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मेडिसिन, फिजिक्स के बाद रसायन के लिए तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला नोबेल अवॉर्ड

Nobel Prize in chemistry awarded to David Baker, Demis Hassabis and John Jumper for work on ‘protein research’

मेडिसिन और फिजिक्स के बाद बुधवार को केमिस्ट्री के नोबेल प्राइज का भी एलान किया गया। इस साल ये प्राइज 3 वैज्ञानिकों को मिला है। इनमें अमेरिकी वैज्ञानिक डेविड बेकर, जॉन जम्पर और ब्रिटिश वैज्ञानिक डेमिस हसाबिस शामिल हैं। प्राइज को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा डेविड बेकर को मिला है, जिन्होंने नई तरह के प्रोटीन का निर्माण किया। इसके अलावा इसे संयुक्त रूप से डेमिस हसाबिस और जॉन एम. जम्पर को प्रोटीन संरचना भविष्यवाणी के लिए दिया जाएगा। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में 2023 के नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मौंगी जी. बावेंडी, कोलंबिया विश्वविद्यालय से लुईस ई. ब्रूस और नैनोक्रिस्टल टेक्नोलॉजी में काम करने वाले एलेक्सी आई. एकिमोव को दिया गया था। पुरस्कार ‘क्वांटम डॉट्स की खोज और संश्लेषण के लिए के लिए दिया गया था।प्रोटीन मनुष्य के शरीर के लिए केमिकल टूल की तरह काम करता है। यह शरीर में होने वाले सभी केमिकल रिएक्शन्स को कंट्रोल करता है जो मानव जीवन का आधार होते हैं। प्रोटीन करीब 20 अलग-अलग अमीनो ऐसिड से बना होता है। 2003 में डेविड बेकर ने इन अमीनो एसिड का इस्तेमाल कर एक नए तरह का प्रोटीन बनाया। इसका इस्तेमाल कई वैक्सीन और दवाइयों में किया जाता है। दूसरी खोज में प्रोटीन स्ट्रक्चर को समझने के लिए AI मॉडल बनाया गया। दरअसल, प्रोटीन में अमीनो एसिड लंबे तारों में एक साथ जुड़े होते हैं जो एक 3D स्ट्रक्चर बनाते हैं। 1970 के दशक से वैज्ञानिक अमीनो एसिड के आधार पर प्रोटीन का स्ट्रक्चर समझने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।


साल 2020 में डेमिस हसाबिस और जॉन जम्पर ने एक AI मॉडल अल्फाफोल्ड 2 बनाया। इसकी मदद से वैज्ञानिक सभी 20 करोड़ प्रोटीन के स्ट्रक्चर को वर्चुअली समझ पाए। आज अल्फाफोल्ड मॉडल का इस्तेमाल 190 देशों के करीब 20 लाख लोग करते हैं। प्रोटीन स्ट्रक्चर समझने से वैज्ञानिकों को एंटीबायोटिक को बेहतर जानने और प्लास्टिक को तोड़ने वाले एंजाइम्स बनाने में मदद मिली। इससे पहले मंगलवार को भौतिकी क्षेत्र के लिए अवॉर्ड का एलान किया गया था। जॉन जे. हॉपफील्ड और जेफ्री ई. हिंटन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया गया था। इन्हें कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क के साथ मशीन लर्निंग को सक्षम करने वाली मूलभूत खोजों और आविष्कारों के लिए यह पुरस्कार देने का फैसला किया गया था। वहीं, सोमवार को फिजियोलॉजी या मेडिसिन क्षेत्र के लिए इस सम्मान के विजेताओं के नाम का एलान किया गया था। इस साल अमेरिका के विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। दोनों को माइक्रो आरएनए की खोज के लिए यह सम्मान दिया गया।

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Author: AK

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