बिहार में भूमि सुधार विभाग ने हेल्पलाइन शुरू की है। दाखिल-खारिज, जमाबंदी, म्यूटेशन जैसे 5 काम अब टोल-फ्री नंबर पर होंगे आसान।
Bihar Bhumi Helpline: 5 Land Services Now on One Call
बिहार भूमि हेल्पलाइन: अब जमीन से जुड़े 5 काम सिर्फ एक कॉल पर
भूमि का महत्व और सरकारी पहल
बिहार में जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं जैसे दाखिल-खारिज, जमाबंदी, म्यूटेशन आदि हमेशा से जटिल रही हैं। आम नागरिकों को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, और पारदर्शिता की कमी के कारण समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। इन चुनौतियों को देखते हुए बिहार सरकार ने एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत की है, जिससे अब जमीन से जुड़े पाँच जरूरी काम सिर्फ एक फोन कॉल पर हो सकेंगे।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 3 जून 2025 से राज्य का पहला टोल-फ्री हेल्पलाइन सेंटर (18003456215) शुरू किया है। यह सेवा सप्ताह के छह दिन, सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
सेवा की प्रमुख विशेषताएं
क्या है बिहार भूमि हेल्पलाइन?
यह एक टोल-फ्री कॉल सेंटर है जिसे बिहार सरकार ने जमीन से संबंधित जानकारी और सेवाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए शुरू किया है। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाना है।
हेल्पलाइन पर कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी?
- दाखिल-खारिज की जानकारी:
जमीन के स्वामित्व में बदलाव के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी। - जमाबंदी से संबंधित जानकारी:
भूमि रिकॉर्ड और खाता संख्या से जुड़ी जानकारी। - म्यूटेशन की स्थिति:
आवेदन की वर्तमान स्थिति और संबंधित प्रगति। - शिकायत पंजीकरण:
भूमि से जुड़ी किसी भी समस्या या सरकारी अधिकारी से जुड़ी शिकायत का समाधान। - आवेदन की स्थिति जानना:
जो लोग ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, वे कॉल करके उसकी स्थिति जान सकते हैं।
क्यों जरूरी है यह पहल?
ग्रामीण जनता को होगा सीधा लाभ
बिहार की बड़ी आबादी अब भी ग्रामीण इलाकों में रहती है, जहां इंटरनेट या डिजिटल सेवाएं सीमित हैं। ऐसे में हेल्पलाइन एक भरोसेमंद साधन है, जो बिना इंटरनेट के सिर्फ एक कॉल पर जानकारी देता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह के अनुसार, यह हेल्पलाइन सरकार और जनता के बीच संवाद का सेतु बनेगी। इससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण होगा।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए फायदेमंद
बहुत सी महिलाएं और बुजुर्ग कार्यालय नहीं जा पाते। यह सेवा उनके लिए विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि अब वे घर बैठे ही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
हेल्पलाइन का तकनीकी और प्रशासनिक ढांचा
संचालन का समय
- सोमवार से शनिवार: सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक
- रविवार को छुट्टी
तकनीकी सहयोग
इस परियोजना को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क के माध्यम से लागू किया गया है। CSC के राज्य प्रमुख संतोष तिवारी ने बताया कि यह हेल्पलाइन सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं बल्कि डिजिटल जागरूकता और नागरिक अधिकारों का मंच भी बनेगा।
CSC की मौजूदगी राज्य की लगभग सभी पंचायतों में है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सेवा हर गांव तक पहुंचे।
नागरिकों की राय और अनुभव
रामपुर के किसान नंदलाल यादव कहते हैं:
“पहले हर काम के लिए पटना जाना पड़ता था। अब हेल्पलाइन से हमें सही जानकारी मिलती है और समय की भी बचत होती है।”
पटना की गृहिणी सरिता देवी कहती हैं:
“हमें सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं होती थी। अब घर से ही जानकारी मिल जाती है। यह बहुत अच्छा कदम है।”
भविष्य की योजना
राजस्व विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस हेल्पलाइन को और विस्तारित किया जाएगा। आगे चलकर निम्नलिखित सेवाएं भी जोड़ी जा सकती हैं:
- व्हाट्सएप आधारित सहायता
- मोबाइल ऐप के माध्यम से सेवा
- ग्राम स्तरीय सूचना केंद्र
इससे सेवा की पहुंच और प्रभावशीलता और भी बढ़ेगी।
निष्कर्ष
बिहार सरकार की यह पहल आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगी। जमीन से जुड़ी जानकारी और सेवाएं अब नागरिकों को घर बैठे मिलेंगी, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी। यह कदम ना केवल डिजिटल इंडिया मिशन को साकार करता है बल्कि बिहार को एक पारदर्शी और जवाबदेह शासन की ओर ले जाता है।
इस हेल्पलाइन के माध्यम से अब बिहार के नागरिकों को अपने अधिकारों की बेहतर जानकारी मिलेगी और वे सरकारी तंत्र का हिस्सा बन सकेंगे। यह पहल निश्चित रूप से अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।
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Author: AK
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