
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश से अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन भेजने का सिलसिला जारी कर रखा है। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक वह अपने देश से घुसपैठियों और अवैध प्रवासियों को पूरी तरह से निकालने में जुटे हुए हैं। फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर अवैध भारतीय नागरिक हैं। अभी तक अमेरिका से तीन विमान अवैध प्रवासियों को लेकर भारत आ चुके हैं। तीनों बार राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय लोगों को जमकर बेइज्जती की और हथकड़ियों में बांधकर भेजा। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने रविवार रात तीसरा सैन्य विमान अमृतसर भेजा। विमान में कुल 112 अप्रवासी भारतीय थे। इस बार भी बच्चों व महिलाओं को छोड़कर पुरुषों को बेड़ियों में जकड़ कर भेजा गया था। डिपोर्ट किए गए लोगों में सात बच्चे भी शामिल हैं। इनमें पंजाब के विभिन्न जिलों से 31 लोग हैं। वहीं हरियाणा के 44, गुजरात के 33, उत्तर प्रदेश के दो, हिमाचल का एक, उत्तराखंड का एक नागरिक शामिल है। पुरुषों की संख्या 89, बच्चे 10 व महिलाओं की संख्या 23 है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के 18 हजार लोगों को भारत भेजा जाएगा, जिनमें करीब 5 हजार लोग हरियाणा हैं। अब तक कुल 335 भारतीय डिपोर्ट हो चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रिसीव करने के लिए पहले अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन विमान के आने में देरी की वजह से वे लौट गए। इसके बाद पंजाब सरकार की तरफ से 2 मंत्रियों, कुलदीप धालीवाल और हरभजन सिंह ईटीओ ने पंजाब के युवकों को रिसीव किया। इस दौरान मंत्री कुलदीप धालीवाल ने अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचकर कहा, उन्हें बड़ा दुख हुआ कि हरियाणा सरकार ने अमेरिका से डिपोर्ट किए अपने लोगों के लिए कैदियों वाली बस भेजी। उन्होंने हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज से कहा कि पंजाब ने अच्छी गाड़ियां लगाई हैं। विज ट्रांसपोर्ट मंत्री हैं, उन्हें कोई अच्छी बस भेजनी चाहिए थी। हरियाणा से कोई मंत्री, विधायक या भाजपा नेता तक यहां नहीं आया। 24 घंटे के भीतर अमेरिका से अवैध प्रवासियों को लेकर एक अन्य विमान भारत पहुंचा है। शनिवार (15 फरवरी) देर रात अमेरिका से 116 अवैध प्रवासियों को लेकर एक विमान अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था। दूसरे जत्थे में निर्वासित लोगों में पंजाब से 65, हरियाणा से 33, गुजरात से आठ, उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से दो-दो तथा हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर से एक-एक व्यक्ति शामिल है।
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5 फरवरी को अमेरिका से अवैध प्रवासियों का पहला जत्था आया था–

बता दें कि अवैध प्रवासियों के पहले जत्थे को पांच फरवरी को निर्वासित किया गया था। इनमें से अधिकतर लोग पंजाब के थे। कई लोगों ने कहा था कि वे अपने परिवारों के लिए बेहतर जीवन की खातिर अमेरिका जाना चाहते थे लेकिन उनके एजेंट ने उन्हें धोखा दिया। हालांकि, उनके सपने तब टूट गए जब उन्हें अमेरिकी सीमा पर पकड़ लिया गया और बेड़ियों में जकड़कर वापस भेज दिया गया।अवैध प्रवासियों के पहले जत्थे को पांच फरवरी को निर्वासित किया गया था। इनमें से अधिकतर लोग पंजाब के थे। कई लोगों ने कहा था कि वे अपने परिवारों के लिए बेहतर जीवन की खातिर अमेरिका जाना चाहते थे लेकिन उनके एजेंट ने उन्हें धोखा दिया। हालांकि, उनके सपने तब टूट गए जब उन्हें अमेरिकी सीमा पर पकड़ लिया गया और बेड़ियों में जकड़कर वापस भेज दिया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमेरिका से भारत लाए जा रहे अवैध भारतीय प्रवासियों की वापसी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अमृतसर को इन निर्वासन उड़ानों के लिए लैंडिंग साइट बनाकर जानबूझकर पंजाब की छवि खराब कर रही है। मान ने सवाल किया, विदेश मंत्रालय को यह बताना चाहिए कि अमृतसर को इस लैंडिंग के लिए किस आधार पर चुना गया। आप अमृतसर को चुनकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिल रहे थे, तब हमारे लोगों को जंजीरों में जकड़ा जा रहा था। क्या यही ट्रंप का भारत को दिया गया तोहफा है? पंजाब के मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार पंजाब के खिलाफ भेदभाव करती है और हर मौके पर राज्य की छवि धूमिल करने की कोशिश करती है।
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Author: AK
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