
ताइवान में बुधवार को भूकंप के तेज झटके आए हैं। करीब 7.4 की तीव्रता वाले इस भूकंप से कई इमारतों को भारी नुकसान हुआ और सड़कों में दरारे आ गई हैं। इसे ताइवान में बीते 25 साल में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप कहा गया है। भूकंप से अब तक सात लोगों की मौत की खबर है जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत बचाव कार्य जारी है। इसके झटके जापान, चीन और फिलीपींस तक महसूस किए गए। मरने वालों का आंकड़े बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

वहीं, भारत ने ताइवान में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भूकंप ईस्ट ताइवान के हुलिएन शहर में आया। इसका केंद्र धरती से 34 किलोमीटर नीचे था। भारतीय समय के मुताबिक सुबह 5:30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई इमारतें जमींदोज हो गईं, लैंड स्लाइड भी हुई है। भूकंप की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आई हैं, जिनमें इमारतों को ढहते देखा जा सकता है। कई घर और इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गईं। भूकंप की वजह से ताइवान में भारी तबाही हुई है। इसके बाद देशभर में ट्रेन सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं। सोशल मीडिया पर इस भूकंप की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें पांच मंजिला एक इमारत तिरछी हो गई है। जापान और चीन, ताइवान को मदद देने के लिए तैयार हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक, चीन में ताइवान मामलों पर नजर रखने वाले ऑफिस ने कहा कि वो भूकंप से हुए नुकसान से चिंतित है और ताइवान में मदद भेजने को तैयार है। चीन, ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। वहीं, ताइवान अपने आपको स्वतंत्र कहता है। ताइवान में सितंबर 1999 में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस भूकंप से करीब 2,400 लोग मारे गए थे। इसके 25 साल बाद अब लगभग इसी तीव्रता का भूकंप ताइवान के लोगों ने महसूस किया है। इसे देश के सबसे तेज भूकंप में से एक कहा जा रहा है। बता दें कि ताइवान एक ऐसा देश है, जहां बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसकी वजह इस देश की भौगोलिक स्थिति और बनावट है। ये द्वीप राष्ट्र दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के पास स्थित है, इसकी वजह से ताइवान के लोग बार-बार भूकंप का सामना करते हैं। वहीं जापान का अब तक का सबसे बड़ा भूकंप मार्च 2011 में जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आया था, जिसके कारण सुनामी आई और लगभग 18,500 लोग मारे गए या लापता हो गए।
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Author: AK
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