जाति प्रमाण-पत्र की समस्या, सामाजिक अधिकार, रोजगार और सम्मानजनक भागीदारी को लेकर सरकार से पहल की मांग
जहानाबाद। लोहार आदिवासी संघर्ष मंच के बैनर तले शनिवार को अब्दुलबारी नगर भवन (टाउन हॉल) में लोहार समाज का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता मंच के जिलाध्यक्ष महेश विश्वकर्मा ने की। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष दीनानाथ विश्वकर्मा, प्रदेश महामंत्री धनंजय विश्वकर्मा, प्रदेश संयोजक उमेश विश्वकर्मा, प्रदेश सचिव अशोक विश्वकर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष कौशलेन्द्र विश्वकर्मा, मोहार सोशल डेवलपमेंट के अध्यक्ष मनोज विश्वकर्मा, अधिवक्ता अभिराम विश्वकर्मा सहित समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सम्मेलन में लोहार समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में आ रही समस्याओं, समाज के अधिकारों, आर्थिक स्थिति, रोजगार, सरकारी योजनाओं में भागीदारी और सामाजिक पहचान जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने की जरूरत है।
प्रदेश अध्यक्ष दीनानाथ विश्वकर्मा ने कहा कि लोहार समाज को एकजुट कर मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा समाज को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोहार समाज की सामाजिक भूमिका महत्वपूर्ण है और उसकी समस्याओं पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
प्रदेश महामंत्री धनंजय विश्वकर्मा ने कहा कि मगध की धरती से लोहार समाज को एकजुट करने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने जाति की पहचान और प्रमाण-पत्र से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर लोहार समाज को मूल जाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, जबकि बिहार में इसे लेकर स्थिति को लेकर समाज के बीच सवाल हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर समाज की आवाज को मजबूती से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री के समक्ष भी इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की।
प्रदेश संयोजक उमेश विश्वकर्मा ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार को लोहार समाज की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। समाज को उचित महत्व और अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए समाज की आवाज को संगठित तरीके से सरकार तक पहुंचाने की जरूरत है।
प्रदेश सचिव अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि लोहार समाज को उसके मूल अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अधिकारों एवं दर्जे को सुरक्षित रखने की मांग की। साथ ही सरकारी व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा में समाज की भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
प्रदेश कोषाध्यक्ष कौशलेन्द्र विश्वकर्मा ने समाज की आर्थिक स्थिति और युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोहार समाज के युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को विशेष पहल करनी चाहिए।
मोहार सोशल डेवलपमेंट के अध्यक्ष मनोज विश्वकर्मा ने कहा कि यदि सरकार समाज की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आगे आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली तक जाकर समाज की समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
सम्मेलन में जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। मंच की ओर से मांग की गई कि 12 दिसंबर 2006 से 31 मार्च 2025 तक बिहार में लोहार जाति के लोगों को किस आधार और किस श्रेणी में जाति प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और लोहार समाज की पहचान एवं अधिकारों को स्पष्ट करने की मांग की गई।
अधिवक्ता अभिराम विश्वकर्मा ने समाज की समस्याओं को कानूनी एवं संवैधानिक दृष्टिकोण से मजबूती के साथ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने अधिकारों और मांगों की जानकारी रखते हुए संगठित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।
जिलाध्यक्ष महेश विश्वकर्मा ने कहा कि जिला सम्मेलन का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाना और उनकी समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता ही उसकी ताकत है। सम्मेलन के माध्यम से लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
सम्मेलन में राजगीर विश्वकर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी समाज की एकजुटता और अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि लोहार समाज की मांगों को लेकर मगध प्रमंडल के विभिन्न जिलों में क्रमवार सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। सम्मेलन के अंत में समाज के लोगों से एकजुट होकर आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
Jehanabad News: District conference held in Jehanabad regarding the demands of the Lohar community; call for unity.


















