DW Samachar – Header
BREAKING

Junior Women National Championship 2026: बिहार की बेटियों का हॉकी में कमाल, गोवा को 6-0 से हराया

पुणे में जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप में बिहार ने गोवा को 6-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। राजगीर अकादमी की बेटियों ने दमदार खेल दिखाया। Bihar Women Thrash Goa 6-0 in Hockey पुणे में चल रही 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 में बिहार की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी … Read more

Bihar Women Thrash Goa 6-0 in Hockey

पुणे में जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप में बिहार ने गोवा को 6-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। राजगीर अकादमी की बेटियों ने दमदार खेल दिखाया।

Bihar Women Thrash Goa 6-0 in Hockey

पुणे में चल रही 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 में बिहार की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मौजूदगी का दमदार एहसास कराया है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में बिहार की टीम ने गोवा को एकतरफा अंदाज में 6-0 से हरा दिया। पूरे मैच के दौरान बिहार की खिलाड़ियों ने आक्रमण और डिफेंस, दोनों मोर्चों पर बेहतरीन तालमेल दिखाया और गोवा को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।

बिहार की इस जीत को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि टीम का चयन राजगीर खेल अकादमी में आयोजित चयन ट्रायल के आधार पर किया गया था। राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक गविन फेरेरा के मार्गदर्शन में तैयार हुई टीम ने मैदान पर अपनी मेहनत का असर दिखाया। टीम में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली युवा खिलाड़ियों को जगह मिली है, जो राज्य में महिला हॉकी के बढ़ते आधार की तस्वीर भी पेश करती हैं।

बिहार ने गोवा को 6-0 से दी करारी शिकस्त

Bihar Women Hockey टीम ने गोवा के खिलाफ मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने लगातार दबाव बनाया और गोल करने के मौके तैयार किए। दूसरी ओर, गोवा की टीम बिहार के तेज हमलों का प्रभावी जवाब नहीं दे सकी।

6-0 की जीत केवल स्कोरलाइन नहीं है, बल्कि यह बिहार की टीम के आत्मविश्वास और तैयारी को भी दर्शाती है। जूनियर स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इतने बड़े अंतर से जीत हासिल करना खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस जीत से बिहार की टीम को प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के लिए जरूरी आत्मविश्वास भी मिला होगा। राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग राज्यों की मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने से युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तर के मुकाबलों का अनुभव मिलता है।

आक्रमण के साथ डिफेंस पर भी जोर

हॉकी में केवल गोल करना ही जीत की गारंटी नहीं होता। मजबूत डिफेंस भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। गोवा के खिलाफ बिहार ने छह गोल किए और अपनी ओर से एक भी गोल नहीं खाने दिया।

0 गोल का आंकड़ा बिहार के डिफेंस और गोलकीपिंग के लिए भी अच्छी खबर है। टीम की गोलकीपर निशु और नीलू को इस मुकाबले में अपनी भूमिका निभाने का मौका मिला। वहीं मैदान पर मौजूद डिफेंडरों और मिडफील्डरों ने भी गोवा के हमलों को रोकने में योगदान दिया।

राजगीर खेल अकादमी में हुआ था टीम का चयन

इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बिहार की महिला हॉकी टीम का चयन राजगीर खेल अकादमी में आयोजित चयन ट्रायल के जरिए किया गया था। खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनकी क्षमता को देखते हुए टीम तैयार की गई।

टीम के चयन और प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक गविन फेरेरा की भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार किया गया।

राजगीर खेल अकादमी बिहार में खेल प्रतिभाओं को तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रही है। यहां होने वाले प्रशिक्षण और चयन ट्रायल से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिल रहा है।

युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच

Junior Women National Championship 2026 जैसी प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से खिलाड़ियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से आई टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलता है।

ऐसे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों की नजर आगे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं पर होती है। जूनियर स्तर पर मिले अनुभव से खिलाड़ियों को भविष्य में सीनियर टीमों में जगह बनाने में मदद मिल सकती है।

बिहार की टीम की इस जीत ने राज्य की युवा महिला खिलाड़ियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश दिया है कि नियमित प्रशिक्षण और बेहतर प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है।

बिहार की टीम में कौन-कौन खिलाड़ी शामिल हैं?

इस चैंपियनशिप के लिए बिहार की टीम में कुल 18 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। टीम में गोलकीपर, डिफेंडर, मिडफील्डर और फॉरवर्ड की भूमिका निभाने वाली खिलाड़ी शामिल हैं।

बिहार की टीम में कुमारी निशु और कुमारी नीलू गोलकीपर के रूप में शामिल हैं। इनके अलावा कुमारी शारदा, कुमारी संध्या, खुशी कुमारी, कच्छप काजल, आकांक्षा यादव, नाजिया खातून, कुमारी संजना भारती, कुमारी अंजलि, सिद्धि कुमारी और कुमारी रिशु टीम का हिस्सा हैं।

मुर्मू मोनिका, ज्योति कुमारी, अनु कुमारी, कप्तान सपना सिंह, लक्ष्मी कुमारी और कुमारी पुष्पांजलि भी टीम में शामिल हैं।

टीम की कप्तानी सपना सिंह कर रही हैं। कप्तान के तौर पर उनकी जिम्मेदारी मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तालमेल बनाए रखने और टीम को दबाव के समय संभालने की भी होगी।

शनिवार को कई टीमों ने दर्ज की जीत

पुणे में आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान शनिवार को कई मुकाबले खेले गए। बिहार के अलावा कर्नाटक और मिजोरम ने भी अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल की।

डिवीजन बी के पूल बी मुकाबले में कर्नाटक ने उत्तराखंड को 6-1 से हराया। इस मुकाबले में कर्नाटक की टीम ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और उत्तराखंड पर लगातार दबाव बनाया।

इसी डिवीजन के एक अन्य मुकाबले में बिहार ने गोवा को 6-0 से हराया। वहीं डिवीजन बी के पूल ए में मिजोरम ने केरल को 2-0 से शिकस्त दी।

इन नतीजों से साफ है कि प्रतियोगिता में अलग-अलग राज्यों की टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

असम ने पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी

डिवीजन बी के पूल ए में असम और आंध्र प्रदेश के बीच भी मुकाबला हुआ। इस मैच में असम ने शुरुआत में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और आंध्र प्रदेश को 2-1 से हरा दिया।

यह मुकाबला खिलाड़ियों के मानसिक धैर्य का उदाहरण रहा। हॉकी में शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद वापसी करना आसान नहीं होता। इसके लिए टीम को लगातार दबाव बनाए रखने के साथ-साथ अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ता है।

असम की जीत यह दिखाती है कि मैच के दौरान स्कोरलाइन चाहे जैसी हो, अंतिम सीटी तक मुकाबला खत्म नहीं होता।

गुजरात ने पुडुचेरी को हराया

डिवीजन सी के पूल बी मुकाबले में गुजरात ने पुडुचेरी को 3-1 से मात दी। गुजरात ने मैच में बेहतर तालमेल दिखाया और अपने मौकों का फायदा उठाया।

डिवीजन सी के अन्य मुकाबलों में भी अलग-अलग टीमों के बीच मुकाबले हुए। दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव ने पूल ए में हॉकी अरुणाचल को 2-0 से हराया।

इन मुकाबलों के जरिए प्रतियोगिता में शामिल टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

कुछ मुकाबले फोरफिट के कारण तय हुए

डिवीजन सी में राजस्थान और त्रिपुरा ओलंपिक एसोसिएशन तथा जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना के मुकाबलों का परिणाम फोरफिट के आधार पर दर्ज किया गया।

राजस्थान ने त्रिपुरा ओलंपिक एसोसिएशन के खिलाफ और जम्मू-कश्मीर ने तेलंगाना के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज की। इन मुकाबलों में विरोधी टीम के मैच में शामिल नहीं हो पाने के कारण परिणाम फोरफिट के रूप में तय किया गया।

खेल प्रतियोगिताओं में किसी टीम के निर्धारित मुकाबले में शामिल नहीं होने पर नियमों के अनुसार विपक्षी टीम को जीत दी जा सकती है। हालांकि खिलाड़ियों के लिए मैदान पर खेलकर जीत हासिल करना हमेशा अधिक महत्वपूर्ण अनुभव होता है।

बिहार में महिला हॉकी के लिए बढ़ता अवसर

बिहार की इस जीत को केवल एक मैच का परिणाम मानना पर्याप्त नहीं होगा। राज्य में महिला हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रतिभाओं की पहचान और प्रशिक्षण की जरूरत है।

ग्रामीण और छोटे शहरों की कई युवा खिलाड़ी खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं, लेकिन उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाओं और प्रतियोगिताओं का अवसर हमेशा नहीं मिल पाता। राजगीर जैसे प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए ऐसी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता मिल सकता है।

राजगीर खेल अकादमी में हुए चयन ट्रायल से चुनी गई टीम का राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन इस दिशा में सकारात्मक संकेत है। अगर खिलाड़ियों को लगातार उच्च स्तर का प्रशिक्षण और पर्याप्त प्रतियोगिताएं मिलती रहें तो बिहार से भविष्य में और भी महिला हॉकी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उभर सकती हैं।

कप्तान सपना सिंह के सामने बड़ी जिम्मेदारी

बिहार की टीम की कप्तानी सपना सिंह कर रही हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कप्तान की भूमिका केवल मैदान पर प्रदर्शन करने तक सीमित नहीं होती। उन्हें टीम के भीतर तालमेल, आत्मविश्वास और अनुशासन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभानी होती है।

गोवा के खिलाफ 6-0 की जीत से टीम का मनोबल निश्चित रूप से बढ़ा होगा। अब आगे के मुकाबलों में खिलाड़ियों को इसी प्रदर्शन को बनाए रखने की चुनौती होगी।

एक मैच में शानदार प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है, लेकिन टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उससे भी ज्यादा जरूरी होता है। बिहार की टीम के लिए अब हर अगले मुकाबले में अपनी रणनीति और प्रदर्शन को बेहतर करने का अवसर होगा।

आगे की राह पर टिकी नजर

Hockey India की जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप देश की युवा हॉकी प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच है। यहां प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों के सामने आगे बढ़ने के कई रास्ते खुल सकते हैं।

बिहार की टीम ने गोवा के खिलाफ 6-0 की बड़ी जीत के साथ टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है। लेकिन प्रतियोगिता लंबी है और आगे उसे अलग-अलग राज्यों की मजबूत टीमों का सामना करना पड़ सकता है।

टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा कि वह शुरुआती जीत से मिले आत्मविश्वास को बरकरार रखे और हर मुकाबले को नई चुनौती के रूप में ले। डिफेंस में मजबूती, मिडफील्ड में बेहतर पासिंग और फॉरवर्ड लाइन में गोल करने की क्षमता टीम की सफलता के लिए अहम होगी।

बिहार की बेटियों ने दिया बड़ा संदेश

बिहार की गोवा पर 6-0 की जीत ने राज्य की महिला हॉकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का काम किया है। यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत, कोचिंग और टीमवर्क का नतीजा है।

सबसे खास बात यह है कि टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल रहा है। राजगीर में हुए चयन ट्रायल से लेकर पुणे के मैदान तक का सफर इन खिलाड़ियों के लिए सीख और अनुभव से भरा रहा है।

अब बिहार के खेल प्रेमियों की नजर टीम के अगले मुकाबलों पर होगी। अगर टीम इसी आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती है, तो वह चैंपियनशिप में और बेहतर नतीजे हासिल कर सकती है।

फिलहाल गोवा के खिलाफ 6-0 की जीत बिहार की बेटियों के नाम रही है। यह स्कोर न सिर्फ एक बड़ी जीत को दर्शाता है, बल्कि बिहार में महिला हॉकी की नई संभावनाओं की ओर भी इशारा करता है। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी जीतें युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाती हैं और आने वाली पीढ़ी को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़