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President Muizzu’s Party Wins Maldives Polls

President Muizzu's Party Wins Maldives Polls

मालदीव संसदीय चुनाव में चीन समर्थक राष्ट्रपति मुइज्जू की पार्टी को मिला स्पष्ट बहुमत, भारत के लिए झटका

President Muizzu's Party Wins Maldives Polls

मालदीव में रविवार को संसदीय चुनाव के लिए वोट डाले गए। चुनाव में चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। राष्ट्रपति मुइज्जू अपनी भारत विरोधी नीतियों के चलते सुर्खियों में बने हुए थे। हालांकि राष्ट्रपति बनने के बाद भी मालदीव की संसद में उनकी पार्टी का बहुमत नहीं था। कुल 93 सीटों में से मुइज्जू की पार्टी को 66 सीटों पर जीत मिली हैं। इसके आलावा 6 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों की भी जीत हुई है। मालदीव के चुनाव में मुइज्जू की पार्टी की जीत को भारत के लिए झटका माना जा रहा है। मुइज्जू चीन के समर्थन में लगातार बयान देते रहे हैं। राष्ट्रपति मुइज्जू को पिछले सितंबर में पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के प्रॉक्सी के रूप में चुना गया था। उन्होंने अपने चुनाव के दौरान देश की “इंडिया फर्स्ट” नीति को खत्म करने का वादा किया था। चीन समर्थक नेता के रूप में देखे जाने वाले मुइज्जू के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव से कुछ ही दिन पहले, विपक्षी दलों ने 2018 से उनके कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट लीक होने के बाद राष्ट्रपति के खिलाफ जांच और महाभियोग चलाये जाने की मांग की। हालांकि मुइज्जू ने इस आरोप को खारिज कर दिया। बता दें कि मुइज्जू पिछले साल सितंबर में मोहम्मद सोलिह को हराकर राष्ट्रपति बने थे। संसद में अभी सोलिह की पार्टी मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत था। इससे मुइज्जू के लिए नए विधेयकों को पारित करना कठिन हो रहा था। ऐसे में नए कानून बनाने के लिए मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी के लिए संसदीय चुनाव जीतना जरूरी था।मालदीव में राष्ट्रपति को जनता सीधे तौर पर पांच साल के कार्यकाल के लिए चुनती है। 2023 के राष्ट्रपति चुनावों में मुइज्जू अपने प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद सोलिह को हराकर विजयी हुए थे। वहीं, संसद जिसे मजलिस कहते हैं, उसके लिए अलग वोटिंग होती हैं। इसके सभी सदस्य 5 साल के लिए चुने जाते हैं।मालदीव का विपक्ष भारत से अच्छे संबंध रखने की मांग करता है, जबकि सत्ताधारी गठबंधन विदेश नीति में भारत से ज्यादा चीन को तवज्जो देता है। सत्ता में आने के कुछ ही समय बाद, मुइज्जू ने तैनात भारतीय सैनिकों के एक छोटे समूह को बाहर निकालने के लिए दबाव बनाया था। उन्होंने चीन का भी दौरा किया था और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। अपनी वापसी पर, उन्होंने कहा, हम छोटे हो सकते हैं, लेकिन इससे उन्हें हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन इस टिप्पणी को भारत पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया था।

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Author: AK

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