DW Samachar – Header
BREAKING

US Supreme Court Birthright Citizenship: US सुप्रीम कोर्ट का ट्रंप को झटका, जन्मजात नागरिकता बरकरार

US सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम को बरकरार रखा। ट्रंप के आदेश पर रोक से अमेरिका की नागरिकता नीति पर बड़ा असर पड़ा। US Supreme Court Blocks Trump Birthright Citizenship Order US सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप की जन्म आधारित नागरिकता बदलने की कोशिश को झटका अमेरिका में नागरिकता … Read more

US Supreme Court Blocks Trump Birthright Citizenship Order

US सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम को बरकरार रखा। ट्रंप के आदेश पर रोक से अमेरिका की नागरिकता नीति पर बड़ा असर पड़ा।

US Supreme Court Blocks Trump Birthright Citizenship Order


US सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप की जन्म आधारित नागरिकता बदलने की कोशिश को झटका

अमेरिका में नागरिकता के मुद्दे पर लंबे समय से चल रही बहस के बीच एक बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। US Supreme Court Birthright Citizenship मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा है। इस फैसले से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उस कोशिश को झटका लगा है, जिसमें वह अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों को नागरिकता मिलने के नियम में बदलाव करना चाहते थे।

Digital Women Trust

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका में एक बार फिर यह सवाल चर्चा में आ गया है कि देश की नागरिकता नीति किस दिशा में जाएगी और भविष्य में इसमें बदलाव की कितनी संभावना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि वह इस मुद्दे पर कानून लाने और कांग्रेस के माध्यम से बदलाव करने की कोशिश करेंगे।

यह फैसला केवल कानूनी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता का नियम दशकों से लागू है।


सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के कार्यकारी आदेश को किया खारिज

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 30 जून को राष्ट्रपति ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें अमेरिका में जन्म लेने वाले उन बच्चों की नागरिकता सीमित करने की कोशिश की गई थी, जिनके माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं या अस्थायी स्थिति में हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को नागरिकता का अधिकार प्राप्त है।

इस फैसले के साथ अदालत ने अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की लंबे समय से चली आ रही व्याख्या को कायम रखा। इसी संशोधन के आधार पर अमेरिका में जन्म लेने वाले व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार मिलता है।

यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस दलील के विपरीत है जिसमें कहा गया था कि गैर-अमेरिकी नागरिकों के बच्चों को स्वतः नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।


क्या है जन्म के आधार पर नागरिकता का नियम?

Birthright Citizenship क्या होती है?

जन्म के आधार पर नागरिकता यानी Birthright Citizenship का अर्थ है कि किसी देश की सीमा के भीतर जन्म लेने वाला व्यक्ति उस देश का नागरिक माना जाता है।

अमेरिका में यह व्यवस्था 14वें संशोधन के आधार पर लागू है। इसके अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाले और वहां के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लगभग सभी लोग अमेरिकी नागरिक माने जाते हैं।

इस नियम के तहत माता-पिता की नागरिकता या आव्रजन स्थिति आमतौर पर बच्चे की नागरिकता को प्रभावित नहीं करती।

यही कारण है कि अमेरिका में लंबे समय से ऐसे बच्चों को भी नागरिकता मिलती रही है जिनके माता-पिता विदेशी नागरिक हैं या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे हैं।


14वां संशोधन क्यों है महत्वपूर्ण?

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन वर्ष 1868 में लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गृहयुद्ध के बाद नागरिक अधिकारों को मजबूत करना था।

इस संशोधन में कहा गया है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले या वहां प्राकृतिक रूप से नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी लोग अमेरिकी नागरिक हैं।

समय के साथ अदालतों ने इस प्रावधान की व्याख्या करते हुए जन्म आधारित नागरिकता के सिद्धांत को मजबूत किया।

ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि इस प्रावधान की मौजूदा व्याख्या गलत है और इसे बदलने की आवश्यकता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस व्याख्या को स्वीकार नहीं किया और पुराने कानूनी सिद्धांत को जारी रखा।


ट्रंप ने फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर नागरिकता का नियम अमेरिका के लिए नुकसानदायक है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर कानून लाने और कांग्रेस के माध्यम से बदलाव करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए किसी बड़े संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी और कांग्रेस इस दिशा में कदम उठा सकती है।

ट्रंप लंबे समय से अमेरिका की आव्रजन नीति को सख्त करने की बात करते रहे हैं। जन्म आधारित नागरिकता का मुद्दा भी उनकी आव्रजन नीति के प्रमुख विषयों में शामिल रहा है।


ट्रंप प्रशासन का क्या तर्क था?

ट्रंप प्रशासन का कहना था कि अमेरिका में रहने वाले गैर-नागरिकों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देना सही नहीं है।

प्रशासन का तर्क था कि ऐसे लोग अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में पूरी तरह शामिल नहीं माने जाने चाहिए और इसलिए उन्हें जन्म के आधार पर नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।

सरकार ने यह भी दावा किया था कि मौजूदा व्यवस्था का गलत इस्तेमाल हो रहा है और इसे बदलने की आवश्यकता है।

हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि संविधान की मौजूदा व्याख्या के अनुसार अमेरिका में जन्म लेने वालों को नागरिकता का अधिकार प्राप्त है।


अमेरिका की नागरिकता कैसे साबित होती है?

अमेरिकी कानून के अनुसार नागरिकता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों का उपयोग किया जाता है।

अमेरिका में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए जन्म प्रमाण पत्र नागरिकता का प्रमुख प्रमाण होता है। इसके अलावा पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेज भी नागरिकता साबित करने में मदद करते हैं।

अमेरिकी नागरिकता कानून में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले या प्राकृतिक प्रक्रिया के माध्यम से नागरिक बने लोग देश के नागरिक होते हैं।

यही प्रावधान जन्म आधारित नागरिकता की नींव है।


फैसले का राजनीतिक असर

Trump Citizenship Rule पर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का अमेरिका की राजनीति पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

आव्रजन नीति अमेरिका में हमेशा एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रही है। रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता आव्रजन नियमों को सख्त करने की वकालत करते रहे हैं, जबकि डेमोक्रेटिक नेताओं का एक बड़ा वर्ग मौजूदा नागरिकता व्यवस्था का समर्थन करता है।

यह फैसला आने वाले समय में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। विशेष रूप से चुनावी राजनीति में नागरिकता और आव्रजन से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों पर प्रभाव

इस फैसले से उन लाखों परिवारों को राहत मिली है जो अमेरिका में रहते हैं और जिनके बच्चों के नागरिकता अधिकार इस मुद्दे से जुड़े हुए थे।

यदि जन्म आधारित नागरिकता का नियम बदल दिया जाता, तो अमेरिका में जन्म लेने वाले कई बच्चों की कानूनी स्थिति प्रभावित हो सकती थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फिलहाल मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी और अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता का अधिकार मिलता रहेगा।


भविष्य में क्या हो सकता है बदलाव?

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने वर्तमान नियम को बरकरार रखा है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ा सकते हैं।

किसी भी बड़े बदलाव के लिए कांग्रेस में कानून बनाने की प्रक्रिया जरूरी होगी। इसके अलावा ऐसे किसी भी बदलाव को फिर से अदालतों में चुनौती दी जा सकती है।

इसलिए आने वाले समय में अमेरिका की नागरिकता नीति को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।


निष्कर्ष

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट फैसला जन्म आधारित नागरिकता के मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। अदालत ने 14वें संशोधन की मौजूदा व्याख्या को बरकरार रखते हुए ट्रंप प्रशासन के प्रयासों को रोक दिया है।

यह फैसला अमेरिका में नागरिकता, संविधान और आव्रजन नीति के बीच संतुलन को लेकर जारी बहस को और महत्वपूर्ण बना देता है।

फिलहाल अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता का अधिकार मिलता रहेगा, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कानून के माध्यम से बदलाव की कोशिश भविष्य में इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला सकती है।

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़