नाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी हमले का वीडियो साझा करते हुए 20 गुना जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। जानिए पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दोनों देशों के ताजा घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट।
Trump Shares Iran Strike Video, Warns of 20x Response
ट्रंप ने शेयर किया ईरान पर अमेरिकी हमले का वीडियो, 20 गुना जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक एयरबेस पर हुए अमेरिकी हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो साझा करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका या उसके हितों पर दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब पहले से “20 गुना ज्यादा ताकत” के साथ दिया जाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।
बताया जा रहा है कि जिस एयरबेस का वीडियो साझा किया गया है, वह ईरान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र ईरानशहर में स्थित है। इस एयरबेस के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) भी करता है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
#WATCH | U.S. Central Command releases a video that shows U.S. military strikes on Iranian military targets
— ANI (@ANI) July 9, 2026
The official account of U.S. Central Command tweets, "U.S. Central Command (CENTCOM) forces completed an additional round of strikes against Iran, July 8, to further… pic.twitter.com/9X3xChlCjz
युद्धविराम को लेकर ट्रंप का दावा
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ युद्धविराम समझौता करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से उन्हें फोन आया था और समझौते की इच्छा जताई गई।
ट्रंप ने कहा, “ईरान की तरफ से कुछ देर पहले फोन आया था। वे समझौता करना चाहते हैं। मुझे नहीं पता कि वे इसके लायक भी हैं या नहीं। यह भी नहीं मालूम कि वे किसी समझौते का पालन करेंगे या नहीं।”
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनसे संपर्क करने वाला व्यक्ति कौन था। वहीं, ईरान की ओर से भी इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

‘एक के बदले 20 हमले’ की चेतावनी
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि भविष्य में अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाया गया तो अमेरिका कहीं अधिक सख्त जवाब देगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर ईरान के सैन्य ठिकानों पर पहले से 20 गुना अधिक ताकत के साथ हमला कर सकती है। ट्रंप ने खार्ग द्वीप का भी उल्लेख किया और संकेत दिया कि रणनीतिक महत्व वाले ठिकानों पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा, “जो भी होगा, बहुत तेजी से होगा। अमेरिकी सेना अपना काम पूरा करना जानती है।”
फिर बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव
हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। इसके बाद दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई के दावे सामने आए।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की बात कही। इसके बाद चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और सिरिक जैसे क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आईं।
उधर कुवैत और बहरीन में संभावित मिसाइल खतरे को देखते हुए चेतावनी सायरन भी बजाए गए, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
ईरान का पलटवार और कड़ा संदेश
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरी गलीबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान पर हमला किया जाएगा तो उसका जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि दबाव और धमकियों की नीति हमेशा सफल नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े फैसले ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार लिए जाएंगे।
ईरान की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि दोनों देशों के बीच टकराव केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी तनाव लगातार बढ़ रहा है।
अंतरिम समझौते पर भी ट्रंप का बयान
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब समाप्त हो चुका है। उनके इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिका आने वाले समय में ईरान के खिलाफ और सख्त रणनीति अपना सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत ही स्थायी समाधान का रास्ता हो सकती है।
दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।
यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसका असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था, ईंधन कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। दोनों देशों के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम तेजी से बदल सकता है।
Author: AK
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