श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा मज़दूरों के अपमान पर श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला की प्रतिक्रिया-
मोदीजी-निर्मलाजी,
राहत के मलहम की बजाय घाव पर नमक छिड़कना बंद करें। ये मज़दूर है,मजबूर नही।
मज़दूर की बेबसी आपको ड्रामेबाज़ी लगती है?
नंगे पाँव में पड़े सैंकड़ों छाले ड्रामेबाज़ी दिखते हैं?
भूखे प्यासे चलते जाने की व्यथा ड्रामेबाज़ी है?
135 मज़दूरों की मौत आपको ड्रामेबाज़ी लगती है?
मज़दूरों का घोर अपमान किया है।
सवेंदनहीन सरकार मज़दूरों से माफ़ी माँगे।
राहुल जी उनका दर्द बाँटने गए थे।
दर्द बाँटना अपराध है तो हम करेंगे।
अंधी बहरी सरकारों को जगाना अपराध है, तो हम करेंगे।
ड्रामेबाज़ी वो थी जब मोदी जी ने वोट लेने के लिए मज़दूरों के पाँव धोने का स्वाँग किया था।
ड्रामेबाज़ी वो थी जब हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को हवाई जहाज़ में बिठाने का वादा कर सत्ता हथियाई थी।
देश का मेहनतकश आपको कभी माफ़ नही करेगा।
Author: AK
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