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Jehanabad News: धर्मगुरुओं ने संभाली बाल विवाह की रोकथाम की कमान

Jehanabad News: धर्मगुरुओं ने संभाली बाल विवाह की रोकथाम की कमान
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जहानाबाद (बिहार)। जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यरत संगठन तटवासी समाज न्यास द्वारा विभिन्न धर्मों के पुरोहितों और धर्मगुरुओं के बीच चलाए गए जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है। संगठन ने अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम को ध्यान में रखते हुए इस पहल की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य जिले में बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करना है।

संगठन के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि धर्मगुरुओं से मिला सहयोग व समर्थन अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस अक्षय तृतीया पर जिले में एक भी बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा। जिले के मंदिरों और मस्जिदों के बाहर अब यह बोर्ड लगा दिया गया है कि “यहां बाल विवाह की अनुमति नहीं है।”

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उन्होंने बताया कि बाल विवाह रोकने की इस मुहिम के तहत तटवासी समाज न्यास ने अब तक स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 921 बाल विवाह रुकवाए हैं। यह प्रयास जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के ‘चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ अभियान का हिस्सा है, जो 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।

कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि देश में अभी भी बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की कमी है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसमें किसी भी प्रकार से शामिल होना दंडनीय अपराध है, जिसमें दो साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या पादरी भी कानून की जद में आते हैं।

उन्होंने धर्मगुरुओं को यह भी समझाया कि अठारह वर्ष से कम उम्र की लड़की से विवाहिक संबंध बनाना पॉक्सो एक्ट के तहत बलात्कार की श्रेणी में आता है। उन्होंने खुशी जताई कि अब धर्मगुरु इस सच्चाई को समझते हुए बाल विवाह न कराने का संकल्प ले रहे हैं।

इस अवसर पर हिंदू समाज के पंडित मनोज मिश्रा और मुस्लिम समाज के मौलवी कारी समीउल्लाह, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद राजा और मोहम्मद सराज भी मौजूद रहे। सभी धर्मगुरुओं ने एक स्वर में कहा कि वे बाल विवाह के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे और समाज को जागरूक करेंगे।

कार्यक्रम में तटवासी समाज न्यास के सदस्य सफी आलम, नवीन कुमार और वैष्णवी केसरी भी उपस्थित रहे।
यह अभियान जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

Jehanabad News: Religious leaders took charge of preventing child marriage

AK
Author: AK

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