
देश-दुनिया में मोबाइल आने से पहले लोगों के पास पेजर हुआ करता था। यह संदेश भेजने और प्राप्त करने के लिए सशक्त माध्यम था । इसकी अवधि बेहद कम समय की थी। 90 के दशक में मोबाइल आने के बाद यह धीरे-धीरे गायब हो गया।
लेकिन मंगलवार 17 सितंबर को लेबनान देश में पेजर से किए गए विस्फोट के बाद पूरे दुनिया की निगाहें इस पर आकर टिक गई है। लेबनान और सीमावर्ती सीरिया के कुछ इलाकों में पेजर में सिलसिलेवार धमाके से हड़कंप मच गया। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 2700 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में ईरानी राजदूत भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि पेजर्स को हैक कर ब्लास्ट किया गया था। पेजर ब्लास्ट में हिजबुल्लाह सांसद के बेटे की भी मौत हुई है। उग्रवादी समूह के मेंबर की 10 साल की बेटी की भी हादसे में मौत हुई है। 200 की हालात गंभीर है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। पेजर ब्लास्ट में इजराइल का हाथ होने का शक जताया जा रहा है। ईरान के राजदूत मोजीतबा अमानी और हिजबुल्लाह के लड़ाके भी घायल हुए है।
हमले के बाद लेबनान सरकार ने सभी लोगों से अपने पास रखे पेजर फेंकने को कहा है। इन हमलों की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वो दिल दहला देने वाली हैं। इनमें देखा जा सकता है कि खून से लथपथ लोग जमीन पर पड़े हुए हैं। भारी संख्या में लोगों के घायल होने की वजह से अस्पतालों में भी अफरा-तफरी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों से इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को भर्ती करते वक्त अलर्ट रहने के लिए कहा है। साथ ही जिनके पास पेजर हैं, उनसे दूर रहने के लिए कहा है। स्वास्थ्य कर्मियों से वायरलेस डिवाइस का इस्तेमाल करने से बचने के लिए भी कहा है।
बता दें कि पेजर एक वायरलेस डिवाइस होता है जिसका उपयोग संदेश भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर छोटे स्क्रीन और लिमिटेड कीपैड के साथ आता है। इसकी मदद से संदेशों, अलर्ट्स को जल्दी से प्राप्त किया जा सकता है। मोबाइल फोन से पहले पेजर का इस्तेमाल चलन में था। बाद में धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल कम होता गया। हालांकि लेबनान में अभी भी इसे इस्तेमाल में लाया जा रहा है।
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Author: AK
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