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पांच दिवसीय दौर खत्म कर पीएम मोदी आज दिल्ली पहुंचेंगे, कई टॉपिक-मुद्दों पर प्रधानमंत्री करेंगे समीक्षा और मंथन

PM Modi Returns to Delhi After Five-Day Tour; To Review and Discuss Key Topics and Issues

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पांच दिवसीय विदेश दौरा खत्म कर राजधानी दिल्ली पहुंचेंगे। कुछ घंटे पहले पीएम मोदी तीन देशों के आखिरी पड़ाव गुयाना से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। इस बार प्रधानमंत्री के लिए भारत पहुंचने के बाद कई ऐसे विषय (टॉपिक) हैं जिन पर वह चर्चा के साथ मीटिंग भी कर सकते हैं। पहले यह है कि जब प्रधानमंत्री आज भारत पहुंचेंगे उसके 24 घंटे बाद शनिवार को महाराष्ट्र, झारखंड विधानसभा चुनाव के परिणाम आ रहे हैं। इन दोनों राज्यों में भाजपा और सहयोगी दलों की सीटों के हिसाब से क्या स्थिति रहेगी, प्रधानमंत्री इसकी भी समीक्षा करेंगे। वहीं दूसरी ओर पिछले दिनों मुंबई में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े एक होटल में नोट बांटने के आरोप में पकड़े गए थे इस पर भी पीएम पार्टी के नेताओं से वास्तविकता जानेंगे। इसके अलावा दो दिन बाद 25 नवंबर से शुरू हो रहे संसद का शीतकालीन सत्र को लेकर भी विपक्ष के पास केंद्र सरकार को घेरने के लिए क्या-क्या मुद्दे हैं, इस पर भी प्रधानमंत्री केंद्रीय मंत्रियों को दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं। हालांकि पीएम विदेश दौरे के दौरान भी भारत में हुई राजनीतिक गतिविधियों पर सक्रिय थे। अब जानते हैं पीएम मोदी की पांच दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान क्या खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुयाना की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद स्वदेश के लिए रवाना हो गए हैं। इस यात्रा दौरान उन्होंने भारत-कैरेबियाई समुदाय शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की, द्विपक्षीय वार्ता की और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। वह नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की अपनी पांच दिवसीय और तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में यहां आए थे। प्रधानमंत्री रविवार को नाइजीरिया पहुंचे थे, जो 17 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पश्चिम अफ्रीकी देश की पहली यात्रा है। वहां उन्होंने राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारतीय समुदाय से बातचीत की। अपनी यात्रा के दौरान, उन्हें नाइजीरिया के राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ़ द नाइजर (जीसीओएन) से सम्मानित किया गया, जिससे वह यह गौरव प्राप्त करने वाले दूसरे विदेशी गणमान्य व्यक्ति बन गए।नाइजीरिया से मोदी जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील गए, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने विश्व के कई अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गुयाना पहुंचे और यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया। वहीं, 50 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री गुरुवार को गुयाना में संसद के विशेष सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम कभी विस्तारवाद की भावना से आगे नहीं बढ़े। हम व्यवसाय पर संसाधनों का उपयोग करते हैं। संसाधनों को हथियाने की भावना से हमेशा दूर रहते हैं। आज भारत हर तरह से वैश्विक विकास के पक्ष में खड़ा है। इसी भावना के साथ भारत ग्लोबल साउथ की भी आवाज बना है। पीएम ने कहा कि आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम प्रथम प्रतिक्रियादाता बनकर वहां पहुंचें। कोविड-19 के दौरान जब हर देश खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था, तब भारत ने 150 से अधिक देशों के साथ दवाइयां और वैक्सीन साझा कीं।उन्होंने कहा कि भारत और गुयाना का रिश्ता बहुत गहरा है। यह मिट्टी, पसीने और परिश्रम का रिश्ता है। करीब 180 साल पहले एक भारतीय गुयाना की धरती पर आया था और उसके बाद से सुख और दुख दोनों में भारत और गुयाना का रिश्ता आत्मीयता से भरा रहा है। पिछले 200-250 वर्षों में भारत और गुयाना ने एक जैसी गुलामी देखी है। एक जैसा संघर्ष देखा है। आजादी की लड़ाई में कितने लोगों ने यहां और वहां अपनी जान कुर्बान की। आज दोनों देश दुनिया में लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं। गुयाना की संसद में मैं भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से आप सभी का अभिनंदन करता हूं। पीएम ने कहा कि 24 साल पहले एक जिज्ञासु के रूप में मुझे इस खूबसूरत देश में आने का मौका मिला। आमतौर पर लोग ऐसे देशों में जाना पसंद करते हैं जहां तामझाम हो चकाचौंध हो, लेकिन मुझे गुयाना की विरासत और इतिहास को जानना और समझना था। आज भी गुयाना में कई लोग मिल जाएंगे जिन्हें मेरी मुलाकात याद होगी। मेरी तब की यात्रा से बहुत सी यादें जुड़ी हुई हैं। पीएम ने कहा कि गुयाना ने मुझे कल ही सर्वोच्च सम्मान दिया है। मैं इस सम्मान के लिए आप सभी का और गुयाना के हर नागरिक का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यहां के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं यह सम्मान भारत के प्रत्येक नागरिक को समर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व के सामने आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मंत्र है- डेमोक्रेसी फर्स्ट, ह्यूमिनिटी फर्स्ट। लोकतंत्र प्रथम की भावना हमें सिखाती है कि सबको साथ लेकर चलो, सबको साथ लेकर सबके विकास में सहभागी बनो। मानवता प्रथम की भावना हमारे निर्णयों की दिशा तय करती है। जब मानवता प्रथम को निर्णयों का आधार बनाते हैं तो नतीजे भी मानवता के हित करने वाले ही होते हैं। पीएम मोदी इंडो-गुयाना समुदाय और कैरेबियाई राष्ट्र के विकास में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से तीन चीजें भारत और गुयाना को गहराई से जोड़ती हैं। संस्कृति, भोजन और क्रिकेट। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे आगमन के बाद से मुझे जो प्यार और स्नेह मिला है, उससे मैं बहुत अभिभूत हूं। राष्ट्रपति अली और उनकी दादी के साथ, हमने एक पेड़ भी लगाया। यह हमारी पहल ‘एक पेड़ मां के नाम’ का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और गुयाना दोनों को अपनी समृद्ध और विविध संस्कृति पर गर्व है। हमारे देश दिखा रहे हैं कि सांस्कृतिक विविधता हमारी ताकत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की यात्रा स्केल, स्पीड और सस्टेनेबिलिटी की रही है। केवल 10 वर्षों में भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और जल्द ही हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। हमारे युवाओं ने हमें दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि गुयाना के प्रमुख क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ सुखद बातचीत हुई। इस खेल ने हमारे देशों को करीब लाया है और हमारे सांस्कृतिक संबंधों को गहरा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुयाना यात्रा के दौरान सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल के दौरे के दौरान भगवान शिव की पूजा की और स्कूल में बच्चों से मुलाकात की।

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Author: AK

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