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उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर गठित पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपना सर्वे पूरा कर लिया है। इसके साथ ही आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंप दी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट जमा होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। अब जल्द निकाय चुनाव होने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि यूपी के शहरी निकाय चुनाव का यह मामला हाईकोर्ट में गया था जिसके बाद अदालत ने नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया। रिपोर्टों के अनुसार आयोग के अध्यक्ष पूर्व जस्टिस राम अवतार सिंह और चार अन्य पूर्व नौकरशाह चोब सिंह वर्मा, महेंद्र कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा एवं ब्रजेश कुमार सोनी ने सीएम के आवास पर उनसे मुलाकात की और शहरी विकास मंत्री एके शर्मा की मौजूदगी में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। आयोग की रिपोर्ट की एक कॉपी सुप्रीम कोर्ट को भी दी जाएगी।
बता दें कि शहरी निकाय चुनावों कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर गत चार जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने ओबीसी को बिना आरक्षण दिए यूपी सरकार को चुनाव कराने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा कि था यूपी सरकार बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करा सकती है। हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ यूपी सरकार ने सु्प्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बता दें कि पिछले साल 27 दिसंबर को हाई कोर्ट से योगी सरकार को बड़ा झटका लगा था। तब कोर्ट ने राज्य सरकार की उस ओबीसी सूची को खारिज कर दिया था जिसके दम पर निकाय चुनाव करवाने की तैयारी थी। हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन नहीं किया और उसके बिना ही चुनाव की घोषणा की गई। तब कोर्ट ने सरकार को ये भी कहा था कि वो बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवा सकती है। उसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वहां सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने जिन निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनके कामकाज के लिए विशेष समिति बनाने की बात भी कही है।
Author: AK
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