बिहार में मानसून कमजोर बना हुआ है। पटना समेत कई जिलों में उमस बढ़ी है, जबकि 5 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
Heavy Rain Alert Issued for 5 Districts in Bihar
बिहार में उमस से राहत नहीं, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
प्रस्तावना
बिहार में मानसून का इंतजार अब भी लोगों को परेशान कर रहा है। जुलाई का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से उमस भरी गर्मी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। दूसरी ओर मौसम विभाग ने पांच जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राज्य में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज होने के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय नहीं होता है तो खेती, जल स्रोतों और दैनिक जीवन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
मानसून की रफ्तार क्यों पड़ी धीमी?
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र नहीं बनने का असर
मौसम विभाग के अनुसार इस समय बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। सामान्य तौर पर ऐसा सिस्टम बनने पर बिहार समेत पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय हो जाता है और अच्छी बारिश होती है। लेकिन इस बार ऐसे मौसमीय तंत्र की कमी के कारण राज्य में केवल छिटपुट और हल्की बारिश देखने को मिल रही है।
इसी वजह से कई जिलों में बादल तो छाए रहते हैं, लेकिन तेज बारिश नहीं हो रही। इससे तापमान में बहुत अधिक गिरावट भी नहीं आ रही और उमस लगातार बनी हुई है।

सामान्य से 55 प्रतिशत कम हुई बारिश
बारिश के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 6 जुलाई तक बिहार में सामान्य रूप से लगभग 230.1 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 103 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 55 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
यह कमी केवल मौसम का आंकड़ा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कृषि, भूजल स्तर और जलाशयों पर भी पड़ सकता है। धान की खेती के लिए यह समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है और पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
इन जिलों में जारी हुई चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए बिहार के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, वे हैं—
- बांका
- भागलपुर
- पश्चिमी चंपारण
- कटिहार
- किशनगंज
इन जिलों में तेज बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
पटना में कैसा रहेगा मौसम?
बादल और धूप के बीच बनी रहेगी उमस
राजधानी पटना में सोमवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। कई इलाकों में हल्की और रुक-रुक कर बारिश भी हुई, लेकिन इससे उमस से पूरी तरह राहत नहीं मिली।
सुबह से शाम तक धूप और बादलों के बीच बदलते मौसम के कारण हवा में नमी अधिक रही। इसी वजह से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने से मौसम थोड़ा सामान्य हुआ।
भागलपुर में हुई सबसे अधिक बारिश
कई जिलों में दर्ज हुई अच्छी वर्षा
पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई। इनमें सबसे अधिक बारिश भागलपुर में रिकॉर्ड की गई।
प्रमुख वर्षा के आंकड़े इस प्रकार रहे—
- भागलपुर – 47.8 मिमी
- बेगूसराय (साहेबपुर कमाल) – 41.2 मिमी
- खगड़िया (गोगरी) – 34.2 मिमी
- नवादा (कौआकोल) – 30.2 मिमी
- बेगूसराय (बरौनी) – 28.2 मिमी
- गया (अतरी) – 25.2 मिमी
- खगड़िया – 24.6 मिमी
- बेगूसराय (मटिहानी) – 22.4 मिमी
- नवादा (कासीचक) – 22.4 मिमी
- भागलपुर (नारायणपुर) – 22.2 मिमी
- नवादा (रजौली) – 21.8 मिमी
- भागलपुर (बिहपुर) – 21.4 मिमी
- लखीसराय – 21 मिमी
- भागलपुर (नौगछिया) – 20.6 मिमी
- मुंगेर (बैरियारपुर) – 17.4 मिमी
- भागलपुर (सुल्तानगंज) – 16.8 मिमी
- नवादा (हिसुआ) – 16.8 मिमी
- पटना (बख्तियारपुर) – 16.8 मिमी
इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन पूरे राज्य में समान रूप से वर्षा नहीं होने के कारण मानसून की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है।
प्रमुख शहरों का तापमान
तापमान में हल्की गिरावट
बादलों और हल्की बारिश के कारण कई शहरों के तापमान में मामूली कमी दर्ज की गई।
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| पटना | 34.8°C | 27.4°C |
| गया | 31.2°C | 24.8°C |
| भागलपुर | 33.3°C | 25.8°C |
| मुजफ्फरपुर | 33.4°C | 28.9°C |
वहीं वाल्मीकिनगर में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उमस क्यों बढ़ रही है?
हल्की बारिश और अधिक नमी बनी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार जब बादल छाए रहते हैं लेकिन तेज बारिश नहीं होती, तब वातावरण में नमी लगातार बनी रहती है। यही नमी उमस का मुख्य कारण बनती है।
इस स्थिति में शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे गर्मी अधिक महसूस होती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को इससे अधिक परेशानी होती है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समय?
धान की बुआई पर पड़ सकता है असर
बिहार की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। जुलाई का महीना धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो—
- धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है।
- सिंचाई की लागत बढ़ सकती है।
- भूजल पर दबाव बढ़ेगा।
- छोटे किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है।
इसी कारण किसान अब मानसून के सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग की सलाह
भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी वाले जिलों में लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।
- खराब मौसम में खुले मैदान में जाने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न हों।
- आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें।
- खेतों में काम कर रहे किसान मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होता है तो बिहार में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनेगी और उमस से राहत मिलने के साथ तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
हालांकि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में बादल, हल्की बारिश और उमस का मिला-जुला मौसम बने रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
बिहार में इस समय मानसून अपनी सामान्य गति से काफी पीछे चल रहा है। सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश ने किसानों और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि बांका, भागलपुर, पश्चिमी चंपारण, कटिहार और किशनगंज में भारी बारिश तथा वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति काफी हद तक बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमीय तंत्र पर निर्भर करेगी। यदि मानसून सक्रिय होता है तो राज्य को राहत मिल सकती है। तब तक लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Author: AK
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