रवि, अप्रैल 12, 2026

Jehanabad News: मार तो दिया, अब पिंडदान कर दे’ — फल्गु नदी की बाढ़ से मत्स्यपालकों और किसानों को करोड़ों का नुकसान

जहानाबाद। झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण बिहार की फल्गु नदी उफान पर है। इसका सीधा असर गया, जहानाबाद और नालंदा जिलों के कई गांवों पर पड़ा है। नदी का पानी गांवों में घुसते ही जहां घर ढह गए, वहीं फसलें चौपट हो गईं। सबसे अधिक नुकसान मत्स्यपालकों को हुआ है। तैयार मछलियों से लेकर जीरा मछली तक बाढ़ का पानी बहाकर ले गया।

जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड स्थित भारथु गांव में बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन होता है। इस बार आई बाढ़ ने यहां एक से दो करोड़ रुपये का नुकसान कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी रोजी-रोटी छीन ली है। मजदूरी करने वाले लोग बेरोजगार हो गए हैं, धान की फसलें बर्बाद हो गईं और लोग खाने-पीने को मोहताज हो गए।

मत्स्यपालकों का दर्द

मत्स्यपालक किसान दुर्गेश कुमार का कहना है— “हमने करीब 50 लाख रुपये की पूंजी मत्स्य पालन में लगाई थी। इस बाढ़ से अब तक 25 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। पंद्रह दिन पहले भी फल्गु नदी में उफान आया था और तब भी हमें नुकसान हुआ था। सोचा था प्रशासन तटबंध की मरम्मत करेगा, लेकिन 5 मिनट भी पानी का दबाव तटबंध नहीं झेल पाया और पूरा इलाका जलमग्न हो गया। अब हम मरने की स्थिति में हैं। पिंडदान ही कर दीजिए।”

ग्रामीणों का आक्रोश

गांव की महिला सीता कुमारी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा— “बाढ़ ने हमारी जिंदगी नरक बना दी है। बच्चे तक बाढ़ का पानी पीकर जी रहे थे। प्रशासन और नेता सिर्फ फोटो और वीडियो खिंचवाने आते हैं, मदद कोई नहीं करता। अगर यही हाल रहा तो इस बार हम चुनाव का बहिष्कार करेंगे।”

मदद की अपील

ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और नेताओं ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। दो बार बाढ़ आ चुकी है, लेकिन तटबंध मजबूत नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि मत्स्यपालकों का करोड़ों का कारोबार चौपट हो गया और किसानों की फसलें डूब गईं। अब लोग सिर्फ सरकार और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

Jehanabad News: You have killed me, now do the Pind Daan’ — Fishermen and farmers suffer losses worth crores due to the flood of Falgu river

AK
Author: AK

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