
सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग और मालदीव के दुनिया में एकमात्र हिंदू राष्ट्र नेपाल ने भी भारतीय मसालों एवरेस्ट और एमडीएच पर प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाल के डिपार्टमेंट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी के स्पोक्सपर्सन मोहन कृष्ण महारजन ने कहा कि मसालों में हानिकारक केमिकल पाए जाने की खबर आने के बाद ये कदम उठाया गया। इन दो ब्रांड्स के मसालों में केमिकल के लिए जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने तक प्रतिबंध जारी रहेगा। 5 मई को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया था, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि भारतीय फूड कंट्रोलर जड़ी-बूटियों और मसालों में तय मानक से 10 गुना ज्यादा कीटनाशक मिलाने की अनुमति देता है। हालांकि, संस्था ने माना था कि कुछ कीटनाशक, जो भारत में केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और रजिस्ट्रेशन कमेटी से रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनके लिए यह लिमिट बढ़ाई गई थी। पिछले महीने सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग और मालदीव ने भारतीय मसाला ब्रांड एवरेस्ट और एमडीएच के कुछ मसालों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी इन कंपनियों के मसालों की जांच कर रहा है। वहीं ब्रिटेन की खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने एक्शन लेते हुए कहा कि भारत से आने वाले सभी मसालों पर जहरीले कीटनाशकों की जांच को ओर भी ज्यादा सख्त कर रही है। इसमें एथिलीन ऑक्साइड भी शामिल है। इतना ही नहीं, न्यूजीलैंड में दोनों भारतीय मसालों की जांच की जा रही है। एथिलीन ऑक्साइड इंसानों में कैंसर की बीमारी पैदा करने वाले रसायन के रूप में जाना जाता है। बता दें कि दोनों कंपनियां केवल विदेश में ही नहीं बल्कि देश में भी जांच का सामना कर रही हैं। घरेलू फूड सेफ्टी रेगुलेटर एफएसएसएआई ने उनके अलग-अलग मसालों की जाचं तेज कर दी है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने देश भर में मसालों के 1,500 से ज्यादा सैंपल इकट्ठा किए हैं और इनकी गहनता से जांच की जा रही है। सरकार का कहना है कि अगर यह सभी सैंपल जांच में खरे नहीं उतरते हैं तो कंपनियों के प्रोडक्टस के लाइसेंस रद किए जा सकते हैं।
Author: AK
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