केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की एक दशक से सियासत की पारी शिखर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अमित शाह भारतीय जनता पार्टी में दूसरे नंबर के नेता माने जाते हैं। पार्टी में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर अमित शाह की भी मुहर लगती है। पार्टी में उन्हें चाणक्य कहा जाता है ।कुल मिलाकर मौजूदा समय में गृहमंत्री अमित शाह राजनीति के पीक पर है। जैसे पिता का राजनीति में डंका बज रहा है वैसे ही बेटे का क्रिकेट जगत में सितारे बुलंदियों पर हैं। हम बात कर रहे हैं गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह की । अभी तक टीम इंडिया में पिछले पांच साल से जय शाह की बादशाहत बरकरार रही है। भारतीय क्रिकेट टीम के सिलेक्शन से लेकर हर फैसलों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई सचिव जय शाह का वर्चस्व कायम रहा।

अब जय शाह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऊंची चलांग लगाई है। जय शाह इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नए चेयरमैन चुने गए हैं। उन्हें निर्विरोध चुना गया। शाह 1 दिसंबर को पद संभालेंगे। वह अक्टूबर 2019 से बीसीसीआई के सचिव हैं। साथ ही जनवरी 2021 से एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ भी हैं। जय शाह के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के सबसे टॉप अधिकारी बनने पर पिता अमित शाह आज जरूर खुश होंगे। आईसीसी चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद शाह ने नॉमिनेशन दाखिल किया था। न्यूजीलैंड के ग्रेग बार्कले का कार्यकाल 30 नवंबर को खत्म होगा।
जय शाह इसी साल 22 सितंबर को 36 साल के हो जाएंगे। वह 1 दिसंबर को 36 साल की उम्र में आईसीसी चेयरमैन का पद संभालेंगे। वह आईसीसी के 16वें चेयरमैन होंगे, उनसे पहले सभी 15 चेयरमैन की उम्र 55 साल से ज्यादा ही रही। शाह से पहले 2006 में साउथ अफ्रीका के पर्सी सोन 56 साल की उम्र में प्रेसिडेंट बने थे। उनसे 20 साल छोटे शाह अब 36 साल की उम्र में आईसीसी के सबसे युवा चेयरमैन बनेंगे।
आईसीसी अध्यक्ष चुने जाने पर शाह ने इस पारी को लेकर आईसीसी से कहा- मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष के रूप में अपनी इस पारी के लिए अभिभूत हूं। उन्होंने आगे कहा- मैं क्रिकेट को और अधिक वैश्विक बनाने के लिए आईसीसी टीम और हमारे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। शाह को अब बीसीसीआई सचिव का पद छोड़ना होगा। बोर्ड की आमसभा की बैठक अगले महीने या अक्तूबर में होगी। शाह के सामने फौरी तौर पर आईसीसी में चुनौती पाकिस्तान में चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन है। शाह एशियाई क्रिकेट परिषद के चेयरमैन के तौर पर 2023 एशिया कप वनडे टूर्नामेंट में हाइब्रिड मॉडल के पुरजोर समर्थक थे जो पाकिस्तान और श्रीलंका की सह मेजबानी में हुआ था। अब देखना यह है कि आईसीसी चेयरमैन के तौर पर वह इस स्थिति से कैसे निपटते हैं क्योंकि भारत सरकार टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति शायद नहीं देगी।
समझा जाता है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भी हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा सकता है जिसमें पाकिस्तान अपने मैच देश में और भारत के खिलाफ दुबई में खेलेगा। उल्लेखनीय है कि उनसे पहले जगमोहन डालमिया (1997 से 2000) और शरद पवार (2010-2012) प्रेसिडेंट रहे, जबकि एन. श्रीनिवासन (2014 – 2015) और शशांक मनोहर (2015 – 2020) चेयरमैन रहे। वह ओवरऑल आईसीसी पर राज करने वाले कुल 5वें भारतीय बन जाएंगे।
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Author: AK
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