मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहले वर्ष पूरे होने के बाद आज केंद्रीय मंत्री मंडल की बैठक हुई जहां केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर,नितिन गड़करी, नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थें। इस बैठक में मंत्री मंडल ने देश की आर्थिक स्थिति के अलावा हर क्षेत्र पर विचार विमर्श किया ,और लॉकडाउन के बाद देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कई तरह फैसले लिए गए।
सरकार द्वारा लिए गए फैसले…
एमएमएमई को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे जिस से 2 लाख एमएसएमई को लाभ पहुंचेगा।
50 करोड़ तक निवेश वाली इकाई एमएसएमई के तहत आएगी।
250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाई भी एमएसएमई के अंतर्गत आएगी।
एमएसएमई के निर्यात का टर्नओवर इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। इससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार ने 4000 करोड़ रुपये के डिस्ट्रेस फंड को मंजूरी दी।
बंद हुई एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने का फैसला लिया गया है।
48 फीसदी निर्यात एमएसएमई की ओर से होता है।
रेहड़ी पटरी वालों भी मिलेगा लाभ…
रेहड़ी पटरी वालों के लिए केंद्र सरकार ने पीएम स्व नीति अर्थात प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि का गठन किया गया है।
फुटपाथ विक्रेताओं समेत रेहड़ी पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक कर्ज दिया जाएगा।
किसान भी उठाएंगे इसका लाभ…
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए भी कई फैसले लिए हैं…
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से जुड़े फैसलों के बारे में जानकारी दी है।
किसानों को अब14 फसलों पर लागत से 50 से 83 फीसदी ज्यादा कीमत मिलेगा।
धान ज्वार के फसल की खेती के लिए लागत से 50 फीसदी से ज्यादा दाम मिलेगा।
किसानों के अलावा खेती से जुड़ी अन्य गतविधियों को भी वित्तीय मदद दी जाएगी।
80 लाख टन से ज्यादा अनाज लोगों तक पहुंचाया गया है।
किसानों के कर्ज भुगतान की तिथि बढ़ाई गई….
खेती से जुड़े काम के लिए सरकार ने 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ा दी है।
किसानों को ब्याज में छूट देने का भी प्रावधान किया जा रहा है।
समय से कर्ज चुकाने पर किसानों को 4 फीसदी दर पर ऋृण दी जाएगी।
फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा…
धान की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य अब 1868 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
इसके अलावा ज्वार 2620 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा 2150 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
रागी, मूंग, मूंगफली, तिल, कपास और सोयाबीन के समर्थन मूल्य में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
Author: AK
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