इस साल भी नहीं होगी सार्वजनिक जगन्नाथ यात्रा, केवल 500 सेवकों के साथ पुरी में निकाली जाएगी रथ यात्रा

कोरोना संक्रमण को देखते हुए ओडिशा सरकार ने वार्षिक रथयात्रा के संदर्भ में जानकारी देते हुए घोषणा की है कि इस साल भी 12 जुलाई को होने वाली जगन्नाथ पुत्री की रथ यात्रा उत्सव में श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी। यह उत्सव कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल के सख्त अनुपालन के बीच केवल पुरी में आयोजित होगा।
प्रशासन ने राज्य के अन्य हिस्सों में इस तरह के समारोहों के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान केवल चयनित कोविड निगेटिव और टीके की दोनों खुराकें ले चुके सेवकों को ही ‘स्नान पूर्णिमा’ और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी और रथ यात्रा के दिन इस पवित्र नगर में कर्फ्यू लगाया जाएगा।
लेकिन श्रद्धालु इन कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण टेलीविजन और वेबकास्ट पर देख पाएंगे। नौ दिन तक चलने वाली रथ यात्रा तय कार्यक्रम के अनुरूप शुरू होगी और महज 500 सेवकों को कोविड-19 के नियमों के साथ रथ खींचने की अनुमति होगी।



















