
पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हसीना सरकार का तख्ता पलट हुए दो दिन हो चुके हैं इसके बावजूद हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालत अभी भी बेकाबू हैं। राजधानी ढाका समेत कई जिलों में कानून व्यवस्था कट्टरपंथियों के हाथ में है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन कट्टरपंथियों की लड़ाई शेख हसीना से थी तो हिंदुओं को क्यों निशाना बनाया गया। जबसे बांग्लादेश की सत्ता से शेख हसीना का सफाया हुआ वहां कट्टरपंथियों को अचानक नई शक्ति मिल गई है। इस शक्ति के शिकार हो रहे हैं वो हिंदू जो बांग्लादेश में किसी तरह रह रहे थे जो बांग्लादेश में किसी तरह अपना जीवन गुजार रहे हैं। हालांकि कुछ मुस्लिम संगठन इन दंगाइयों से हिंदुओं को बचाने के लिए पहरा भी दे रहे हैं। बांग्लादेश में 17 करोड़ की आबादी में से हिंदुओं की संख्या 1 करोड़ 31 लाख के आसपास है। 27 जिलों में हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया । लोगों का कहना है कि ऐसा कोई इलाका या जिला नहीं बचा है, जहां सांप्रदायिक हमले न हुए हों। हिंदुओं को घरों से निकालकर पीटा जा रहा है । उनकी दुकानों में लूटपाट की जा रही है। इन हमलों के कारण हिंदू डर के साए में रह रहे हैं। बांग्लादेश में हिंसा के बीच कई ऐसी तस्वीरें आई जो भारत को झकझोर गई। हिंसा और आगजनी के बीच अब उपद्रवियों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया। भीड़ चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बना रही है। घरों में आग लगाई जा रही है। दुकानों को लूटा जा रहा है। इस बीच बांग्लादेश के मेहरपुर इस्कॉन मंदिर की तस्वीरें सामने आई हैं। दंगाइयों ने तोड़फोड़ करने के बाद इस मंदिर को आग के हवाले कर दिया।





बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 जिलों में हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया है। कीमती सामान को लूटा गया है। मंदिरों पर भी हमले किए गए हैं। कालीगंज उपजिला के चंद्रपुर गांव में 4 हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई है। हातिबंधा उपजिला के पुरबो सरदुबी गांव में 12 हिंदुओं के घरों में आग लगा दी गई है।इस्कॉन मंदिर पर हमले के बाद चटगांव इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि शेख हसीना के भारत जाने के बाद हिंदू मंदिरों पर हमले शुरू हो गए हैं। उन्होंने आगे बताया,’मेहरपुर इस्कॉन मंदिर पर हमला किया गया, आधी रात को भीड़ ने तोड़फोड़ की. चटगांव में तीन मंदिर खतरे में हैं। हिंदू समुदाय और कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिरों की रक्षा की है। चटगांव में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स से मदद मांगी गई है। वे खुद ही वेश बदलकर भाग रहे हैं । हिंदू और अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई लोग पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते भारत भाग रहे हैं। पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पहले से ही खराब है। अफगानिस्तान में तालिबान राज के बाद अब नाममात्र के हिंदू बचे हैं। कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जो बांग्लादेश में हिंदुओं के वर्तमान और भविष्य दोनों को बयां कर रहा है।बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। भारत में भी इस मुद्दे पर चिंता बनी हुई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में इस पर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर नजर है। ऐसी रिपोर्ट्स है कि कई संगठन और संस्थान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हैं, जिसका हम स्वागत करते हैं। हालांकि कानून व्यवस्था बहाल होने तक हम इसको लेकर चिंतित रहेंगे, सीमा सुरक्षा बलों को भी स्थिति को देखते हुए अलर्ट किया गया है। वहीं बांग्लादेश मामले पर विपक्ष ने सरकार का समर्थन किया है। बता दें कि सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सभी नेताओं को पड़ोसी मुल्क की मौजूद हालात की जानकारी दी है। इस बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे।
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Author: AK
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