गुरु, अप्रैल 2, 2026

Bihar Election 2025: जहानाबाद में नामांकन के बाद गिरफ्तार प्रत्याशी को हार्ट अटैक, पीएमसीएच रेफर

Bihar Election 2025: Candidate Arrested After Nomination in Jehanabad Suffers Heart Attack, Shifted to PMCH

बिहार चुनाव 2025 में जहानाबाद से आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी मो. कलामउद्दीन नामांकन के बाद गिरफ्तार हुए, थाने में हार्ट अटैक आने पर पीएमसीएच रेफर किए गए।

Bihar Election 2025: Candidate Arrested After Nomination in Jehanabad Suffers Heart Attack, Shifted to PMCH


परिचय

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन की प्रक्रिया के अंतिम दिन सोमवार को जहानाबाद में एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी एवं नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद कलामउद्दीन को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद थाने में उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया और बाद में पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया गया। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।


मुख्य घटना: नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तारी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार थी। इसी दौरान आजाद समाज पार्टी, जो एआईएमआईएम (AIMIM) गठबंधन का हिस्सा है, के प्रत्याशी मोहम्मद कलामउद्दीन ने जहानाबाद सीट से अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन की औपचारिकताएं पूरी होने के कुछ ही मिनट बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी एक पुराने मामले में की गई, जो काको थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के केस से संबंधित है।

थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि, “कलामउद्दीन के खिलाफ पहले से दर्ज केस में गिरफ्तारी की गई है।” हालांकि, पुलिस ने अब तक इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।


थाने में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

गिरफ्तारी के बाद जब मोहम्मद कलामउद्दीन को सदर थाना लाया गया, तो पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, उन्होंने छाती में दर्द की शिकायत की और बेहोश होकर गिर पड़े। पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर बताते हुए उन्हें पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया।

डॉक्टरों ने बताया कि कलामउद्दीन को हार्ट अटैक आया था और समय पर इलाज के लिए उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधा में भेजा गया है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सकों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।


राजनीतिक गलियारों में हलचल

इस गिरफ्तारी और स्वास्थ्य संकट की खबर फैलते ही जहानाबाद का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। आजाद समाज पार्टी और AIMIM के कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” बताया।
समर्थकों का कहना है कि जब नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो उसी दिन और उसी समय गिरफ्तारी का निर्णय सवाल खड़ा करता है। पार्टी के स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह कदम विपक्षी दलों के दबाव में उठाया गया है ताकि कलामउद्दीन को चुनावी दौड़ से बाहर किया जा सके।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करते हैं। लेकिन चुनाव के समय ऐसे कदम यह साबित करते हैं कि प्रशासन निष्पक्ष नहीं है। हम इस मामले को निर्वाचन आयोग के सामने उठाएंगे।”


समर्थकों में आक्रोश और प्रदर्शन

गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सैकड़ों समर्थक सदर थाना परिसर के बाहर जमा हो गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और गिरफ्तारी को “पूर्व नियोजित साजिश” बताया।
स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों ने समर्थकों को समझा-बुझाकर शांत किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कलामउद्दीन जहानाबाद नगर परिषद में उपाध्यक्ष रहने के दौरान काफी लोकप्रिय थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इसी वजह से उनकी गिरफ्तारी से जनता में असंतोष है।


मामला क्या है? हत्या के प्रयास का पुराना केस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद कलामउद्दीन पर काको थाना में धारा 307 (हत्या के प्रयास) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज है। यह मामला करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है।
पुलिस ने कहा कि अदालत के आदेश पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर मामला पुराना था, तो गिरफ्तारी नामांकन के दिन ही क्यों की गई?

कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस कदम से चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।


पीएमसीएच में चल रहा इलाज

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के सूत्रों ने बताया कि कलामउद्दीन को देर शाम वहां भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को माइल्ड कार्डिएक अरेस्ट हुआ था। फिलहाल उन्हें निगरानी में रखा गया है और सभी जरूरी जांचें की जा रही हैं।
उनकी हालत स्थिर है, लेकिन मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी में लगी है। समर्थकों और परिजनों की भारी भीड़ पीएमसीएच परिसर में मौजूद है।


पुलिस की स्थिति स्पष्ट नहीं

जहानाबाद पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि तो की है, लेकिन घटना के पूरे विवरण पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया है कि “यह गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और चिकित्सा सहायता तुरंत उपलब्ध कराई गई।”

वहीं, पार्टी नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि कलामउद्दीन को उचित स्वास्थ्य सुविधा दी जाए और यदि आवश्यक हो, तो उन्हें दिल्ली या किसी अन्य बड़े अस्पताल भेजा जाए।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

बिहार की अन्य राजनीतिक पार्टियों ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कहा कि चुनाव के समय प्रत्याशियों के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है।
भाजपा नेताओं ने हालांकि इसे “कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा” बताया। एक भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, तो कानून अपना काम करेगा। इसमें राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए।”

लेकिन AIMIM और आजाद समाज पार्टी इस गिरफ्तारी को एक राजनीतिक संदेश मान रही हैं। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है।


बिहार चुनाव 2025: तारीखें और पृष्ठभूमि

बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं — पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी।
राज्य में एनडीए (NDA) और विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं, छोटे दल और नए गठबंधन भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में हैं।
आजाद समाज पार्टी और एआईएमआईएम का गठबंधन इस बार दलित-मुस्लिम समीकरण पर दांव खेल रहा है और जहानाबाद जैसी सीटों पर वह मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतार रहा है।


विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित करती हैं। वरिष्ठ पत्रकार राजीव पांडेय का कहना है, “जब किसी प्रत्याशी की गिरफ्तारी या बीमारी की खबर आती है, तो स्थानीय स्तर पर सहानुभूति की लहर बनती है। ऐसे में यह घटना आजाद समाज पार्टी के लिए भी चुनावी मुद्दा बन सकती है।”

वहीं, राजनीतिक विश्लेषक डॉ. मनीष कुमार ने कहा, “यदि कलामउद्दीन के खिलाफ मामला कानूनी रूप से सही है तो कार्रवाई जायज है, लेकिन अगर इसका समय राजनीतिक रूप से तय किया गया है, तो यह प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न है।”


निष्कर्ष

जहानाबाद की यह घटना बिहार चुनाव 2025 के दौरान एक बड़ी राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। एक ओर प्रशासन अपनी कानूनी कार्रवाई को सही ठहरा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ रहा है।
फिलहाल, मोहम्मद कलामउद्दीन का इलाज पटना पीएमसीएच में जारी है और उनके समर्थक लगातार उनके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
चुनावी माहौल में इस तरह की घटनाएं न केवल प्रत्याशियों की स्थिति बदल देती हैं, बल्कि पूरे राजनीतिक समीकरण को भी प्रभावित करती हैं।


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Author: AK

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