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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा को लेकर भारत और ब्रिटिश की संसद में उठाया मुद्दा, अमेरिका ने भी किया विरोध

Violence Against Hindus in Bangladesh Raised in Indian and UK Parliaments; US Also Condemns
Violence Against Hindus in Bangladesh Raised in Indian and UK Parliaments; US Also Condemns

बांग्लादेश में जारी हिंदुओं पर हिंसा को लेकर भारतीय संसद से लेकर ब्रिटेन की पार्लियामेंट में सांसदों ने पुरजोर विरोध किया है। बुधवार को संसद के शीतकालीन सत्र में मथुरा से भारतीय जनता पार्टी की संसद हेमा मालिनी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया। हेमा मालिनी ने कहा, बांग्लादेश में हमारे हिंदुओं और हिंदू मंदिरों, खास तौर पर इस्कॉन और इस्कॉन भक्तों के साथ जो कुछ हो रहा है, उसे देखकर मैं बेहद दुखी और परेशान हूं। हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं, हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा खतरे में है। कट्टरपंथियों के हाथों उन्हें अत्याचारों का सामना करना पड़ रहा है। इस्कॉन पूरी दुनिया में स्थापित है, आज इसके लगभग 1,000 केंद्र हैं। वे पूरी दुनिया में वैदिक संस्कृति के प्रसार के लिए जाने जाते हैं।

हेमा मालिनी ने आगे कहा- कृष्ण हमारे दिलों में हैं और मैं उनकी पवित्र भूमि मथुरा की प्रतिनिधि हूं। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में हो रहे हमले मुझे और हमारे देशों में कृष्ण भक्तों को परेशान कर रहे हैं। यह केवल विदेशी संबंधों का मुद्दा नहीं है, यह भारत में कृष्ण भक्तों की भावनाओं का मामला है। वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले का मुद्दा ब्रिटेन की संसद में उठा है। ब्रिटिश की संसद में इस बात पर चिंता जताई गई कि बांग्लादेश में न सिर्फ हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है बल्कि धार्मिक नेताओं को गिरफ्तार भी किया जा रहा है। कंजरवेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने इस हिंसा को हिंदू समुदाय के खिलाफ जातीय सफाई की कोशिश करार दिया। उनका कहना था कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ अत्याचार बढ़ गए हैं। ब्रिटिश संसद में एक बहस के दौरान ब्लैकमैन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के घर जला दिए गए हैं। उनके दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की जा रही है। पुजारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

ब्लैकमैन ने कहा कि इस मामले पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी ब्रिटेन की है, क्योंकि उन्होंने ही बांग्लादेश को आजाद कराया था। विदेश कार्यालय मंत्री कैथरीन वेस्ट ने कहा कि हम भारत सरकार की चिंता से वाकिफ हैं। वेस्ट ने कहा कि पिछले महीने वह बांग्लादेश गई थीं। इस दौरान यूनुस सरकार ने उन्हें यकीन दिलाया था कि वे अल्पसंख्यकों के हितों की हिफाजत करेंगे। कंजर्वेटिव सांसद प्रीति पटेल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा हो रही है, जिसे सरकार रोक नहीं पा रही है। हम इससे बहुत परेशान हैं। हमारी संवेदना बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ है। वहीं, लेबर पार्टी के सांसद बैरी गार्डिनर ने कहा कि ब्रिटिश सरकार बांग्लादेश की स्थिति पर नजर रख रही है। अमेरिका ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर चिंता जाहिर की है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि सरकार को बोलने की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का सम्मान करने की जरूरत है। पटेल ने कहा कि अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को उनकी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। उनसे मानवाधिकारों के मुताबिक ही व्यवहार किया जाना चाहिए।

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Author: AK

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