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विश्वनाथ कॉरिडोर में बिना टिकट दर्शन कराने के नाम पर ऐंठे जा रहे हैं पैसे, शिकायत पीएमओ तक आई तो वाराणसी प्रशासन हिल गया

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पूजा-अर्चना, धर्म और फिर उससे शुरु होता है ठगी। यह कभी भी भारतीय परंपरा नहीं रही है लेकिन पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि बदलते परिवेश के कारण धर्म के नाम पर ठगी करने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। वारणसी में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है और वह भी पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घटित विश्वनाथ कॉरिडोर के पास। श्रद्धालुओं की तादाद बढ़ी है तो ठगी के मामलों में भी इजाफा हुआ है फिर बात वाराणसी से सीधे पीएमओ ऑफिस दिल्ली तक पहुंच गई है।

मामला पीएमओ पहुंचते ही वाराणसी पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है। उसने विश्वनाथ कॉरिडोर के आस-पास जितने भी दुकानदार हैं उन्हें रेट लिस्ट तैयार करने का निर्दश जारी कर दिया है। पुलिस ने कॉरिडोर के आस-पास जितने भी फूल माला और प्रसाद लेकर बैठने वाले दुकानदार हैं, उनसब की बैठक बुला ली। इसके बाद उन्हें रेट लिस्ट बनाने के अल्टीमेट जारी कर दिया। साथ ही कड़ी चेतावनी भी दी गई है कि अगर रेट लिस्ट जारी करने के बाद उससे अधिक पैसों में फूल-माला और प्रसाद बेचते हुए कोई दुकानदार पकड़ा जाता है तो उसपर कड़ी कार्रवाई होगी।

इतना ही नहीं पुलिस ने यह भी निर्देश जारी कर कहा है कि अगर कोई बच्चा किसी भी दुकान पर काम करते हुए पकड़ा जाता है तो उस दुकानदार के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब अचानक यह ठगी और अफरातफरी का माहौल कैसे उठा। दरअसल दिल्ली के एक व्यक्ति विश्वनाथ कॉरिडोर में भगवान का दर्शन करने पहुंचा था लेकिन अचानक ही उससे मंदिर का ही एक पांडा मिला और दर्शन कराने के नाम पर पांच हज़ार रुपये ऐठ लिया। व्यक्ति ने इसकी शिकाय पीएमओ में कर दी और फिर पीएमओ से फरमान उत्तर प्रदेश पुलिस के पास पहुंचा। वाराणसी के स्थानीय पुलिस को जब यह बात पता लगा तो उसने जल्दबाजी में पहले बैठक बुला ली।

चौक थाने में बुलाई गई कॉरीडोर के आस-पास फूल-माला और प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों की बैठक में खुद एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पाण्डेय भी मौजूद रहें। उन्होंने खुद दुकानदारों से कहा कि आज उनकी नौकरी खतरे में आ चुकी है क्योंकि पीएमओ की तरफ से एक फरमान आया है और इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि किसी पांडा ने बाबा के दर्शन बिना किसी टिकट के कराने के नाम पर पांच हज़ार रुपये की घूस लेकर रफूचक्कर हो गया है। इसके बाद DG ऑफिस के साथ ही मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट भी कर दिया। विश्वनाथ मंदिर से एक पुलिस अधिकारी को हटा भी दिया गया।

AK
Author: AK

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