DW Samachar – Header
ब्रेकिंग

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए आठ पूर्व भारतीय नौसेना के अफसरों को कतर सरकार ने रिहा किया, सात भारत लौटे

In major diplomatic triumph, Qatar frees Navy veterans jailed on espionage charges
In major diplomatic triumph, Qatar frees Navy veterans jailed on espionage charges
In major diplomatic triumph, Qatar frees Navy veterans jailed on espionage charges

कतर ने उन आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को रिहा कर दिया है, जो कथित रूप से जासूसी के आरोप में सजा का सामना कर रहे थे। जिनमें से 7 आज सुबह भारत लौट आए हैं। ये कतर में जासूसी के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। पहले इन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी।विदेश मंत्रालय ने सोमवार देर रात कहा कि भारत सरकार कतर में गिरफ्तार किए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले 8 भारतीयों की रिहाई का स्वागत करती है। हम इनकी घर वापसी के लिए कतर के फैसले की सराहना करते हैं। भारत लौटे पूर्व नौसैनिक अधिकारियों में एक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बगैर उनकी रिहाई संभव नहीं थी। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। सभी पूर्व अधिकारियों ने पीएम मोदी और कतर के अमीर का भी धन्यवाद दिया। एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि उनकी रिहाई बिना भारत सरकार की कोशिशों के मुमकिन नहीं था। कतर की इंटेलिजेंस एजेंसी के स्टेट सिक्योरिटी ब्यूरो ने 30 अगस्त 2022 को 8 पूर्व नौसैनिकों को गिरफ्तार किया था। 26 अक्टूबर 2023 को इन सभी पूर्व नेवी अफसरों को मौत की सजा सुनाई गई। जिसके बाद 28 दिसंबर 2023 को इनकी मौत की सजा कैद में बदली गई थी।

In major diplomatic triumph, Qatar frees Navy veterans jailed on espionage charges
In major diplomatic triumph, Qatar frees Navy veterans jailed on espionage charges

मालूम हो कि इन सैनिकों पर लगाए गए आरोपों को कतर ने कभी भी सार्वजनिक नहीं किया लेकिन विश्व के अलग-अलग मीडिया संस्थानों ने उन आरोपों के बारे में लिखा था जिसकी वजह से भारत के पूर्व नौसैनिकों को गिरफ्तार किया गया था। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, इन पर इजराइल के लिए जासूसी करने का आरोप था। वहीं, अल-जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन 8 पूर्व नेवी अपसरों पर कतर के सबमरीन प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारी इजराइल को देने का आरोप था। 30 अक्टूबर को इन नौसैनिकों के परिवारों ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और उन्हें वतन वापस लाने का आग्रह किया। इसके बाद मंत्रालय ने कतर को मनाने के लिए तुर्किए की मदद ली क्योंकि कतर के शाही परिवार से तुर्किए के बहुत ही अच्छे संबंध हैं। भारत ने इस मामले में अमेरिका से भी बात की, जिसके बाद कतर को उन 8 भारतीयों की रिहाई के लिए मनाया जा सका। बता दें कि भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों में – कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश शामिल हैं – जो कतर में अलदाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी में काम कर रहे थे, जो कि एक सर्विसेज और रक्षा सेवा प्रदान करने वाली कंपनी है।

यह भी पढ़ेबीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ बाकी तीन टेस्ट के लिए टीम की घोषित, विराट कोहली ने सीरीज खेलने से लिया रेस्ट

यह भी पढ़ेइस सप्ताह OTT पर है फिल्मों को भरमार, पूरे वीकेंड उठाएं घर बैठे इसका लुफ्त

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News