सिटी बसों की पूरी संशोधित किराया सूची जारी नहीं की गई है।
यानी पटना और दूसरे शहरों के शहरी रूट पर चलने वाली बसों के यात्रियों को अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।
लेकिन राज्य के जिला और लंबी दूरी वाले रूट पर नई दरें लागू मानी जा रही हैं।
बस अड्डों और टिकट काउंटरों पर नई सूची उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
किराया क्यों बढ़ाना पड़ा?
यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि किराया बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी।
निगम की तरफ से कई वजहें बताई गई हैं।
डीजल महंगा
ईंधन खर्च लगातार बढ़ रहा है।
बस संचालन में इसका सबसे बड़ा हिस्सा होता है।
मेंटेनेंस खर्च
बसों की सर्विस और मरम्मत महंगी हो गई है।
स्पेयर पार्ट्स
पार्ट्स की कीमत बढ़ने से रखरखाव खर्च बढ़ा है।
ऑपरेशन कॉस्ट
स्टाफ, संचालन और अन्य खर्च भी बढ़े हैं।
इन्हीं वजहों को देखते हुए निगम ने किराया संशोधन जरूरी बताया।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
बस बिहार में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सार्वजनिक परिवहन है।
हर दिन लाखों लोग इससे सफर करते हैं।
जैसे—
- छात्र कॉलेज जाते हैं
- नौकरीपेशा लोग ऑफिस जाते हैं
- छोटे कारोबारी जिला मुख्यालय आते-जाते हैं
- मरीज इलाज के लिए शहर पहुंचते हैं
- परिवार रिश्तेदारी या जरूरी काम से यात्रा करते हैं
ऐसे में किराया बढ़ने का असर सीधे जेब पर पड़ेगा।
अगर कोई रोजाना बस पकड़ता है तो उसका मासिक खर्च बढ़ना तय है।
छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की चिंता
किराया बढ़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के बीच है।
एक छात्र जो हर सप्ताह अपने शहर से पटना आता-जाता है, उसके खर्च में फर्क पड़ेगा।
इसी तरह नौकरीपेशा लोगों का भी ट्रैवल बजट बढ़ सकता है।
कई लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई का दबाव है।
अब यात्रा खर्च भी बढ़ गया है।
हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अगर सेवा बेहतर हो और समय पर बस मिले तो किराया बढ़ोतरी समझी जा सकती है।
क्या सेवा भी बेहतर होगी?
यात्रियों की उम्मीद सिर्फ किराया बढ़ने तक सीमित नहीं है।
लोग चाहते हैं कि बदले में सुविधाएं भी बेहतर हों।
जैसे—
- समय पर बस सेवा
- साफ-सफाई
- सुरक्षित यात्रा
- बेहतर सीट व्यवस्था
- टिकट सिस्टम आसान होना
- भीड़ नियंत्रण
अगर किराया बढ़ा है तो यात्रियों की उम्मीद भी बढ़ना स्वाभाविक है।
बीएसआरटीसी पर अब सेवा सुधार का दबाव रहेगा।
बिहार में सार्वजनिक परिवहन क्यों अहम?
बिहार में बड़ी संख्या में लोग रोजाना बसों पर निर्भर रहते हैं।
हर जिले को जोड़ने में बस सेवा की बड़ी भूमिका है।
रेल हर जगह उपलब्ध नहीं होती।
ऐसे में बस ही मुख्य साधन बनती है।
गांव और छोटे शहरों के लिए तो यह और भी जरूरी है।
इसी वजह से किराया बढ़ने की खबर सीधे बड़ी आबादी को प्रभावित करती है।
निजी बसों पर क्या असर होगा?
बीएसआरटीसी किराया बढ़ने के बाद निजी बस ऑपरेटर भी स्थिति पर नजर रखेंगे।
अक्सर सरकारी किराया बदलाव का असर निजी सेवाओं पर भी दिखाई देता है।
हालांकि हर निजी ऑपरेटर अपने हिसाब से किराया तय करता है।
लेकिन बाजार में तुलना जरूर होती है।
यात्री अक्सर सरकारी और निजी सेवा के बीच कीमत और सुविधा देखकर फैसला लेते हैं।
क्या आगे और बदलाव संभव?
परिवहन क्षेत्र में खर्च लगातार बदलते रहते हैं।
डीजल, टैक्स और रखरखाव का असर आगे भी पड़ सकता है।
इसी वजह से लोग आने वाले महीनों में भी किराया सूची पर नजर रखेंगे।
अगर महंगाई बढ़ती है तो आगे और बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि अंतिम फैसला निगम की समीक्षा पर निर्भर करेगा।
यात्रा से पहले क्या करें?
अगर आप बिहार में बस से यात्रा करने वाले हैं तो कुछ बातें ध्यान रखें—
टिकट पहले जांच लें
नई दर लागू हो चुकी है।
बस अड्डे की सूचना देखें
काउंटर पर अपडेट मिल सकता है।
रूट कन्फर्म करें
समय और किराया दोनों पता करें।
अतिरिक्त बजट रखें
लंबी दूरी पर खर्च बढ़ सकता है।
छोटी तैयारी से परेशानी कम होगी।
निष्कर्ष
बिहार में 1 जून से बस यात्रा पहले के मुकाबले महंगी हो गई है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने 5 से 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ाकर नई दरें लागू कर दी हैं। पटना से कई प्रमुख शहरों के किराए में बदलाव दिख रहा है और आने वाले दिनों में यात्रियों को इसका असर महसूस होगा।
निगम का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच यह फैसला जरूरी था। वहीं यात्रियों की उम्मीद है कि किराया बढ़ने के साथ सेवाओं में भी सुधार देखने को मिले।
अब बिहार के लाखों यात्रियों के लिए सफर पहले से थोड़ा महंगा जरूर होगा, लेकिन नजर इस बात पर रहेगी कि नई दरों के साथ यात्रा अनुभव कितना बेहतर होता है।
Author: AK
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