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Bankipur By Election Prashant Kishor Property: प्रशांत किशोर की संपत्ति का खुलासा, करोड़ों की दौलत, फ्रांस से डिग्री और पहली चुनावी परीक्षा

प्रशांत किशोर के चुनावी हलफनामे में करोड़ों की संपत्ति, शिक्षा, आय, कर्ज, पत्नी की संपत्ति और दर्ज मामलों का पूरा विवरण सामने आया। जानिए पूरी जानकारी। Prashant Kishor Property: Assets, Education & Election Affidavit प्रशांत किशोर की संपत्ति का खुलासा: करोड़ों की दौलत, फ्रांस से डिग्री और पहली चुनावी परीक्षा बिहार की राजनीति में लंबे … Read more

Prashant Kishor Property Assets, Education & Election Affidavit

प्रशांत किशोर के चुनावी हलफनामे में करोड़ों की संपत्ति, शिक्षा, आय, कर्ज, पत्नी की संपत्ति और दर्ज मामलों का पूरा विवरण सामने आया। जानिए पूरी जानकारी।

Prashant Kishor Property: Assets, Education & Election Affidavit


प्रशांत किशोर की संपत्ति का खुलासा: करोड़ों की दौलत, फ्रांस से डिग्री और पहली चुनावी परीक्षा

बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर अब खुद चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही उन्होंने अपना चुनावी हलफनामा भी प्रस्तुत किया, जिसमें उनकी चल और अचल संपत्ति, आय, कर्ज, शिक्षा और अन्य वित्तीय जानकारियां सार्वजनिक हुई हैं।

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हलफनामे में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी जाहन्वी दास के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद हलफनामे में उनके नाम कोई निजी कार दर्ज नहीं है। इसके अलावा उनकी शैक्षणिक योग्यता, आय के स्रोत और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी भी सामने आई है। आइए विस्तार से जानते हैं चुनावी हलफनामे में दर्ज महत्वपूर्ण तथ्य।


बांकीपुर उपचुनाव से शुरू हुआ नया राजनीतिक अध्याय

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर वर्षों तक विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए जाने जाते रहे हैं। कई राज्यों में चुनावी अभियानों का हिस्सा बनने के बाद अब वह स्वयं पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय उन्होंने निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी संपत्ति और अन्य विवरणों का खुलासा किया, जो चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अनिवार्य प्रक्रिया है।


चुनावी हलफनामे में सामने आई संपत्ति की तस्वीर

नकद राशि और बैंक जमा

हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर के पास लगभग 65,570 रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी जाहन्वी दास के पास 1,95,200 रुपये नकद दर्ज हैं।

इसके अलावा उनके नाम पर लगभग 7.36 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) भी दर्ज है, जो उनकी प्रमुख वित्तीय परिसंपत्तियों में शामिल है।


चल संपत्ति करोड़ों में

हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर की कुल चल संपत्ति लगभग 22.19 करोड़ रुपये है।

वहीं उनकी पत्नी जाहन्वी दास के नाम करीब 99.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति दर्ज की गई है। इसमें विभिन्न प्रकार के निवेश, बैंक जमा और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं।


अचल संपत्ति का भी बड़ा पोर्टफोलियो

हलफनामे में दर्ज जानकारी के अनुसार प्रशांत किशोर के नाम लगभग 23.70 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।

इसके अतिरिक्त उनके पास लगभग 73.87 करोड़ रुपये मूल्य की विभिन्न भूमि और संपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है। इन संपत्तियों में अलग-अलग स्थानों पर भवन और जमीन शामिल हैं।

पत्नी जाहन्वी दास के नाम भी लगभग 12.42 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति तथा अन्य अचल परिसंपत्तियां दर्ज हैं।


सात स्थानों पर भवन और संपत्तियां

हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर के पास विभिन्न स्थानों पर सात भवन या मकान हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनका रियल एस्टेट पोर्टफोलियो भी काफी विस्तृत है।

हालांकि हलफनामे में प्रत्येक संपत्ति का विस्तृत पता सार्वजनिक रूप से अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज किया जाता है।


करोड़ों की संपत्ति, लेकिन निजी कार नहीं

हलफनामे का एक रोचक तथ्य यह भी है कि प्रशांत किशोर के नाम कोई निजी कार दर्ज नहीं है।

इसी प्रकार उनकी पत्नी के नाम भी कोई निजी वाहन दर्ज नहीं किया गया है। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद वाहन का न होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।


सोना-चांदी और आभूषण

प्रशांत किशोर के पास क्या है?

हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर के पास लगभग 1.35 लाख रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी है।

पत्नी के पास अधिक आभूषण

जाहन्वी दास के पास लगभग 64.12 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और लगभग 46 हजार रुपये मूल्य की चांदी दर्ज की गई है।


प्रशांत किशोर पर कितना कर्ज है?

संपत्ति के साथ-साथ हलफनामे में देनदारियों का भी उल्लेख किया जाता है।

दर्ज विवरण के अनुसार प्रशांत किशोर पर लगभग 5.77 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। चुनावी हलफनामे में संपत्ति के साथ देनदारियों का उल्लेख पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाता है।


आय के प्रमुख स्रोत

प्रशांत किशोर की आय

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान उनकी आय लगभग 58.45 लाख रुपये दर्ज की गई है।

उनकी आय के प्रमुख स्रोत हैं—

  • व्यवसाय
  • पेशेवर सेवाएं
  • बैंक बचत खाते पर ब्याज
  • फिक्स्ड डिपॉजिट
  • डिविडेंड

पत्नी की आय

जाहन्वी दास की वार्षिक आय लगभग 40.23 लाख रुपये दर्ज की गई है।

उनकी आय के प्रमुख स्रोत हैं—

  • कंसल्टेंसी
  • किराए से आय
  • बैंक जमा पर ब्याज
  • डिविडेंड

जन सुराज पार्टी को दिया करोड़ों का दान

हलफनामे में यह भी उल्लेख है कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीतिक पार्टी जन सुराज को 10 करोड़ रुपये का दान दिया।

यह जानकारी राजनीतिक वित्तपोषण और व्यक्तिगत वित्तीय योगदान के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


शिक्षा: फ्रांस से उच्च अध्ययन

प्रशांत किशोर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी चर्चित रही है।

हलफनामे के अनुसार—

स्कूली शिक्षा

  • वर्ष 1991 में दसवीं उत्तीर्ण
  • वर्ष 1993 में पटना के साइंस कॉलेज से बारहवीं

स्नातक शिक्षा

  • वर्ष 1996 से 1999 के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक

विदेश से उच्च शिक्षा

  • वर्ष 2010 में फ्रांस के एक विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त की

उनकी शिक्षा और पेशेवर अनुभव ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक चर्चित चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान दिलाई।


क्या उनके खिलाफ मामले भी दर्ज हैं?

चुनावी हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं।

हालांकि हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इनमें किसी भी मामले में उन्हें अब तक सजा नहीं हुई है।

भारतीय चुनावी प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी मतदाताओं के सामने रखना अनिवार्य होता है ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।


चुनावी हलफनामा क्यों होता है महत्वपूर्ण?

भारत में चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को निर्वाचन आयोग के समक्ष हलफनामा दाखिल करना होता है। इसमें उम्मीदवार की—

  • चल संपत्ति
  • अचल संपत्ति
  • बैंक जमा
  • निवेश
  • देनदारियां
  • आय के स्रोत
  • शैक्षणिक योग्यता
  • लंबित आपराधिक मामले

जैसी जानकारी सार्वजनिक की जाती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं को उम्मीदवार के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना और चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।


राजनीतिक रणनीतिकार से जनप्रतिनिधि बनने की ओर

प्रशांत किशोर लंबे समय तक विभिन्न चुनाव अभियानों से जुड़े रहे हैं। अब स्वयं चुनाव लड़ना उनके राजनीतिक जीवन का नया चरण माना जा रहा है। बांकीपुर उपचुनाव उनके लिए केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि जनता के बीच अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता को परखने का अवसर भी होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी रणनीति बनाने का उनका अनुभव चुनाव प्रचार में मददगार हो सकता है, जबकि अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में होगा।


निष्कर्ष

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल चुनावी हलफनामे ने प्रशांत किशोर की वित्तीय स्थिति, शिक्षा, आय, संपत्ति और देनदारियों की विस्तृत तस्वीर सामने रखी है। हलफनामे के अनुसार उनके और उनकी पत्नी के पास करोड़ों रुपये की चल एवं अचल संपत्तियां हैं, जबकि उनके ऊपर करोड़ों रुपये का कर्ज भी दर्ज है। इसके साथ ही उनकी शैक्षणिक योग्यता, आय के स्रोत और लंबित मामलों की जानकारी भी सार्वजनिक हुई है।

चुनावी हलफनामा लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मतदाताओं को उम्मीदवारों के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराता है। अब सबकी नजरें बांकीपुर उपचुनाव पर होंगी, जहां चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर पहली बार उम्मीदवार के रूप में जनता के बीच अपनी राजनीतिक परीक्षा देंगे।

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Author: AK

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