
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद महा विकास अघाडी में दरार पड़नी शुरू हो गई थी। आखिरकार एक दिन पहले 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी को लेकर महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच ठन गई है। इसकी शुरुआत शिवसेना उद्धव ठाकरे की ओर से दिए गए अखबार में विज्ञापन के बाद हुई। इसके अलावा उद्धव ठाकरे पार्टी के एक नेता ने इसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया है। जिसकी वजह से महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन में फूट पड़ गई है।
समाजवादी पार्टी ने शनिवार को एलान किया है कि वह महाराष्ट्र में महा विकास अघाडी से अलग हो रही है। साथ ही यह भी कहा कि शिवसेना और भाजपा में कोई फर्क नहीं। दरअसल, शिवसेना ने अखबार में विज्ञापन देकर बाबरी मस्जिद को ढहाने वालों को बधाई दी थी। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने इसे लेकर एक्स पोस्ट भी किया था।इसे लेकर महाराष्ट्र में समाजवादी प्रमुख अबु आजमी ने कहा- ‘शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने अखबार में विज्ञापन देकर उन लोगों को बधाई दी जिन्होंने बाबरी मस्जिद ढहाई।
उद्धव के करीबी ने एक्स पर पोस्ट करके मस्जिद के ढहाए जाने की तारीफ की। हम एमवीए से अलग हो रहे हैं। महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी की दो सीटें हैं। अबु आजमी ने मानखुर्द शिवाजी नगर सीट पर एनसीपी के नवाब मलिक को 12,753 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी थी। वहीं, भिवंडी ईस्ट सीट पर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस कसम शेख ने शिवसेना के मंजैया शेट्टी को 50 हजार वोटों से हराया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हरियाणा-महाराष्ट्र और उपचुनावों में इंडिया ब्लॉक के खराब प्रदर्शन को लेकर नाराजगी जताई है।
L0उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैंने इंडिया गठबंधन बनाया। इसका नेतृत्व करने वाले इसे ठीक से नहीं चला सकते, तो मुझे मौका दें। मैं बंगाल से ही गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हूं। ममता बनर्जी के बयान का शिवसेना के सांसद संजय राउत और समाजवादी पार्टी ने समर्थन किया है। राउत ने शनिवार को कहा, ‘हम भी चाहते हैं कि वे विपक्षी इंडिया गठबंधन की प्रमुख भागीदार बनें। चाहे वह ममता बनर्जी हों, अरविंद केजरीवाल हों या शिवसेना, हम सभी एक साथ हैं।
हम जल्द ही कोलकाता में ममता बनर्जी से बात करने जाएंगे। वहीं, सपा नेता उदयवीर सिंह ने भी ममता बनर्जी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने शनिवार को कहा, लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों में से सपा ने 37 सीटें जीतीं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने 42 सीटों में से 29 सीटें जीतीं। भाजपा को इन दो राज्यों में 35 सीटों का नुकसान हुआ। सभी दल सहमत हों तो सपा ममता का समर्थन करेगी।
Author: AK
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