भूस्खलन के बाद 22 दिनों से रुकी मां वैष्णो देवी यात्रा अनुकूल मौसम में फिर शुरू हुई। श्रद्धालुओं में उत्साह, नवरात्र पर भारी भीड़ की उम्मीद।
Maa Vaishno Devi Yatra Resumes: Devotees Rejoice

मां वैष्णो देवी यात्रा का पुनः शुभारंभ
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित त्रिकुटा पर्वत पर बने पवित्र मां वैष्णो देवी मंदिर तक जाने वाली यात्रा आखिरकार 22 दिनों के लंबे इंतजार के बाद फिर से शुरू हो गई है। कटड़ा से लेकर भवन तक का मार्ग 26 अगस्त को हुए विनाशकारी भूस्खलन के कारण बंद कर दिया गया था, जिसमें 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। अब मौसम अनुकूल होने और रास्ते के सुरक्षित घोषित होने के बाद श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रा को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया।
Shri Mata Vaishno Devi Yatra resumes after 22 days of closure due to bad weather & landslides. Pilgrims rejoice as they reach #Katra for long-awaited darshan. @OfficialSMVDSB @diprjk @airnewsalerts @dioreasi1 @DMReasi @PIBSrinagar
— Akashvani News Jammu (@radionews_jammu) September 17, 2025
Video credit: @devjmu pic.twitter.com/tRID2Segni
श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
कटड़ा शहर, जो इस यात्रा का आधार शिविर है, वहां रुके हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह खबर किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। बुधवार सुबह जैसे ही श्राइन बोर्ड ने घोषणा की कि यात्रा फिर से शुरू होगी, श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे। तड़के ही बड़ी संख्या में लोग बाणगंगा दर्शनी द्वार पर जुट गए और “जय माता दी” के नारों के साथ यात्रा का शुभारंभ किया।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं

RFID आधारित ट्रैकिंग
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी श्रद्धालुओं के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पत्र (RFID) आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य होगी। इससे यात्रियों की गतिविधि पर नज़र रखी जा सकेगी और किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सकेगी।
जरूरी पहचान पत्र
सभी यात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सभी को निर्धारित मार्गों का पालन करना होगा और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ सहयोग करना आवश्यक है।
तीर्थयात्रियों की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र से आए एक समूह की महिला श्रद्धालु ने कहा—“हम दो दिन पहले पुणे से कटड़ा पहुंचे थे। इंतजार करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन हमें यकीन था कि अपने गृह नगर लौटने से पहले दर्शन जरूर करेंगे। आज जब यात्रा शुरू हुई, तो हमें अपार खुशी मिली।”
श्रद्धालुओं का मानना है कि इतने दिनों बाद मां के दर्शन करना उनके लिए आशीर्वाद से कम नहीं है। कई श्रद्धालुओं ने श्राइन बोर्ड की तैयारियों और व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए यात्रा करना सुरक्षित महसूस हो रहा है।
नवरात्र से पहले शुभ संकेत
आने वाले दिनों में, विशेषकर 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र के दौरान, भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हर साल नवरात्र में लाखों लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आते हैं। इस बार यात्रा के पुनः शुरू होने से भक्तों का उत्साह दोगुना हो गया है।
भूस्खलन का असर और पुनर्निर्माण
26 अगस्त को हुए बड़े भूस्खलन ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। भारी जनहानि और मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की वजह से यात्रा तुरंत स्थगित कर दी गई थी। पिछले 22 दिनों में प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने मिलकर मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा उपायों को दुरुस्त किया। अब यात्रियों के लिए भवन तक दोनों मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए गए हैं।
कटड़ा का मौसम: क्या रहेगा हाल?
सामान्य से अधिक तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। श्रीनगर का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
जम्मू संभाग में 16 से 19 सितंबर तक गरज-चमक, आंधी और 40 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सतर्क रहने और नियमित रूप से अपडेट लेते रहने की सलाह दी है।
यात्रा की अहमियत
आस्था और विश्वास
मां वैष्णो देवी यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। 22 दिनों तक यात्रा रुकी रही, लेकिन जैसे ही मौसम अनुकूल हुआ, भक्तों की उमंग फिर से लौट आई।
आर्थिक दृष्टि से महत्व
इस यात्रा का जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ता है। कटड़ा और आसपास के क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य सेवाएँ तीर्थयात्रियों पर निर्भर हैं। यात्रा शुरू होने से स्थानीय व्यवसायों में भी रौनक लौट आई है।
अधिकारियों की अपील
श्राइन बोर्ड ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, आधिकारिक संचार माध्यमों से ही अपडेट प्राप्त करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। अधिकारियों का कहना है कि यह पवित्र यात्रा हमारी सामूहिक आस्था और दृढ़ता की पुष्टि है, और सभी को मिलकर इसकी पवित्रता और गरिमा बनाए रखनी होगी।
निष्कर्ष
22 दिनों के लंबे इंतजार के बाद मां वैष्णो देवी यात्रा का पुनः आरंभ श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत और खुशी की खबर है। कटड़ा से भवन तक का मार्ग अब सुरक्षित घोषित किया गया है और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है। आने वाले नवरात्र में भारी भीड़ की संभावना है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त की जाएगी। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच भी भक्तों का उत्साह यह दर्शाता है कि आस्था और विश्वास हर कठिनाई से ऊपर है।
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Author: AK
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