कैदियों को ड्रग्स और मोबाइल मुहैया कराने वाले चंडीगढ़ के डिप्टी जेलर को साथियों के साथ किया गया गिरफ्तार

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अमृतसर एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। यह सफलता जरूर है लेकिन साथ ही कानून और प्रशासन पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। तरनतारन की गोइंदवाल साहिब जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट बलबीर सिंह को उसके छह साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया गया है। कारण है डिप्टी जेलर साहब का कैदियों को ड्रग्स और मोबाइल मुहैया करवाना। मतलब जिसके संरक्षण में कैदियों को भेजा जाता है ताकि कैदी अपनी गलतियां सुधार सकें वे उन कैदियों से ही अवैध तरीके से पेश आ रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट बलबीर सिंह पिछले 10 माह से इस जेल में तैनात थे।
कमाई का एक जरिया है?
अब सवाल यह है कि आखिर डिप्टी जेलर कैदियों पर इतने मेहरबान तो होंगे नहीं। दरअसल वे ड्रग्स और मोबाइल सप्लाई करने के एवज में कैदियों से अब तक लाखों रुपए वसूल चुके हैं। बाकायदा मोबाइल और चार्ज के रेट तय कर रखे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जेल में आरोपी बलबीर सिंह और उसके साथी 2जी मोबाइल के 10 हजार, 4जी के 40 हजार और चार्जर के 2 हजार रुपए वसूल करते थे। कुख्यात कैदियों से सुविधाओं के लिए 3 लाख रुपए तक वसूल किए जाते थे। डिप्टी जेलर बलबीर सिंह कपूरथला जेल से ट्रांसफर कर गोइंदवाल साहिब जेल में तैनात किया गया था।
ऐसा नहीं है कि यह सिलसिला अभी ही कुछ दिन पहले शुरू हुआ है बल्कि इसके पहले भी इसी जेल में एक सुरक्षा गार्ड बीड़ी के बंडल बेचते हुए पकड़ा गया था। वह बंडलों को अपने प्राइवेट पार्ट में छुपा कर रखता था और एक बंडल करीब 300 रुपए में बेचता था। इसका खुलासा होने के बावजूद भी जेल में ड्रग्स और मोबाइल फोन की सप्लाई का सिलसिला रुका नहीं था। इस जेल के बारे में कई सारी बातें भी सामने आई और साथ ही आया सवालों का एक बौछार।
ऐसा भी अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपी बलबीर ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल प्रियव्रत फौजी और दूसरे कैदियों को भी मोबाइल मुहैया करवाए थे। गोइंदवाल साहिब हाइटेक जेल नई है और बीते साल दिसंबर में ही इसे शुरू किया गया था। जब से यह जेल शुरू हुई है तब से यहां पर 700 से ज्यादा मोबाइल बरामद हो चुके हैं। जो कि अपने आप में बहुत हैरान करने वाली बात है। अब इतने मोबाइल का होता क्या है। तो जो भी वहां पर कैदी बन्द होते हैं वो सभी मोबाइल के जरिये ही अपना काम सारा कुछ धंधा वसूली और रंगदारी चलाते हैं। पुलिस हिरासत से फरार हुए गैंगस्टर दीपक टीनू से भी इसी जेल से मोबाइल बरामद होने की बात सामने आई थी।
Author: AK
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