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Asian Games 2026: भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता और लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। Asian Games 2026: India Women Win Kabaddi Gold भारत ने ईरान को हराकर फिर जीता कबड्डी का गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर … Read more

Asian Games 2026: India Women Win Kabaddi Gold

एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता और लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।

Asian Games 2026: India Women Win Kabaddi Gold

भारत ने ईरान को हराकर फिर जीता कबड्डी का गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। 26 सितंबर को आइची-नागोया में खेले गए फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराया। मुकाबला आखिरी मिनट तक रोमांचक बना रहा और दोनों टीमों के बीच केवल कुछ अंकों का अंतर रहा।

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इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना खिताब बरकरार रखा। यह एशियन गेम्स में भारत का इस स्पर्धा में चौथा गोल्ड है। भारत ने इससे पहले 2010, 2014 और 2022 में महिला कबड्डी का स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2018 में ईरान ने फाइनल में भारत को हराकर गोल्ड हासिल किया था।

इस बार भी फाइनल में भारत और ईरान आमने-सामने थे, लेकिन नतीजा पिछली बार की तरह नहीं रहा। भारतीय टीम ने दबाव के बावजूद आखिरी हिस्से में संयम बनाए रखा और 37-34 की बढ़त के साथ मुकाबला खत्म किया।

फाइनल में शुरू से ही बना रहा दबाव

भारत और ईरान के बीच मुकाबला आसान नहीं था। शुरुआत से ही दोनों टीमों ने एक-दूसरे की कमजोरियों को परखने की कोशिश की। भारतीय रेडर्स लगातार अंक जुटा रही थीं, जबकि ईरान बोनस पॉइंट्स और डिफेंस के जरिए स्कोर के करीब बना रहा।

पहले हाफ में भारत ने बेहतर स्थिति बनाई और 22-16 की बढ़त के साथ ब्रेक तक पहुंचा। इस दौरान भारतीय टीम ने रेडिंग में प्रभावी प्रदर्शन किया और ईरान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया।

ईरान ने हालांकि मुकाबला छोड़ने के संकेत नहीं दिए। टीम ने बोनस पॉइंट्स के जरिए स्कोर अंतर को ज्यादा बढ़ने नहीं दिया। इस वजह से भारत के लिए छह अंकों की बढ़त भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती थी।

भारत ने पहले हाफ में कैसे बनाई बढ़त?

पहले हाफ में भारतीय टीम ने रेड और ऑल-आउट के जरिए महत्वपूर्ण अंक जुटाए। भारत ने 16 आउट पॉइंट्स और तीन बोनस पॉइंट्स हासिल किए। एक ऑल-आउट ने भी स्कोर को भारत के पक्ष में करने में अहम भूमिका निभाई।

ईरान की टीम ने सात बोनस पॉइंट्स हासिल करके खुद को मैच में बनाए रखा। यही वजह रही कि पहले हाफ के दौरान भारतीय बढ़त के बावजूद मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं हुआ।

ब्रेक के समय भारत 22-16 से आगे था, लेकिन ईरान के पास दूसरे हाफ में वापसी का पूरा मौका मौजूद था।

दूसरे हाफ में ईरान ने बदला मैच का रुख

दूसरे हाफ की शुरुआत में ईरान ने भारतीय टीम पर दबाव बढ़ाना शुरू किया। भारतीय बढ़त धीरे-धीरे कम होने लगी और ईरान ने स्कोर को 27-26 तक ला दिया।

एक समय ऐसा लगने लगा कि मैच किसी भी दिशा में जा सकता है। ईरान के रेडर्स भारतीय डिफेंस को लगातार चुनौती दे रहे थे और भारतीय टीम को हर अंक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।

दूसरे हाफ में ईरान ने भारत से अधिक अंक जुटाए। रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे हाफ में ईरान ने 18 अंक हासिल किए, जबकि भारत को 15 अंक मिले। इसके बावजूद पहले हाफ में बनाई गई बढ़त भारत के काम आई।

संजू देवी की रेड ने बदली कहानी

जब मुकाबला बेहद करीबी स्थिति में पहुंच गया था, तब संजू देवी की सुपर रेड भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। इस रेड से भारत को जरूरी अंक मिले और टीम ने फिर से अपनी स्थिति मजबूत की।

संजू देवी इस टूर्नामेंट में भारत की अहम खिलाड़ियों में रही हैं। सेमीफाइनल में भी उन्होंने नेपाल के खिलाफ भारतीय रेडिंग आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत ने उस मैच को 48-24 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी।

फाइनल में भी उनकी भूमिका ऐसे समय पर सामने आई जब भारतीय टीम को स्कोरबोर्ड पर थोड़ी राहत की जरूरत थी।

कप्तान पुष्पा राणा ने संभाली कमान

भारतीय महिला टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने भी निर्णायक समय पर टीम को संभाला। मैच के दबाव वाले हिस्से में भारत ने एक और ऑल-आउट हासिल किया, जिससे टीम को जरूरी बढ़त मिली।

पुष्पा राणा 2026 एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान हैं। उनके साथ सोनाली शिंगाटे उप-कप्तान की भूमिका में हैं। टीम की मुख्य कोच नीता दादवे और सहायक कोच ममता पुजारी हैं।

कप्तान की भूमिका केवल रेड या डिफेंस तक सीमित नहीं होती। करीबी मुकाबले में खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखना और सही समय पर रणनीति बदलना भी महत्वपूर्ण होता है। फाइनल में भारत ने इसी तरह दबाव वाले क्षणों को संभाला।

ईरान ने आखिरी तक नहीं मानी हार

ईरान ने पूरे मुकाबले में भारतीय टीम को चुनौती दी। दूसरे हाफ में उसने स्कोर का अंतर काफी कम कर दिया था। सुपर टैकल और बोनस पॉइंट्स के जरिए ईरानी टीम लगातार मैच में बनी रही।

लेकिन अंतिम चरण में भारत ने महत्वपूर्ण अंक जुटाए और ईरान को बराबरी का मौका नहीं दिया। 37-34 का अंतिम स्कोर बताता है कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला कितना करीबी रहा।

फाइनल में केवल बड़ी बढ़त बनाना ही पर्याप्त नहीं था। भारत को हर रेड और हर डिफेंसिव मूवमेंट में सावधानी बरतनी पड़ी।

भारत का खिताब फिर हुआ पक्का

इस गोल्ड के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में अपना चौथा खिताब हासिल किया। भारत ने 2010, 2014 और 2022 में भी महिला कबड्डी में गोल्ड जीता था। 2018 में ईरान ने फाइनल जीतकर भारत के लगातार खिताब जीतने के सिलसिले को रोका था।

2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारत ने महिला और पुरुष दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में गोल्ड जीता था। 2026 में भारतीय महिला टीम ने पहले अपने अभियान में बांग्लादेश को 42-21 से हराया। इसके बाद ईरान को ग्रुप मैच में 37-23 से मात दी और जापान के खिलाफ 50-25 से जीत दर्ज की।

इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराया। इस तरह फाइनल तक टीम का अभियान लगातार जीत के साथ आगे बढ़ा।

भारत ने पूरे टूर्नामेंट में दिखाया दबदबा

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। ग्रुप चरण में भारत ने तीनों मुकाबले जीते और इसके बाद नॉकआउट चरण में भी जीत का सिलसिला कायम रखा।

ग्रुप चरण में भारत के सामने बांग्लादेश, ईरान और जापान की टीमें थीं। बांग्लादेश के खिलाफ 42-21 और जापान के खिलाफ 50-25 की जीत ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ईरान के खिलाफ ग्रुप मैच भी भारत ने 37-23 से जीता था।

इसका मतलब यह रहा कि फाइनल में पहुंचने से पहले भारत ईरान को एक बार हरा चुका था। लेकिन फाइनल में ईरान ने अलग रणनीति के साथ मुकाबला किया और मैच को काफी करीबी बना दिया।

एशियन गेम्स में कबड्डी का भारत से खास रिश्ता

एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी लंबे समय से खेल का हिस्सा रही है, जबकि महिला कबड्डी को 2010 के ग्वांगझोउ एशियन गेम्स से शामिल किया गया था। 2026 का मुकाबला भी टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेला गया।

महिला कबड्डी में भारत ने शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया है। 2010 और 2014 में गोल्ड जीतने के बाद 2018 में भारत को ईरान से हार मिली। इसके बाद 2022 में भारतीय टीम ने फिर स्वर्ण पदक जीता और 2026 में भी खिताब बरकरार रखा।

इस रिकॉर्ड में 2026 का गोल्ड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय टीम ने एक मजबूत ईरानी टीम के खिलाफ बेहद करीबी फाइनल में जीत दर्ज की।

मुकाबले में रेडिंग बनी अहम ताकत

कबड्डी में रेडिंग टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने का सबसे प्रमुख तरीका है। फाइनल में भारतीय रेडर्स ने लगातार ईरानी डिफेंस पर दबाव बनाया।

भारत ने रेडिंग में 26 अंक जुटाए, जबकि ईरान ने 21 अंक हासिल किए। दूसरी तरफ ईरान ने बोनस पॉइंट्स में बेहतर प्रदर्शन किया। इस अंतर ने पूरे मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।

भारत के लिए चुनौती यह थी कि रेडिंग से मिले लाभ को डिफेंस में भी सुरक्षित रखा जाए। दूसरे हाफ में ईरान की वापसी के बावजूद भारत ने आखिरी हिस्से में अपनी बढ़त बचा ली।

फाइनल से पहले भी भारत ने किया था शानदार प्रदर्शन

फाइनल में पहुंचने से पहले भारत ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराया था। उस मैच में भारत ने तीन ऑल-आउट किए और रेडिंग में 35 आउट पॉइंट्स हासिल किए।

ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भारत ने जापान को 50-25 से हराया था। उस मैच में भारत हाफ टाइम तक 32-13 से आगे था। इससे पता चलता है कि फाइनल से पहले टीम लगातार आक्रामक और संतुलित खेल दिखा रही थी।

हालांकि, फाइनल में परिस्थितियां अलग थीं। यहां सामने ईरान जैसी मजबूत टीम थी और मुकाबला अंत तक करीबी रहा।

अब पुरुष टीम पर भी नजर

महिला टीम के गोल्ड जीतने के बाद भारतीय प्रशंसकों की नजर अब पुरुष कबड्डी टीम पर है। पुरुषों का गोल्ड मेडल मुकाबला 26 सितंबर को ही खेला जाना है।

2026 एशियन गेम्स में भारत पुरुष और महिला दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरा है। पुरुष टीम के कप्तान सुनील कुमार हैं और पवन सहरावत उप-कप्तान हैं।

पुरुष टीम भी खिताब की दौड़ में आगे बढ़ रही है और महिला टीम की जीत के बाद उस पर ध्यान और बढ़ गया है। हालांकि पुरुष फाइनल का परिणाम महिला टीम की उपलब्धि से अलग होगा और उसका फैसला मैदान पर ही होगा।

भारत के एशियन गेम्स अभियान के लिए क्यों अहम है यह गोल्ड?

एशियन गेम्स जैसे बहु-खेल आयोजन में हर गोल्ड पदक पदक तालिका पर असर डालता है। महिला कबड्डी में भारत की जीत ने भारतीय दल के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ा है।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का तीसरा गोल्ड मेडल है।

कबड्डी में भारत की मजबूत परंपरा को देखते हुए इस मुकाबले पर देशभर की नजर थी। खासकर इसलिए क्योंकि ईरान ने 2018 में भारत को इसी प्रतियोगिता के फाइनल में हराया था। इस बार भारतीय टीम ने उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ करीबी मुकाबले में जीत हासिल की।

निष्कर्ष

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा। ईरान के खिलाफ 37-34 की जीत आसान नहीं थी। पहले हाफ में भारत ने 22-16 की बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबले को बेहद करीबी बना दिया।

संजू देवी की अहम रेड, कप्तान पुष्पा राणा की अगुवाई और टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत को निर्णायक क्षणों में बढ़त बनाए रखने में मदद की।

इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स गोल्ड हासिल किया। अब भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर पुरुष कबड्डी फाइनल समेत एशियन गेम्स 2026 के बाकी मुकाबलों पर रहेगी।

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Author: AK

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