
इस साल के आखिर में होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नेताओं का दल बदल भी शुरू हो गया है। आए दिन नेता दल बदल रहे हैं। पिछले दिनों बनियापुर से राजद विधायक केदारनाथ सिंह जदयू में शामिल हुए थे। केदारनाथ सिंह ने कहा कि वे अपने परिवार के साथ हैं और जहां उनका परिवार रहेगा, वो भी वहीं रहेंगे। विधायक केदारनाथ सिंह ने कहा कि वे महाराजगंज लोकसभा से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के छोटे भाई हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा, मैं अपने परिवार से कभी अलग नहीं रह सकता। जहां मेरे बड़े भाई रहेंगे, मैं भी वहीं रहूंगा। पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के बेटे और छपरा के पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने हाल ही में अपने समर्थकों के साथ पटना स्थित जदयू कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। वहीं अब जदयू के पूर्व सांसद मंगनीलाल मंडल राजद में शामिल होंगे। जननायक कर्पूरी जयंती समारोह में वे राजद की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसके लिए मधुबनी जिला के फुलपरास में समारोह का आयोजन किया गया है। मंडल के अनुसार राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ दल में शामिल होने के मुद्दे पर उनकी बातचीत हो गई है। माना जा रहा है कि राजद ने अब मंगनीलाल को पार्टी में शामिल कराकर नीतीश कुमार की पार्टी से बदला लिया है। बता दें कि अप्रैल साल 2019 को राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मंगनी लाल मंडल जदयू में शामिल हुए थे। मंगनीलाल मंडल ने राजद पर अतिपिछड़ों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजद के वरिष्ठ नेताओं ने इस लोकसभा चुनाव में अतिपिछड़ों को कुल 40 फीसदी टिकट देने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वहीं जदयू ने 17 में से छह अतिपिछड़ा उम्मीदवार खड़ा किया। ऐसे में नीतीश कुमार ने अतिपिछड़ों को सम्मान दिया। अब एक बार फिर मंगनी लाल मंडल राष्ट्रीय जनता दल में वापसी कर रहे हैं।



















