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Stock Market Crash: शेयर बाजार में फिर भूचाल, सेंसेक्स 700 अंक टूटा; निवेशकों को झटका, जानें टॉप गेनर्स और लूजर्स

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी। सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे आया, जानें वजह। Sensex Falls 700 Points, Nifty Under Pressure भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार की तेज बिकवाली के बाद मंगलवार को बाजार ने … Read more

Sensex Falls 700 Points, Nifty Under Pressure

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी। सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे आया, जानें वजह।

Sensex Falls 700 Points, Nifty Under Pressure

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार की तेज बिकवाली के बाद मंगलवार को बाजार ने कमजोर शुरुआत की और कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स करीब 700 अंक तक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के आसपास पहुंच गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का असर दिखाई दिया और सेंसेक्स के ज्यादातर शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

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पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ गई है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के पार चला गया है।

ऐसे में सवाल है कि आखिर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? सेंसेक्स और निफ्टी के कौन से शेयर सबसे ज्यादा टूटे? किन शेयरों में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को सोमवार को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान कैसे हुआ? आइए पूरी तस्वीर समझते हैं।

सेंसेक्स 700 अंक तक टूटा, निफ्टी भी फिसला

मंगलवार को 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ 72,633.68 के स्तर पर खुला। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 22,732.45 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता दिखाई दिया।

लेकिन बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद बिकवाली तेज हो गई। सुबह 9:37 बजे सेंसेक्स 704.88 अंक यानी 0.97 फीसदी गिरकर 72,066.84 के स्तर पर पहुंच गया।

निफ्टी की स्थिति भी कमजोर रही। सुबह 9:39 बजे निफ्टी 203.55 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 22,576.70 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट का सामना कर रहा है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में सिर्फ 2 में तेजी

मंगलवार की सुबह सेंसेक्स में बिकवाली कितनी व्यापक थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 30 शेयरों में से सिर्फ दो शेयर हरे निशान में थे। बाकी 28 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स के टॉप गेनर्स

शुरुआती कारोबार में सनफार्मा और अडानी पोर्ट्स ने मामूली बढ़त दिखाई।

शेयरबढ़त
सनफार्मा0.20%
अडानी पोर्ट्स0.12%

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच इन दोनों शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।

ये शेयर सबसे ज्यादा टूटे

सेंसेक्स के कई बड़े और चर्चित शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस शुरुआती कारोबार में प्रमुख लूजर्स में शामिल रहे।

शेयरगिरावट
बजाज फाइनेंस2.05%
एचडीएफसी बैंक1.57%
कोटक महिंद्रा बैंक1.38%
रिलायंस इंडस्ट्रीज1.29%
इंफोसिस1.24%

इन शेयरों में गिरावट का सीधा असर सेंसेक्स पर भी दिखाई दिया, क्योंकि बड़े बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में कमजोरी से प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बढ़ता है।

निफ्टी में 50 में से 44 शेयर लाल निशान में

निफ्टी 50 का हाल भी सेंसेक्स से बहुत अलग नहीं रहा। सुबह करीब 10:02 बजे निफ्टी के 50 शेयरों में से सिर्फ 6 शेयर बढ़त में थे, जबकि 44 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

इससे साफ है कि बाजार में गिरावट केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली दिखाई दे रही थी।

निफ्टी के टॉप गेनर्स

शुरुआती कारोबार में फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच मजबूती दिखाई।

शेयरबढ़त
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज1.19%
सिप्ला0.42%
सनफार्मा0.22%

निफ्टी के टॉप लूजर्स

दूसरी तरफ टाटा कंज्यूमर, एचडीएफसी लाइफ, जियो फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और विप्रो में दबाव देखने को मिला।

शेयरगिरावट
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स2.73%
एचडीएफसी लाइफ2.33%
जियो फाइनेंस2.18%
बजाज फाइनेंस2.16%
विप्रो1.58%

यह आंकड़े शुरुआती कारोबार के हैं। दिनभर शेयरों की कीमतों में बदलाव के कारण टॉप गेनर्स और लूजर्स की स्थिति बाद में बदल सकती है।

सोमवार को भी बाजार में मची थी भारी बिकवाली

मंगलवार की गिरावट को समझने के लिए सोमवार के बाजार पर नजर डालना जरूरी है। 28 सितंबर को भी घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी।

सोमवार को सेंसेक्स 73,734.83 के स्तर पर गिरावट के साथ खुला था। निफ्टी ने भी 23,064 के स्तर के आसपास कमजोर शुरुआत की थी।

कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी टूटकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी की गिरावट के साथ 22,780.25 पर बंद हुआ।

यानी मंगलवार को बाजार की कमजोरी किसी एक दिन की घटना नहीं थी। लगातार दो कारोबारी सत्रों में भारी गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ाई है।

निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये हुए कम

सोमवार की भारी गिरावट का असर बाजार के कुल मार्केट कैप पर भी पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

सोमवार को कारोबार खत्म होने के बाद बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 474 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह गया।

मार्केट कैप में इतनी बड़ी गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सभी निवेशकों ने समान अनुपात में पैसा खोया। इसका अर्थ मुख्य रूप से यह है कि सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के बाजार मूल्य में सामूहिक रूप से बड़ी कमी आई।

शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें क्या हैं?

बाजार में गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। यही वजह है कि निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है।

1. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

भारत के लिए यह चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है।

2. कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर के करीब

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी चिंता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

तेल महंगा होने पर भारत का आयात बिल बढ़ सकता है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ने और महंगाई से जुड़ी चिंताएं पैदा होने की संभावना रहती है।

तेल की कीमतों में तेजी का असर उन कंपनियों पर भी पड़ सकता है जिनकी लागत ऊर्जा और ईंधन की कीमतों से जुड़ी है।

3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। जब अमेरिकी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो निवेशक उभरते बाजारों में जोखिम लेने के बजाय अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी एसेट्स की ओर देख सकते हैं।

इसका असर भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश पर पड़ सकता है।

4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी दबाव बढ़ा रही है। सितंबर 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजार से 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की है।

जब विदेशी संस्थागत निवेशक बड़े स्तर पर शेयर बेचते हैं, तो बाजार में उपलब्ध बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसका असर खासतौर पर बड़े और ज्यादा कारोबार वाले शेयरों पर दिखाई देता है।

5. रुपया 96 के पार

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में है। रुपया 96 के पार जाकर करीब 96.1450 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

रुपये की कमजोरी का असर आयात लागत पर पड़ सकता है। खासकर कच्चे तेल जैसे डॉलर में खरीदे जाने वाले उत्पाद महंगे हो सकते हैं।

निफ्टी का 52 हफ्ते का हाई और लो कितना है?

निफ्टी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 26,373.20 रहा है, जबकि 52 हफ्ते का निचला स्तर 22,182.55 है।

मौजूदा गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बाजार इन स्तरों के आसपास किस तरह कारोबार करता है। हालांकि केवल एक या दो कारोबारी सत्र देखकर बाजार की आगे की दिशा तय करना मुश्किल होता है।

बाजार की गिरावट से आम निवेशक क्या समझें?

जब शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट आती है तो निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन शेयर बाजार में हर गिरावट का मतलब यह नहीं होता कि सभी कंपनियों के कारोबार में अचानक बड़ी खराबी आ गई है।

कई बार वैश्विक घटनाक्रम, ब्याज दरों की उम्मीद, मुद्रा विनिमय दर, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी पूंजी का प्रवाह जैसे कारक पूरे बाजार को एक साथ प्रभावित करते हैं।

इसी तरह बाजार में तेजी आने पर भी सभी कंपनियों की स्थिति एक जैसी नहीं होती। इसलिए सेंसेक्स और निफ्टी में होने वाले बदलाव को समझने के साथ-साथ संबंधित कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और सेक्टर की स्थिति को देखना भी जरूरी है।

आगे बाजार की नजर किन चीजों पर रहेगी?

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।

इसके अलावा भारतीय बाजार में कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन, घरेलू आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंक से जुड़े संकेत भी महत्वपूर्ण होंगे।

मंगलवार की शुरुआती गिरावट ने एक बार फिर दिखाया है कि भारतीय शेयर बाजार वैश्विक घटनाक्रम से कितना प्रभावित हो सकता है। फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में हैं और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

आज के बाजार की बड़ी बातें एक नजर में

  • सेंसेक्स 72,633.68 के स्तर पर खुला।
  • निफ्टी 22,732.45 के स्तर पर खुला।
  • शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 700 अंक तक टूटा।
  • निफ्टी 22,600 के नीचे पहुंचा।
  • सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर गिरावट में रहे।
  • निफ्टी के 50 में से 44 शेयर लाल निशान में थे।
  • सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक टूटा था।
  • सोमवार को निफ्टी 360.25 अंक गिरा था।
  • सोमवार की गिरावट में बाजार पूंजीकरण करीब 8 लाख करोड़ रुपये घटा।
  • कच्चे तेल की कीमत करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची।
  • रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के पार रहा।
  • सितंबर में विदेशी निवेशकों की बिकवाली 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई।

फिलहाल शेयर बाजार में दबाव कई वैश्विक और घरेलू कारणों के एक साथ असर का नतीजा दिखाई दे रहा है। मंगलवार की शुरुआत में हुई भारी बिकवाली ने निवेशकों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है। अब बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और आने वाले आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी।

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AK
Author: AK

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