हिमाचल प्रदेश में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से मौसम बदला। जानिए ऑरेंज अलर्ट, बंद सड़कें और मनाली-लेह मार्ग की ताजा स्थिति।
Snowfall and Rain Change Weather in Himachal
हिमाचल में मौसम ने बदला रंग, कहीं बर्फ तो कहीं बारिश
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को गर्मी से राहत दी है। प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस बदले रूप ने जहां पर्यटकों को आकर्षित किया है, वहीं प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
बारालाचा, कुंजुम, रोहतांग और शिंकुला जैसी ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है। वहीं चंबा और केलंग में बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में 29 सड़कें बंद हैं और करीब 300 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। दूसरी तरफ सीमा सड़क संगठन यानी BRO ने समय से पहले मनाली-लेह मार्ग बहाल कर बड़ी राहत दी है।

ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात से बदला नजारा
रोहतांग और बारालाचा में बर्फबारी
मंगलवार को हिमाचल की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया। रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजुम और शिंकुला में बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आई है।
पर्यटकों में उत्साह
मई के महीने में बर्फबारी की खबर सुनकर पर्यटक काफी उत्साहित दिखाई दिए। कई लोग बर्फ देखने के लिए मनाली और लाहुल-स्पीति की ओर रुख कर रहे हैं।
स्थानीय होटल कारोबारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
मैदानी इलाकों में बारिश और आंधी का असर
चंबा और केलंग में हुई वर्षा
जहां पहाड़ों पर बर्फ गिरी, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में बारिश ने मौसम सुहावना बना दिया। चंबा में एक मिलीमीटर और केलंग में तीन मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान में गिरावट
बारिश और बादलों की वजह से कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई। केलंग में अधिकतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
इसके बाद यहां का तापमान लगभग 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मंडी, कुल्लू और शिमला में चेतावनी
मौसम विभाग ने मंडी, कुल्लू और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना
इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने किसानों और बागवानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
चंबा और कांगड़ा में यलो अलर्ट
स्थानीय प्रशासन सतर्क
चंबा और कांगड़ा जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना है।
लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
विशेषकर पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
29 सड़कें बंद, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
हिमाचल में जनजीवन पर असर
बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में 29 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं।
300 ट्रांसफार्मर खराब
खराब मौसम की वजह से लगभग 300 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव
दिन और रात के तापमान में अंतर
प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार बदलाव देखा जा रहा है।
किन क्षेत्रों में कितना बदलाव?
- केलंग में तापमान 7.7 डिग्री तक गिरा
- ताबो में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री कम हुआ
- कुफरी में तापमान 3.6 डिग्री बढ़ा
- धर्मशाला में 2.5 डिग्री की वृद्धि दर्ज हुई
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने के कारण यह बदलाव जारी रह सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम परिवर्तन की वजह
16 मई तक सक्रिय रहेगा सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसकी वजह से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
विशेषज्ञों का कहना है कि बुधवार के बाद यह सिस्टम थोड़ा कमजोर हो सकता है, लेकिन 16 मई तक कई इलाकों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है।
मनाली-लेह मार्ग बहाल, BRO की बड़ी उपलब्धि
समय से पहले खुला रणनीतिक मार्ग
सीमा सड़क संगठन यानी BRO ने मनाली-लेह मार्ग को समय से पहले बहाल कर दिया है। यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण सामरिक मार्गों में से एक माना जाता है।
42 दिनों में पूरा हुआ काम
BRO ने 27 मार्च से सड़क बहाली का काम शुरू किया था और केवल 42 दिनों में इसे पूरा कर लिया।
पिछले वर्ष यह मार्ग 18 मई को बहाल हुआ था, जबकि इस बार इसे पहले ही खोल दिया गया।
क्यों खास है मनाली-लेह मार्ग?
सेना और पर्यटन दोनों के लिए अहम
पठानकोट-जम्मू-कारगिल-लेह मार्ग की तुलना में मनाली-लेह मार्ग छोटा और ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
सीमा सुरक्षा में बड़ी भूमिका
यह मार्ग चीन सीमा तक सेना की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क खुलने से सेना को राहत मिलेगी।
साथ ही पर्यटन उद्योग को भी इसका बड़ा फायदा होगा।
BRO जवानों ने कठिन हालात में किया काम
माइनस तापमान में चला ऑपरेशन
BRO अधिकारियों के अनुसार सड़क बहाली के दौरान कई बार मौसम ने मुश्किलें पैदा कीं।
छह बार बाधित हुआ काम
42 दिनों के दौरान छह बार बर्फबारी और खराब मौसम के कारण काम रोकना पड़ा, लेकिन जवानों ने लगातार प्रयास जारी रखा।
माइनस तापमान में काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
बारालाचा दर्रे को खोलना सबसे बड़ी चुनौती
16 हजार फीट की ऊंचाई पर काम
BRO के अधिकारियों ने बताया कि समुद्र तल से 16,040 फीट ऊंचे बारालाचा दर्रे को बहाल करना सबसे कठिन कार्यों में से एक था।
आधुनिक मशीनों और टीमवर्क का सहारा
इस अभियान में आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित इंजीनियरों की मदद ली गई।
BRO की दीपक और हिमांक परियोजनाओं ने मिलकर यह काम पूरा किया।
जल्द शुरू होगी वाहनों की आवाजाही
प्रशासन के साथ होगी बैठक
हालांकि सड़क बहाल हो चुकी है, लेकिन वाहनों की नियमित आवाजाही शुरू करने से पहले प्रशासन बैठक करेगा।
सुरक्षा जांच जरूरी
लाहुल-स्पीति प्रशासन सड़क की स्थिति और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगा।
उसके बाद आम वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
शिमला एयरपोर्ट पर उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित
मौसम के कारण सेवाएं प्रभावित
शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर मंगलवार को उड़ानों का शेड्यूल नहीं रखा गया।
मौसम पर निर्भर रहेंगी उड़ानें
दिल्ली-शिमला-धर्मशाला उड़ान सेवाएं मौसम की स्थिति के अनुसार संचालित होंगी।
खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों में बदलाव संभव है।
किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
ओलावृष्टि से फसलों को खतरा
मंडी, कुल्लू और शिमला में ओलावृष्टि की चेतावनी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सेब और सब्जियों पर असर
हिमाचल में फल और सब्जी उत्पादन बड़े स्तर पर होता है। ओलावृष्टि होने पर सेब, मटर और अन्य फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
पर्यटन कारोबार को मिल सकती है रफ्तार
बर्फबारी देखने पहुंच रहे पर्यटक
मई में बर्फबारी की खबर सुनकर पर्यटक बड़ी संख्या में हिमाचल की ओर जा रहे हैं।
होटल कारोबारियों को उम्मीद
होटल और ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि मौसम में बदलाव से पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिल सकती है।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना अनोखा रूप दिखाया है। जहां ऊंची चोटियों पर बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है।
हालांकि खराब मौसम के कारण सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और आंधी-ओलावृष्टि की आशंका ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। दूसरी ओर BRO द्वारा समय से पहले मनाली-लेह मार्ग बहाल करना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ अभी कुछ दिनों तक सक्रिय रहने वाला है।
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Author: AK
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