62 साल पहले आज के दिन ‘मिग-21’ वायुसेना में हुआ था शामिल, युद्ध समेत कई मौकों पर निभाई अहम भूमिका, जानिए कैसा रहा इस फाइटर प्लेन का सफर

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62 साल पहले आज के दिन ‘मिग-21’ वायुसेना में हुआ था शामिल, युद्ध समेत कई मौकों पर निभाई अहम भूमिका, जानिए कैसा रहा इस फाइटर प्लेन का सफर
एक ऐसा फाइटर प्लेन जिसने भारतीय वायुसेना का कई बड़े युद्धों में साथ दिया है। इस फाइटर प्लेन के बिना वॉइस सेना ताकत भी अधूरी है। हम बात कर रहे हैं भारत में बना पहला मिग-21 फाइटर प्लेन की। आज से 62 साल पहले 19 अक्टूबर 1960 को मिग-21 एयरफोर्स में शामिल हुआ था। इससे पांच-छह साल पहले मिग-21 एयरफोर्स में आ गए थे, लेकिन वे रूस में बने थे। रूस और चीन के बाद भारत मिग-21 का तीसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर है। 1964 में इस विमान को पहले सुपरसोनिक फाइटर जेट के रूप में एयरफोर्स में शामिल किया गया था। शुरुआती जेट रूस में बने थे और फिर भारत ने इस विमान को असेम्बल करने का अधिकार और तकनीक भी हासिल कर ली थी। तब से अब तक मिग-21 ने 1971 के भारत-पाक युद्ध, 1999 के कारगिल युद्ध समेत कई मौकों पर अहम भूमिका निभाई है। रूस ने तो 1985 में इस विमान का निर्माण बंद कर दिया, लेकिन भारत इसके अपग्रेडेड वैरिएंट का इस्तेमाल करता रहा है। इस वर्जन का इस्तेमाल केवल भारतीय वायुसेना ही करती है। बाकी दूसरे देश इसके अलग-अलग वैरियंट का प्रयोग करते हैं। मिग-21 बाइसन वही लड़ाकू विमान है, जिसके जरिए बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था। हालांकि, पाकिस्तान ने कभी भी खुलकर इस सच्चाई को नहीं स्वीकार पाया। क्योंकि, लगभग 60 साल पुराने लड़ाकू विमान से पाकिस्तानी एयरफोर्स की रीढ़ कहे जाने वाले आधुनिक लड़ाकू विमान एफ-16 का मात खाना न तो अमेरिका को कबूल था और न ही पाकिस्तान को।मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान मिग कई घातक एयरक्राफ्ट शॉर्ट रेंज और मीडियम रेंज एयरक्राफ्ट मिसाइलों से हमला करने में सक्षम है। इस लड़ाकू विमान की स्पीड 2229 किलोमीटर प्रति घंटा की है, जो उस समय सबसे तेज उड़ान भरने वाला लड़ाकू विमान था। इसकी रेंज 644 किलोमीटर के आसपास थी, हालांकि भारत का बाइसन अपग्रेडेड वर्जन लगभग 1000 किमी तक उड़ान भर सकता है। इसमें टर्बोजेट इंजन लगा हुआ है, जो विमान को सुपरसोनिक की रफ्तार प्रदान करता है। इसकी स्पीड के कारण ही तत्कालीन सोवियत संघ के इस लड़ाकू विमान से अमेरिका भी डरता था। यह इकलौता ऐसा विमान है जिसका प्रयोग दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है। मिग-21 इस समय भी भारत समेत कई देशों की वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। मिग- 21 एविएशन के इतिहास में अबतक का सबसे अधिक संख्या में बनाया गया सुपरसोनिक फाइटर जेट है। इसके अब तक 11496 यूनिट्स का निर्माण किया जा चुका है ।
Author: AK
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