
नसरल्लाह की मौत के बाद दहशतगर्दों की टूटी कमर, लेबनान में तबाही का मंजर, इजरायल पीएम बोले- अभी हमारा काम खत्म नहीं हुआ, हिजबुल्लाह चीफ को महबूबा ने शहीद बताया
इजराइल और फिलीस्तीन के बीच करीब 1साल पहले शुरू हुई लड़ाई लेबनान और ईरान तक पहुंच गई। इस बार इजरायल पूरे जोश में है और इन दहशतगर्तों को हमेशा के लिए मिट्टी में मिलाना चाहता है। लेबनान में बुरा हाल है । चारों ओर तबाही का मंजर है । नसरुल्लाह की मौत के बाद लेबनान में कट्टरपंथियों की रीढ़ टूट गई है।
अक्टूबर 2023 को इजराइल की धरती पर हुए हमास के हमले के बाद इजराइल ने सैन्य अभियान ने गाजा पट्टी को तहस-नहस कर दिया। गाजा में इजरायल के हमलों में 41,500 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। दूसरी ओर अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारी लेबनान में लड़ाई 21 दिनों के लिए रोकने और वार्ता के लिए समय निकालने की बात कर रहे हैं। इसे नेतन्याहू ने नकार दिया। हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत के बाद भी शनिवार को इजराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में 33 लोगों की मौत हो गई, जबकि 195 घायल हुए हैं। वहीं भारत में नसरुल्ला की मौत पर मुस्लिम नेताओं ने उसे शहीद बताया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने लेबनान के लोगों के प्रति एकजुटता दिखाई है। इतना ही नहीं हसन नसरल्लाह को पूर्व सीएम ने शहीद बताया है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘लेबनान और गाजा के शहीदों, खास तौर पर हसन नसरुल्लाह के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मैं रविवार को अपना अभियान रद्द कर रही हूं। हम इस दुख और अनुकरणीय प्रतिरोध की घड़ी में फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं। वहीं हमले के बाद अपने पहले स्टेटमेंट में इजराइली पीएम नेतन्याहू ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि इजराइल कहीं भी पहुंच सकता है। वहीं ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। दूसरी तरफ, न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि नसरल्लाह को मारने के लिए 27 सितंबर को इजराइल ने 8 लड़ाकू विमान भेजे थे। इनके जरिए हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर 2 हजार पाउंड के 15 बम गिराए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ये अमेरिका में बने 109 बम थे, जिन्हें बंकर बस्टर भी कहा जाता है। ये लोकेशन पर अंडरग्राउंड तक घुसकर विस्फोट करने में सक्षम होते हैं। हिजबुल्लाह ने इजराइल के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही है। इजराइली मिलिट्री ने बताया कि शनिवार रात लेबनान से यरुशलम और वेस्ट बैंक के क्षेत्रों में हवाई हमले किए गए। इस दौरान वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों में आग लग गई। हालांकि, इजराइल ने ज्यादातर रॉकेट मार गिराए। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी शनिवार को एक वीडियो स्टेटमेंट जारी किया। उन्होंने कहा, हमारा काम अब भी खत्म नहीं हुआ है। मैंने नसरल्लाह को मारने का आदेश दिया क्योंकि कमजोर पड़ने के बाद भी वह किसी न किसी तरह हिजबुल्लाह को दोबारा खड़ा कर सकता था।नसरल्लाह की मौत के बाद बेरूत में बुर्ज अल गजल ब्रिज के पास टैंक तैनात कर दिए गए। दरअसल, लेबनान की सरकार को डर है कि हिजबुल्लाह चीफ के मारे जाने के बाद अब शिया और ईसाई समुदाय में झड़प हो सकती है। वहीं नसरल्लाह की मौत के बाद लेबनान और ईरान में शोक का माहौल है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इजराइली नेताओं को कई महीनों से नसरल्लाह की लोकेशन की जानकारी थी। वे 1 हफ्ते पहले ही उस पर हमले की योजना बना चुके थे। दरअसल, इजराइली अधिकारियों को डर था कि नसरल्लाह कुछ दिनों में किसी दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट हो जाएगा। ऐसे में उस पर हमले के लिए उनके पास बेहद कम समय है। इसके बाद शुक्रवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यूएन में भाषण देने के बाद अपने होटल रूम से हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर हमले की इजाजत दे दी। बेरूत में नसरल्लाह की मौत की खबर फैलने के बाद शोक का माहौल है। इजराइल के हमलों में बेघर होने के बाद एक मस्जिद की सीढ़ियों पर रह रही महिला ने रोते हुए कहा, वह चला गया। सैयद जा चुके हैं। वहीं 53 साल की दूसरी महिला ने चिल्लाकर कहा कि हम उनके रास्ते पर चलते रहेंगे। वे भले ही मर गए हैं, लेकिन उनकी जीत जरूर होगी। वहीं इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने देश में 3 दिन के शोक की घोषणा की है।ईरान में विदेश मंत्रालय के अधिकारी आयतुल्लाह मोहम्मद अखतारी ने कहा है कि ईरान आने वाले कुछ दिनों में लेबनान और सीरिया में सैनिकों की तैनाती की तैयारी में है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया गया है। अखतारी ने कहा, वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही गोलन हाइट्स में सैनिकों को तैनात करने की इजाजत दे देंगे। हम लेबनान में इजराइल से लड़ाई के लिए 1981 की तरह ही सेना भी भेज सकते हैं। नसरल्लाह 1992 से ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह का चीफ था। जब उसे यह जिम्मेदारी मिली तब वह महज 32 साल का था। नसरल्लाह संगठन के फाउंडिंग मेंबर्स में से एक था। इजराइल ने 2 महीने के भीतर हिजबुल्लाह की पूरी लीडरशिप को खत्म कर दिया है। इजराइल ने 30 जुलाई को लेबनान पर एक एयरस्ट्राइक में हिजबुल्लाह के दूसरे सबसे सीनियर लीडर फुआद शुकर को मार गिराया था। इसके ठीक अगले दिन 31 जुलाई को ईरान पर हमला कर हमास चीफ इस्माइल हानियेह को भी मार दिया था। अब हिजबुल्लाह की लीडरशिप में कोई सीनियर नेता नहीं बचा है। वहीं हमास की लीडरशिप में सिर्फ याह्या सिनवार जीवित है, जो गाजा में मौजूद है।
Author: AK
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