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आईआईटी, देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक। जिसमें दाखिले के लिए मारामारी और बेहद टॉफ कॉम्पिटिशन होता है। लेकिन आईआईटी खड़गपुर की एक रिपोर्ट ने चौकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष संस्थान आईआईटी में सैकड़ों सीटें खाली रह गईं। जबकि दिल्ली एवं गुवाहाटी की सीटें फुल हैं।
रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, गुवाहाटी और हैदराबाद की सभी सीटें फुल रहीं। आईआईटी कानपुर और बांबे की एक-एक सीट खाली रह गई थी। सबसे खराब स्थिति आईआईटी बीएचयू की थी, जहां 365 सीटों पर छात्रों ने दाखिला ही नहीं लिया। यह रिपोर्ट वर्ष 2021 की है।
देश में कुल 23 आईआईटी संस्थान हैं जिसमें जेईई एडवांस्ड की रैंक के अनुसार छह काउंसिलिंग के आधार पर दाखिला हुआ लेकिन हैरानी की बात यह है कि लाखों की संख्या में फॉर्म भरकर परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरने वाले छात्र कुल 16,296 सीट तक नहीं भर पाए। 2021में सिर्फ 15854 छात्र-छात्राओं को ही इसमें दाखिला मिल सका। ऐसे में 442 सीटें खाली रह गईं। रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर में कुल 1214 सीटों पर दाखिला होना था और 1213 सीटों पर प्रवेश लिया गया। कानपुर में लड़कियों की संख्या मानक के अनुसार रही। कम से कम 20 फीसदी लड़कियों का होना जरूरी है जो कानपुर में पूरा हो पाया। पिछले साल कानपुर में 246 छात्राओं ने प्रवेश लिया, जो 20.26 फीसदी था।
Author: AK
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