DW Samachar – Header
ब्रेकिंग

जासूसी के आरोप में ब्रिटेन जेल में लंबे समय से बंद विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे रिहा, जानिए क्या है पूरा मामला

Julian Assange, the Founder of WikiLeaks has been released from Belmarsh Prison after striking plea deal with the US Court
Julian Assange, the Founder of WikiLeaks has been released from Belmarsh Prison after striking plea deal with the US Court
Julian Assange, the Founder of WikiLeaks has been released from Belmarsh Prison after striking plea deal with the US Court

विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को जेल से रिहा कर दिया गया है। विकिलीक्स ने इस बारे में जानकारी दी है। अमेरिकी न्याय विभाग के साथ हुई डील के बाद उन्हें लंदन की हाई सिक्योरिटी जेल से छोड़ दिया गया है। रिहाई के बाद असांजे अपने मूल देश ऑस्ट्रेलिया जाएंगे। जूलियन असांजे पर जासूसी के 17 आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि असांजे अमेरिकी अदालत में सैन्य रहस्यों को उजागर करने का आरोप मानने को तैयार हो गए हैं। इसके बदले उन्होंने अपनी रिहाई की मांग की थी। ऐसे में कोर्ट में अपना जुर्म कबूल करते ही वर्षों पुराने कानूनी ड्रामे पर भी ब्रेक लग गया।

Julian Assange, the Founder of WikiLeaks has been released from Belmarsh Prison after striking plea deal with the US Court

अमेरिकी के मारियाना द्वीप समूह की कोर्ट में दायर किए गए दस्तावेज के मुताबिक, असांजे राष्ट्रीय रक्षा से जुड़ी जानकारी पाने और उसे फैलाने की साजिश के एक भी मामले में दोषी ठहराए जाएंगे। असांजे अब तक ब्रिटेन में हिरासत में थे। यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, 52 साल के असांजे बुधवार को अमेरिका की साइपन कोर्ट में पेश होंगे। यहां वे अमेरिका के खुफिया दस्तावेजों को हासिल करने के लिए साजिश रचने के आरोप को स्वीकार करेंगे। इस समझौते के बाद उन्हें ब्रिटेन की हाई-सिक्योरिटी जेल बेलमार्श से सोमवार को रिहा कर दिया गया। यहां से वे सीधे अपने देश ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गए। अमेरिका के साथ समझौते के मुताबिक, आरोप मानने के बाद असांजे को 62 महीने (5 साल 2 महीने) जेल की सजा सुनाई जाएगी, जो वे पहले ही पूरी कर चुके हैं। जूलियन अब तक ब्रिटिश जेल में 1901 दिन की सजा काट चुके हैं। समझौते के बाद लंदन के हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी, जिसके बाद उन्हें सीधे स्टैंस्टीड एयरपोर्ट पहुंचाया गया।

बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे पर अमेरिकी सरकार ने 2010 में इराक और अफगानिस्तान में जंग से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने में उनकी भूमिका का आरोप लगाया था। असांजे पर जासूसी के 17 आरोप और उनकी वेबसाइट पर अमेरिकी दस्तावेजों के प्रकाशन को लेकर कम्प्यूटर के दुरुपयोग का एक आरोप था। असांजे ने सात साल तक लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली थी। इसके बाद पिछले पांच साल उन्होंने ब्रिटेन की जेल में बिताए। बताया जा रहा है कि असांजे को 62 महीने की जेल तक की सजा हो सकती है। हालांकि, असांजे ने ब्रिटेन की जेल में करीब पांच साल यानी 60 महीने बिताए हैं तो इससे उनकी सजा पूरी मानी जाएगी।

यह भी पढ़ेइलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चुनावी चंदे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

यह भी पढ़ेस्वामीनाथन रिपोर्ट: पहले भारत रत्न का सम्मान,अब उन्हीं स्वामीनाथन की कृषि रिपोर्ट कृषि मंत्रालय की वेबसाइट से गायब, जानें कौन हैं स्वीनाथन क्या है इनकी रिपोर्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News