
Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar Cleared in ₹1000 Crore Benami Property Case
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को बेनामी संपत्ति मामले में बड़ी राहत मिली है। अक्तूबर 2021में दर्ज हुइ बेनामी संपत्ति मामले में उन्हें क्लीनचिट मिल गई है। आयकर विभाग ने उनके घर दफ्तर और रिश्तेदारों के यहां से 1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की थी। तब अजित पवार के रिश्तेदार, उनकी बहनें और करीबी सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उनकी पत्नी बच्चों की संपत्ति भी जब्त की थी।
अजित पवार को यह राहत इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण से मिली है। न्यायाधिकरण ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के स्वामित्व के आरोपों को खारिज कर दिया है।
बता दें कि यह मामला अक्तूबर 2021 का है, जब अजित पवार पर आयकर विभाग ने कई कंपनियों के छापेमारी की थी। विभाग को छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले थे, जिनमें अजित पवार और उनके परिवार की संपत्ति होने की बात सामने आई थी।
पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर हुआ फैसला
आयकर विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि यह सब बेनामी संपत्तियां थीं। लेकिन 5 नवंबर को अपीलीय न्यायाधिकरण ने आयकर विभाग के दावों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। ट्रिब्यूनल ने ये भी पाया कि कड़ी जोड़ने की कोशिश की गई थी। इस फैसले के बाद आयकर
विभाग ने सभी संपत्तियों को मुक्त कर दिया। सारी संपत्तियों को टैक्स के दायरे से मुक्त बताया गया है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि इनमें से कोई भी संपत्ति सीधे एनसीपी नेता के नाम पर पंजीकृत नहीं थी। जानकारी के मुताबिक, जो संपत्तियां सीज की गई थीं, उनमें महाराष्ट्र के सतारा में जरंदेश्वर शुगर फैक्ट्री, मुंबई में एक आधिकारिक परिसर, दिल्ली में एक फ्लैट, गोवा में एक रिसॉर्ट और महाराष्ट्र में 27 अलग-अलग जगहों पर भूखंड शामिल हैं।



















