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केजरीवाल के मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम के इस्तीफे के बाद भी भाजपा क्यों उठा रही है सवाल

केजरीवाल के मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम, अभी हाल ही में हिन्दू-बौद्ध विरोधी बयान देने के बाद से ही सवालों के घेरे में आये हैं। इसके बाद जब विरोध ज्यादा हो गया तो गौतम को इस्तीफा देना पड़ा जिसे उन्होंने अपना स्वेच्छा बताया है। लेकिन भाजपा को अभी भी गुरेज है इस इस्तीफे को लेकर। भारतीय … Read more

Rajendra Pal Gautam resigned
Rajendra Pal Gautam has Resigned from Kejriwal Cabinet
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केजरीवाल के मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम, अभी हाल ही में हिन्दू-बौद्ध विरोधी बयान देने के बाद से ही सवालों के घेरे में आये हैं। इसके बाद जब विरोध ज्यादा हो गया तो गौतम को इस्तीफा देना पड़ा जिसे उन्होंने अपना स्वेच्छा बताया है। लेकिन भाजपा को अभी भी गुरेज है इस इस्तीफे को लेकर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के इस्तीफा को हिंदुओं और भाजपा की जीत बताया और साथ ही इस इस्तीफे के पीछे का कारण भी बताया।

भाजपा का कहना है कि जब गुजरात में चुनाव है और वहां केजरीवाल अपनी हार को बखूबी भांप चुके हैं इसलिए उन्हें यह डर सता रहा है कि गुजरात के हिन्दू भाई बहन उन्हें कभी भी वोट नहीं देने वाले हैं इसलिए अब उन्होंने अपने मंत्री से इस्तीफा दिला दिया है। आदेश गुप्ता ने यह भी कहा कि जिस प्रकार केजरीवाल के इशारों पर राजेंद्र पाल गौतम ने हिंदू देवी देवताओं का अपमान किया उसके बदले सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं है बल्कि उन्हें देशवासियों से माफी भी मांगनी चाहिए।

बतौर आदेश गुप्ता , हिन्दू देवी देवताओं का अपमान कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। केजरीवाल का हिन्दू विरोधी चेहरा अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। गुजरात में केजरीवाल जय श्री कृष्णा करते हैं। मंदिरों के दर्शन करते हैं लेकिन वह सिर्फ चुनाव तक ही क्योंकि उनका ट्वीटर अगर आप देखें तो उसपर वे नफरत फैलाने का काम करते हैं। आज देश के करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है, लेकिन बावजूद उसके राजेंद्र पाल गौतम ने किसी से माफी नहीं मांगी। केजरीवाल को खुद माफी मांगी चाहिए क्योंकि वह कई बार स्वास्तिक चिन्ह अपमान कर चुके हैं।

हिन्दू-बौद्धों के सम्बंध को रक्त और मांस के सम्बंध बताते हुए गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल किस मानसिकता के व्यक्ति हैं यह कई बार दिखा चुके हैं। एक संवैधानिक पद पर बैठने के बावजूद वे जिस तरह से हिंदू धर्म विरोधी बातें करते हैं वह उन्हें संविधान यह अधिकार नहीं देता है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं और बौद्धों को अलग करने का काम किया है, उसे पूरी दुनिया ने देखा है और इसका परिणाम उन्हें गुजरात चुनाव हारकर ही चुकाना होगा।

AK
Author: AK

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