विंग्स फाउंडेशन अकादमी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में किया गया जागरूक
जहानाबाद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद की ओर से संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के तहत गुरुवार को विंग्स फाउंडेशन अकादमी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल संरक्षण, साइबर अपराध और निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के सचिव बृजेश कुमार उपस्थित रहे। उनके साथ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण और पैरा लीगल वॉलंटियर कौशल किशोर भी मौजूद थे। विद्यालय के निदेशक संतोष शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव बृजेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने और शारीरिक व मानसिक शोषण से मुक्त रहने का अधिकार है। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, उत्पीड़न या शोषण की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित प्राधिकार को इसकी जानकारी दें।
अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण ने बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग तथा अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए किताबी शिक्षा के साथ अपने अधिकारों और डिजिटल दुनिया के खतरों को समझना भी जरूरी है। किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, धमकी या उत्पीड़न की स्थिति में डरने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, “सपने तभी ऊंची उड़ान भरते हैं, जब बचपन सुरक्षित और भयमुक्त होता है।”
इस दौरान विद्यार्थियों को चार महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सहायता, 1930 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन और 15100 निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन शामिल हैं। अधिवक्ता ने विद्यार्थियों से इन नंबरों को याद रखने और जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने की अपील की।उन्होंने सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने, अनजान लोगों को पासवर्ड और ओटीपी नहीं बताने तथा ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तत्काल अभिभावकों को जानकारी देने की सलाह दी। साथ ही बताया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार तत्पर है।अंत में विद्यालय के निदेशक संतोष शर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संदेश था कि हर बच्चे का सुरक्षित बचपन उसका अधिकार है और इसकी रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
Jehanabad News: Students informed about their legal rights under the ‘Safe Childhood’ campaign



















