DW Samachar – Header
BREAKING

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त तेवरों से घबराया पाकिस्तान अब मदद मांगने रूस के पास पहुंचा

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त तेवरों को देखते हुए पाकिस्तान अब कई देशों से मदद मांगने लगा है। पाकिस्तान उन देशों से बात कर रहा है जिनसे भारत के साथ अच्छे संबंध हैं । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिका, सऊदी अरब समेत कई देशों से भारत का दवाब डलवाने … Read more

Pakistan, frightened by India's tough stand after the Pahalgam terror attack, has now reached Russia for help

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त तेवरों को देखते हुए पाकिस्तान अब कई देशों से मदद मांगने लगा है। पाकिस्तान उन देशों से बात कर रहा है जिनसे भारत के साथ अच्छे संबंध हैं । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिका, सऊदी अरब समेत कई देशों से भारत का दवाब डलवाने के लिए बात कर चुके हैं। पाकिस्तान चीन से भी मदद मांग चुका है। अब पाकिस्तानी सरकार ने भारत के खास दोस्त रूप से गुहार लगाई है। पीएम मोदी द्वारा सेना को कार्रवाई की खुली छूट दिए जाने की घोषणा किए जाने के बाद से पड़ोसी देश की बौखलाहट साफ तौर पर देखी जा सकती है। इस विवाद की शुरुआत में पाकिस्तान के कुछ नेताओं ने तो गीदड़भभकी दिखाई थी। लेकिन अब रक्षा मंत्री से लेकर पूर्व विदेश मंत्री तक ने यह कबूल किया है कि पाकिस्तान को आतंकियों को मदद करने का गंदा काम करते रहा है। इस बीच भारत के एक्शन से डरा पाकिस्तान अब दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा है। पाकिस्तान ने अब भारत के खास दोस्त रूस से गुहार लगाई है कि वो भारत को समझाए, वो हमला न करे। मॉस्को में पाकिस्तान के राजदूत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ बढ़ते तनाव को कम करने में रूस की मदद मांगी है। एक साक्षात्कार में राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली ने कहा कि रूस की भारत के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी है और पाकिस्तान के साथ भी उसके बहुत अच्छे संबंध हैं, ऐसे में वह 1966 के ताशकंद समझौते की तरह मध्यस्थता के लिए अपने अच्छे संबंधों का इस्तेमाल कर सकता है। ताशकंद में तत्कालीन सोवियत संघ के प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने में मदद की थी। यह इंटरव्यू बाद में न्यूज एजेंसी ‘टीएएसएस’ ने प्रकाशित किया।

भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोका:

इससे पहले शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दोनों पक्षों से 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र की भावना के अनुरूप पहलगाम हमले के बाद तनाव कम करने का आग्रह किया था, जिसमें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बिना द्विपक्षीय रूप से मुद्दों को हल करने का प्रावधान है। वहीं भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक दिया है और झेलम पर किशनगंगा परियोजना से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है। यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर दिया है और स्लुइस गेट नीचे कर दिए हैं, जिससे पाक की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। वहीं, किशनगंगा बांध के लिए भी इसी तरह के अभियान की योजना बनाई गई है यह जानकारी नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के एक अधिकारी ने दी।

Digital Women Trust

यह भी पढ़ेTRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स

यह भी पढ़ेBAFTA Awards 2025:ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ समेत 4 भारतीय फिल्मों का देखेगा BAFTA 2025 में जलवा , यहां देखें फिल्मों की लिस्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़