देशभर में आज दशहरा (विजयदशमी पर्व) मनाया जा रहा है। दशहरा का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। जब भी इस दिन का जिक्र होता है तो सबसे पहले भगवान राम और रावण का युद्ध याद आता है। रामायण की कथा के अनुसार, श्रीराम ने रावण का वध किया था और उसी दिन से दशहरा मनाने की परंपरा शुरू हुई। इस दिन पूरे देश में रावण के पुतले जलाए जाते हैं, जो हमें यह संदेश देते हैं कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है। दशहरा या कहें विजयादशमी के दिन रावण दहन हमेशा प्रदोष काल में किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। आज सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगा और इसी के बाद से रावण दहन भी शुरू हो जाएगा। राजस्थान के कोटा में विश्व के सबसे ऊंचे 221 फीट के रावण का दहन किया जाएगा। रावण के इस पुतले को लेकर कोटा का नाम एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड्र्स और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड्र्स में दर्ज होगा। अब तक दिल्ली के पास 210 फीट का रिकॉर्ड है, जबकि 2019 में चंडीगढ़ में 221 फीट का पुतला खड़ा नहीं हो सका था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली की श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ में शामिल होंगे। यहां 72 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। हिमाचल प्रदेश के मनाली में हिडिम्बा देवी की विदाई के साथ ही कुल्लू घाटी में अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव की शुरुआत हुई। शोभायात्रा के ढालपुर मैदान पहुंचते ही दशहरा उत्सव शुरू हो जाएगा, जो 7 दिन तक चलेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, बिहार, राजधानी दिल्ली गुजरात , तेलंगाना, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में दशहरे का पर्व मनाया जा रहा है। कई शहरों शाम तक रावण दहन होगा। दुर्गा पंडालों में रखी गई देवी प्रतिमाओं का विसर्जन भी होगा। कर्नाटक के मैसूर में भी दशहरे की धूम है। देश-विदेश से लाखों लोग दशहरा देखने पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “विजयादशमी बुराई और असत्य पर अच्छाई और सत्य की विजय का प्रतीक है। मेरी कामना है कि इस पावन अवसर पर हर किसी को साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा मिले। देशभर के मेरे परिवारजनों को विजयादशमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” प्रधानमंत्री आज पहली बार यमुनापार में दशहरा मनाएंगे। आईपी एक्सटेंशन स्थित श्रीरामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ में 72 फीट ऊंचा रावण का पुतले का दहन होगा। यहां कई फिल्मी सितारे भी शामिल होंगे। खास बात ये भी है कि यहां पहलगाम आतंकियों का भी पुतला जलाया जाएगा।

विजयदशमी पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित मुख्यालय पर पारंपरिक शस्त्र पूजा की
विजयादशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर अपनी पारंपरिक शस्त्र पूजा की। इस मौके पर समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उपस्थित थे। उन्होंने भी शस्त्रपूजन किया। आरएसएस इस वर्ष अपनी स्थापना का शताब्दी समारोह मना रहा है। केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की। तब से हर साल इस दिन आरएसएस अपना स्थापना वर्ष मनाता है।शस्त्रपूजन से पहले भागवत और कोविंद ने आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस संघ मुख्यालय पहुंचे। दोनों नेता आरएसएस के पारंपरिक गणवेश में नजर आए। गडकरी और फड़णवीस पीएम मोदी की तरह आरएसएस के स्वयंसेवक रह चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना की शताब्दी के अवसर पर बुधवार को आरएसएस की प्रशंसा की और कहा कि प्रतिबंधों और साजिशों के बावजूद संगठन ने कभी कटुता नहीं दिखाई क्योंकि यह ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर काम करता रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में भाग लेते हुए मोदी ने राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि संघ जाति या पंथ के भेदभाव को दूर करके सद्भाव को बढ़ावा देने और एक समावेशी समाज का संदेश फैलाने के लक्ष्य के साथ देश के कोने-कोने तक पहुंचा है।
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Author: AK
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