Israel-Hamas Hostage Release: Ceasefire Brings Hope for Relief in the Middle East
यह मिडल ईस्ट देशों के लिए अच्छी खबर है। एक साल से अधिक समय से चले आ रहे इजराइल और हमास के बीच अब युद्धविराम (सीजफायर) की शुरुआत हो चुकी है। यानी अब कुछ समय तक दोनों देशों की ओर से शांति कायम रहेगी। सीजफायर समझौते के अंतर्गत इजराइल और हमास एक दूसरे के बंधक किए गए लोगों को रिहा करने लगे हैं। पहले दिन हमास ने 3 इजराइली बंधकों को रिहा किया। बदले में इजराइल ने 90 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा।रोमी गोनेन (24 वर्ष), एमिली दामरी (28 वर्ष), डोरोन स्टीनब्रेचर (31 वर्ष) को रिहा किया गया। इन तीनों को सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल में नोवा संगीत समारोह से अगवा किया गया था। गाजा से रिहा की गई पहली तीन महिला बंधक इजराइल पहुंच गई हैं।
इजराइल की सेना ने रविवार को यह घोषणा की। इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम के कुछ घंटों बाद इन बंधकों को रिहा किया। बंधकों की माताएं उनसे मिलने का इंतजार कर रही थीं। वीडियो फुटेज में रिहा की गई महिला बंधकों को ले जाते हुए देखा गया। उनके चारों तरफ बड़ी भीड़ थी, जिनमें से कई लोगों ने अपने फोन पकड़ रखे थे और वीडियो बना रहे थे। वाहनों के साथ हथियारबंद लोग थे, जिन्होंने हरे रंग की हमास की हेडबैंड पहन रखी थी और वे हजारों की संख्या में पहुंची अनियंत्रित भीड़ से कारों की रक्षा करने के लिए मशक्कत कर रहे थे। तीनों के अभी सामने आने की संभावना नहीं है क्योंकि उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रिहा किए गए बंधकों के बारे में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि उन लोगों का स्वास्थ्य ठीक है।’’ इस बीच, तेल अवीव में बड़ी स्क्रीन पर समाचार देखने के लिए एकत्र हुए हजारों लोग खुशी से झूम उठे।

महीनों से कई लोग युद्ध विराम समझौते की मांग को लेकर शहर के मुख्य चौराहे पर इकट्ठा होते थे। महिलाओं के रिश्तेदार नाच रहे थे, तालियां बजा रहे थे और रो रहे थे। बंधकों के बारे में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, पूरा देश आपको गले लगाता है। वहीं इजराइल ने हमास के साथ हुए संघर्ष विराम समझौते के तहत सोमवार तड़के 90 फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया। इससे कुछ घंटों पहले ही हमास ने तीन इजराइली बंधकों को रिहा किया था जो इजराइल पहुंच गए हैं। बंदियों को सफेद रंग की बड़ी बसों में जैसे ही जेल से बाहर ले जाया गया लोगों ने खुशी में आतिशबाजी की। फलस्तीनियों की भीड़ बसों के इर्द-गिर्द उमड़ पड़ी और वहां मौजूद लोगों ने नारे लगाए। फलस्तीनी प्राधिकरण के कैदी मामलों के आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार रिहा किए गए सभी लोग महिलाएं या नाबालिग हैं। इजराइल ने इन सभी लोगों को देश की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़े अपराधों में हिरासत में लिया था। इन लोगों पर पथराव करने से लेकर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप थे।
वेस्ट बैंक पर इजराइल का कब्ज़ा है और सेना ने लोगों को सार्वजनिक तौर पर कोई भी उत्सव नहीं करने को कहा है। कैदियों की रिहाई मध्य रात्रि में की गई जिसकी फलस्तीनियों ने आलोचना की और कहा कि यह कैदियों का घर वापसी पर स्वागत करने से भीड़ को रोकने का प्रयास है। रिहा किए गए बंदियों में सबसे प्रमुख हैं 62 वर्षीय खालिदा जरार जो फलस्तीन की मुक्ति के लिए काम करने वाले संगठन ‘पीएफएलपी’ की प्रमुख सदस्य हैं। इस संगठन पर 70 के दशक में इजराइली लोगों के अपहरण और अन्य हमलों में शामिल होने का आरोप है, लेकिन हाल के वर्षों में संगठन ने अपनी हिंसक गतिविधियों को कम किया है। सीजफायर का पहला फेज 6 हफ्ते (1 मार्च) तक चलेगा। इस दौरान हमास, 33 इजराइली बंधकों को रिहा करेगा। इजराइली सेना गाजा की सीमा से 700 मीटर पीछे लौटेगी। इजराइल 700 से ज्यादा फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। हर 1 इजराइली बंधक के बदले 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा। हर इजराइली महिला सैनिक के बदले 50 फिलिस्तीनी कैदी रिहा होंगे।
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Author: AK
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