शुक्र, अप्रैल 17, 2026

एनसीपी में उठापटक जारी: भतीजे से मिली हार के बाद कद्दावर नेता शरद पवार आखिरी दांव खेलने के लिए दिल्ली रवाना, अजित पवार ने मुख्यमंत्री बनने की जाहिर की इच्छा, वीडियो

Sharad Pawar leaves for Delhi to attend NCP National Executive meeting
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एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार 2 जुलाई से भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से लगातार सियासी मैदान में पिछड़ते जा रहे हैं। 5 जुलाई को शरद पवार और अजित पवार ने बैठक बुलाई जिसमें भतीजा चाचा पर भारी पड़ गया। मुंबई के बाद अब राजनीति के कद्दावर नेता शरद पवार आखिरी शक्ति प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। शरद पवार ने दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। यह बैठक राष्ट्रवादी कांग्रेस के भविष्य की नजर से काफी अहम मानी जा रही है। आज दोपहर 3 बजे होने जा रही इस बैठक में जयंत पाटिल, सुप्रिया सुले, जितेंद्र आव्हाड सहित एनसीपी के लोकसभा और राज्यसभा के सांसद मौजूद रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में अजित पवार के खिलाफ प्रस्ताव पास हो सकता है। वहीं दूसरी ओर बुधवार को शरद पवार को हटाकर अजित पवार अब खुद एनसीपी के अध्यक्ष बन गए हैं। इसके एक दिन बाद गुरुवार को शरद पवार दिल्ली रवाना हो गए हैं। वो यहां पर एनसीपी की एग्जिक्यूटिव कमेटी की मीटिंग में शामिल होंगे। इस बीच, अजित पवार से गठबंधन के बाद विधायकों में असंतोष की खबरों पर एकनाथ शिंदे ने कहा- पार्टी में सब ठीक है। मैं इस्तीफा नहीं दे रहा हूं। दरअसल, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कुछ दिनों में बदल दिया जाएगा। भाजपा ने भी जवाब दिया और कहा- शिंदे ही मुख्यमंत्री रहेंगे।

उधर, अजित पवार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अपने समर्थक 32 विधायकों को ताज होटल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि टूट-फूट की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री शंभूराज देसाई ने एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की अटकलों का खारिज किया है। उन्होंने कहा, सीएम एकनाथ शिंदे के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। हमारे पास 200 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। कोई भी नेता नाखुश नहीं है और सभी को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा है। वहीं मुंबई के बांद्रा में हुए बैठक में बोलते हुए अजित पवार ने अपना दर्द बताया तो इच्छा भी जाहिर की। अजित पवार ने कहा, मैंने पांच बार डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली है, जो एक रिकॉर्ड है, लेकिन गाड़ी यहीं रुक गई है। अजित पवार ने कहा कि मुझे दिल से लगता है कि मझे राज्य का प्रमुख (मुख्यमंत्री) बनना चाहिए। मेरे पास कुछ प्लान हैं, जिन्हें मैं कार्यान्वित करना चाहता हूं और उसके लिए मुख्यमंत्री बनना जरूरी है। अजित पवार ने चाचा पवार को रिटायरमेंट की सलाह भी दे डाली। उन्होंने कहा कि आप कभी रुकेंगे या नहीं। हमें आशीर्वाद देंगे। बीजेपी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, वहां नेता 75 वर्ष की आयु में रिटायर हो जाते हैं। हर किसी की अपनी पारी है। सबसे सार्थक समय 25 से 75 वर्ष की आयु का होता है।

AK
Author: AK

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